दीपावली से पहले हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’! 13 नमूने जांच को भेजे, रिलायंस सेंटर में मिली गंदगी…… दूध से गजक-मावे तक विभाग का शिकंजा, नारसन बॉर्डर से सिडकुल तक ताबड़तोड़ छापेमारी; कई प्रतिष्ठानों और वाहन संचालकों को नोटिस जारी

दीपावली से पहले हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’! 13 नमूने जांच को भेजे, रिलायंस सेंटर में मिली गंदगी……
दूध से गजक-मावे तक विभाग का शिकंजा, नारसन बॉर्डर से सिडकुल तक ताबड़तोड़ छापेमारी; कई प्रतिष्ठानों और वाहन संचालकों को नोटिस जारी
हरिद्वार, 28 अक्टूबर। दीपावली का त्योहार, मिठाइयों की बढ़ती मांग और मिलावट का खतरा! ऐसे में हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मोर्चा संभाल लिया है। मिलावट की आशंका और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर लगाम लगाने के लिए विभाग ने जनपद में ताबड़तोड़ निरीक्षण अभियान चलाया। दूध के टैंकरों से लेकर मिठाइयों की सप्लाई करने वाले वाहनों और बड़े डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर तक जांच का शिकंजा कसा गया। अभियान में दूध, गजक, पेड़ा, पनीर, मावा और मावा बर्फी समेत कुल 13 खाद्य नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। वहीं, नियमों में खामियां मिलने पर कई प्रतिष्ठानों और वाहन संचालकों को नोटिस जारी किए गए।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर चल रहे इस अभियान का नेतृत्व सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन महिमानंद जोशी ने किया। विभागीय टीमों ने भेड़पुर चौराहा, भगवानपुर, सिडकुल, नारसन चेक पोस्ट और हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र में निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था की जांच की।
दूध और गजक की सप्लाई पर विभाग का एक्शन
भगवानपुर के भेड़पुर चौराहे और सिडकुल क्षेत्र में खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले वाहनों की जांच के दौरान खुले दूध के चार और गजक मिठाई के दो नमूने लिए गए। इसी दौरान भगवानपुर स्थित गजक निर्माता कंपनी वैश्य इंटरप्राइजेज की कार्यप्रणाली में नियमों से जुड़ी खामियां सामने आईं।
कंपनी के इनवॉइस पर अनिवार्य एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर अंकित नहीं था। इसके अलावा गजक के पैकेट पर बैच नंबर सहित जरूरी लेबल संबंधी प्रावधानों का पालन नहीं पाया गया। विभाग ने कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया।
जांच के दौरान एक दूध वाहन संचालक मौके पर खाद्य लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। वहीं, दो वाहनों में दूध की बिक्री के दौरान उचित तापमान नियंत्रण की व्यवस्था नहीं मिली। इन मामलों में भी संबंधित वाहन संचालकों को नोटिस जारी किए गए।
सिडकुल के रिलायंस डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर में गंदगी, इम्प्रूवमेंट नोटिस
अभियान के दौरान सिडकुल स्थित रिलायंस स्टोर्स के डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर का निरीक्षण भी किया गया। यहां पेड़ा मिठाई के दो नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए लिए गए। निरीक्षण में सफाई और भंडारण व्यवस्था से जुड़ी कई खामियां सामने आईं।
तापमान नियंत्रित रखने वाले चिलर पैड गंदे पाए गए। बॉक्स के ऊपर और अंदर धूल जमा मिली। इतना ही नहीं, सफाई एवं सैनिटाइजेशन में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक और अन्य रसायन, एक्सपायरी के करीब पहुंच रहे उत्पादों तथा स्वीकृत उत्पादों के भंडारण क्षेत्रों के बीच रखे मिले।
सामान की आवाजाही करने वाले वाहनों की सफाई से संबंधित रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं थे। खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण और स्वच्छता व्यवस्था में मिली इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया।
नारसन बॉर्डर पर बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की घेराबंदी
दीपावली पर दूसरे राज्यों से आने वाली खाद्य सामग्री की जांच के लिए विभाग ने नारसन पुलिस चेक पोस्ट पर भी मोर्चा संभाला। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों कैलाश चंद्र टम्टा और कपिल देव की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर खाद्य एवं पेय पदार्थों की आपूर्ति करने वाले वाहनों की सघन जांच की।
इस दौरान दूध, पनीर, मावा और मावा बर्फी सहित चार खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। विभाग का उद्देश्य त्योहार के दौरान बाजार में पहुंचने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
मिठाई की दुकानों और कारखानों पर भी नजर
हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र में मिठाई विक्रेताओं और मिठाई निर्माण कारखानों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने मिठाइयों और बेकरी उत्पादों पर निर्माण तिथि तथा उपयोग की अंतिम तिथि प्रदर्शित करने संबंधी नियमों के अनुपालन की जांच की।
इस दौरान एक मिठाई निर्माण कारखाने से पेड़े का एक नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
13 नमूनों की रिपोर्ट पर टिकी नजरें
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई में कुल 13 विधिक नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। अब इनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, नमूने लिए जाने या निरीक्षण में अनियमितताएं मिलने का अर्थ अपने आप खाद्य पदार्थों में मिलावट प्रमाणित होना नहीं है।
विभाग ने दीपावली तक निरीक्षण, नमूना संग्रह और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
संदेश साफ है—त्योहार की मिठास में मिलावट बर्दाश्त नहीं होगी। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट बताएगी कि जांच के घेरे में आए खाद्य नमूनों की गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरती है या नहीं।



