खानपुर रेंज में वन विभाग का बड़ा ‘ऑपरेशन’, अवैध कटान पर चला शिकंजा!,, सिकरोड़ा-नवादा के जंगलों में अचानक छापा, लकड़ी से भरी ट्रॉली, दो बाइक और दो वुड कटर जब्त,,
वन माफियाओं में मची भगदड़, फरार आरोपियों की तलाश तेज—वन अधिनियम के तहत दर्ज हुआ जुर्म, संभावित ठिकानों पर दबिश

खानपुर रेंज में वन विभाग का बड़ा ‘ऑपरेशन’, अवैध कटान पर चला शिकंजा!,,
सिकरोड़ा-नवादा के जंगलों में अचानक छापा, लकड़ी से भरी ट्रॉली, दो बाइक और दो वुड कटर जब्त,,
वन माफियाओं में मची भगदड़, फरार आरोपियों की तलाश तेज—वन अधिनियम के तहत दर्ज हुआ जुर्म, संभावित ठिकानों पर दबिश
हरिद्वार। हरिद्वार वन प्रभाग की खानपुर वन रेंज में वन विभाग ने अवैध लकड़ी कटान के खिलाफ ऐसा शिकंजा कसा कि जंगल में सक्रिय लकड़ी माफियाओं में हड़कंप मच गया। सिकरोड़ा गांव से सटे नवादा गांव के जंगलों में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर पेड़ों के अवैध कटान की सूचना पर वन विभाग की टीम ने अचानक धावा बोल दिया। कार्रवाई की भनक लगते ही कटान में शामिल लोग मौके से भाग निकले, लेकिन पीछे उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त साक्ष्य और उपकरण वन विभाग के हाथ लग गए।
वन क्षेत्रीय अधिकारी प्रियांशु पांडे को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नवादा के जंगल क्षेत्र में कुछ लोग अवैध रूप से पेड़ों का कटान कर लकड़ी को बाहर ले जाने की तैयारी में हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन क्षेत्रीय अधिकारी के नेतृत्व में विभागीय टीम ने तत्काल मौके के लिए कूच किया। टीम ने जंगल में पहुंचकर घेराबंदी करते हुए अचानक छापेमारी की।
छापेमारी में मचा हड़कंप, मौके से सामान छोड़कर भागे आरोपी
वन विभाग की टीम जैसे ही संदिग्ध क्षेत्र में पहुंची, वहां कथित रूप से अवैध कटान में जुटे लोगों में भगदड़ मच गई। आरोपी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे। हालांकि, वन विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए वे अपना काफी सामान मौके पर ही छोड़ गए।जांच के दौरान टीम को अवैध लकड़ी से भरी एक ट्रॉली, दो मोटरसाइकिल, जिनमें एक मोटरसाइकिल बिना नंबर प्लेट की बताई जा रही है, तथा लकड़ी काटने में इस्तेमाल होने वाली दो वुड कटर मशीनें बरामद हुईं। वन विभाग ने बरामद सभी सामान को नियमानुसार अपने कब्जे में लेते हुए जब्ती और सीज की कार्रवाई की। मौके से मिले वाहनों और कटान में इस्तेमाल उपकरणों को अब मामले की जांच में अहम साक्ष्य माना जा रहा है।
साक्ष्यों से खुलेगा लकड़ी के अवैध कारोबार का नेटवर्क!
वन विभाग की कार्रवाई सिर्फ मौके से सामान बरामद करने तक सीमित नहीं है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि जंगल में अवैध कटान के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे और काटी गई लकड़ी को कहां ले जाया जाना था।
वन अधिकारियों के मुताबिक मौके से बरामद सामान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध आरोपियों की पहचान की जा रही है। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि अवैध कटान किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं था।
मामले में संबंधित वन नियमों के तहत जुर्म दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभाग द्वारा आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका सामने आने के बाद कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश
वन क्षेत्रीय अधिकारी प्रियांशु पांडे ने स्पष्ट किया कि जंगलों में अवैध कटान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मौके से बरामद साक्ष्यों के आधार पर संबंधित अभियुक्तों की शिनाख्त की जा रही है।
फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। वन विभाग की टीम वाहनों और जब्त उपकरणों से जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वन माफियाओं को सीधा संदेश—जंगल काटोगे तो कार्रवाई तय!
खानपुर रेंज में हुई यह कार्रवाई वन माफियाओं के लिए साफ चेतावनी के तौर पर देखी जा रही है। वन विभाग ने जिस तरह सूचना मिलते ही बिना देरी किए जंगल में पहुंचकर कार्रवाई की, उससे अवैध कटान में सक्रिय लोगों के बीच खलबली मची हुई है।
वन क्षेत्र में पेड़ों का अवैध कटान न केवल पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि वन कानूनों का भी सीधा उल्लंघन है। ऐसे में विभाग की कार्रवाई से यह संदेश गया है कि जंगलों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ अब केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि मौके पर दबिश देकर संसाधनों की जब्ती और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी अवैध कटान और वन संपदा की चोरी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मौके से फरार हुए आरोपी कब तक कानून की पकड़ से बच पाएंगे और जांच में अवैध लकड़ी कटान के पीछे कौन-कौन से चेहरे सामने आते हैं। खानपुर रेंज की इस कार्रवाई के बाद वन माफियाओं में खौफ का माहौल है, जबकि वन विभाग की नजर अब उन तमाम लोगों पर है जो जंगल की हरियाली को काटकर अवैध कमाई का खेल चला रहे हैं।



