डीएम मयूर दीक्षित की जनसुनवाई बनी जनता की उम्मीद का मंच, 68 में 32 शिकायतों का मौके पर समाधान,, फरियादियों की बात गंभीरता से सुनी, अफसरों को दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश; CM हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर भी दिखाई सख्ती

डीएम मयूर दीक्षित की जनसुनवाई बनी जनता की उम्मीद का मंच, 68 में 32 शिकायतों का मौके पर समाधान,,
फरियादियों की बात गंभीरता से सुनी, अफसरों को दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश; CM हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर भी दिखाई सख्ती

हरिद्वार, 21 सितंबर 2026।
जनता की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की जनसुनवाई लगातार प्रभावी मंच बन रही है। सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में 68 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें 32 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
फरियादियों को राहत देने के लिए डीएम ने दिखाई तत्परता, अफसरों को दिए स्पष्ट निर्देश
जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल, राशन कार्ड, पेंशन और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बंजारेवाला ग्रंट निवासी सुरजीत सिंह ने बीमार पत्नी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता और मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद की मांग रखी। लक्सर निवासी आलम मीर ने राशन कार्ड बनवाने, सीतापुर निवासी बृजानन्द शर्मा ने वोटर आईडी अपडेट कराने तथा सूरज कुमार ने कृषि भूमि की पैमाइश कराने का अनुरोध किया।देवनगर के निवासियों ने करीब 250 मीटर लंबे खराब मार्ग के निर्माण की मांग रखी। वहीं डेंगू और स्वाइन फ्लू की रोकथाम तथा वृद्धावस्था पेंशन से संबंधित समस्याएं भी जिलाधिकारी के सामने पहुंचीं।
डीएम की प्राथमिकता—जनता को मिले समय पर समाधान
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनका व्यावहारिक और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों में स्थलीय जांच की आवश्यकता है, संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करें और विभागीय समन्वय के साथ समस्या का समाधान करें। उन्होंने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
CM हेल्पलाइन की शिकायतों पर भी डीएम की नजर
जनसुनवाई के दौरान CM हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा में L-1 स्तर पर 290 और L-2 स्तर पर 84 शिकायतें, कुल 374 शिकायतें लंबित पाई गईं। संबंधित अधिकारियों को इनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी की जनसुनवाई में अधिकारियों और फरियादियों के बीच सीधा संवाद देखने को मिला। डीएम ने हर मामले को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभाग को जिम्मेदारी सौंपी, जिससे फरियादियों में प्रशासन से समाधान की उम्मीद मजबूत हुई।
जनसुनवाई में सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, एडीएम वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार, सीएमओ डॉ. आरके सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जनता की शिकायत सुनना और उसे समाधान तक पहुंचाना—इसी सोच के साथ डीएम मयूर दीक्षित की जनसुनवाई सोमवार को भी कई फरियादियों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आई।



