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वक्फ संशोधन अधिनियम से गरीब मुसलमानों को मिलेगा लाभ: मुफ्ती शमून काज़मी,, पूर्व मदरसा बोर्ड अध्यक्ष बोले—वक्फ संपत्तियों को कब्जों से मुक्त कर शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए होगा उपयोग,, कांग्रेस पर लगाए वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग के आरोप, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का किया स्वागत

वक्फ संशोधन अधिनियम से गरीब मुसलमानों को मिलेगा लाभ: मुफ्ती शमून काज़मी,,

पूर्व मदरसा बोर्ड अध्यक्ष बोले—वक्फ संपत्तियों को कब्जों से मुक्त कर शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए होगा उपयोग,,

कांग्रेस पर लगाए वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग के आरोप, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का किया स्वागत

हरिद्वार। उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष मुफ्ती शमून काज़मी ने वक्फ संशोधन अधिनियम को गरीब मुसलमानों के हित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वक्फ की संपत्तियां अपने वास्तविक उद्देश्य से भटक गई थीं और उनका लाभ जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया वक्फ संशोधन अधिनियम वक्फ प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा सुधार है।

मुफ्ती शमून काज़मी ने अपने बयान में कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के लंबे शासनकाल के दौरान वक्फ बोर्ड की कई संपत्तियों का सही ढंग से संरक्षण नहीं हो सका। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर वक्फ की भूमि पर अवैध कब्जे हुए और कुछ लोगों ने निजी हितों के लिए इन संपत्तियों का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के कारण वक्फ की संपत्तियों का लाभ समाज के गरीब और जरूरतमंद तबकों तक नहीं पहुंच पाया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन अधिनियम का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों और गलत इस्तेमाल से मुक्त कराना है, ताकि उनका उपयोग समाज के व्यापक हित में किया जा सके। उनके अनुसार यदि वक्फ की जमीनों पर स्कूल, अस्पताल और अन्य जनकल्याणकारी संस्थान स्थापित किए जाते हैं तो इसका सीधा लाभ गरीब मुस्लिम परिवारों को मिलेगा और शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं मजबूत होंगी।

मुफ्ती काज़मी ने कहा कि सरकार का यह कदम पारदर्शी और जवाबदेह वक्फ व्यवस्था की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए प्रावधानों के लागू होने के बाद वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन होगा और उनका उपयोग वास्तविक उद्देश्य के अनुरूप किया जाएगा।

उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की भी सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड में भी सरकार जनहित और सुशासन की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से वक्फ संपत्तियों का संरक्षण होगा और उनका लाभ समाज के जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचेगा।

पूर्व मदरसा बोर्ड अध्यक्ष ने मुस्लिम समाज से भी अपील की कि वे वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और उनके पारदर्शी उपयोग में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि वक्फ की संपत्तियां किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि समाज की अमानत हैं और उनका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य तथा गरीबों के कल्याण के लिए होना चाहिए।

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