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भारी बारिश के अलर्ट के चलते देहरादून में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद,, मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन का एहतियाती फैसला, 18 अगस्त को कक्षा 1 से 12 तक के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश,,

विद्यार्थियों और नन्हे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया निर्णय, आंगनबाड़ी केंद्र भी रहेंगे बंद

भारी बारिश के अलर्ट के चलते देहरादून में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद,,

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन का एहतियाती फैसला, 18 अगस्त को कक्षा 1 से 12 तक के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश,,

विद्यार्थियों और नन्हे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया निर्णय, आंगनबाड़ी केंद्र भी रहेंगे बंद

देहरादून। उत्तराखंड में जारी भारी बारिश के अलर्ट के बीच देहरादून जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए मंगलवार 18 अगस्त 2026 को जिले के कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी सरकारी, गैर सरकारी और निजी विद्यालयों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। इसके साथ ही जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी मंगलवार को बंद रहेंगे।

जिलाधिकारी/अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण देहरादून की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून और एनडीएमए के National Disaster Alert Portal से प्राप्त अद्यतन मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 18 अगस्त की मध्यरात्रि तक जनपद देहरादून में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली चमकने तथा वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना जताई गई है।

मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी संभावित अप्रिय घटना की आशंका को ध्यान में रखते हुए जिले में संचालित सभी शैक्षणिक संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है।

प्रशासन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून और जिला कार्यक्रम अधिकारी देहरादून को आदेश का सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि खराब मौसम को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। अनावश्यक रूप से बच्चों को घर से बाहर न भेजें और मौसम विभाग तथा प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों एवं निर्देशों का पालन करें।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन के तहत यह निर्णय विद्यार्थियों, शिक्षकों और छोटे बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है।

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