नामांतरण वाद में तथ्य छिपाकर आख्या देना पड़ा भारी! राजस्व उपनिरीक्षक अतुल रावत निलंबित,, जेएम. मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेठ ने की सख्त कार्रवाई, राजस्व कार्यों में लापरवाही पर प्रशासन का स्पष्ट संदेश—अनियमितता मिली तो होगी कठोर कार्रवाई

नामांतरण वाद में तथ्य छिपाकर आख्या देना पड़ा भारी! राजस्व उपनिरीक्षक अतुल रावत निलंबित,,
जेएम. मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेठ ने की सख्त कार्रवाई, राजस्व कार्यों में लापरवाही पर प्रशासन का स्पष्ट संदेश—अनियमितता मिली तो होगी कठोर कार्रवाई

हरिद्वार, 10 सितंबर 2026। राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। रुड़की के संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेट ने राजस्व उपनिरीक्षक अतुल रावत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
प्रशासन के अनुसार मामला नामांतरण वाद से संबंधित है। संबंधित राजस्व उपनिरीक्षक पर प्रकरण में तथ्यों को छिपाकर आख्या प्रस्तुत किए जाने का आरोप है। इस संबंध में विभागीय कार्रवाई पहले से प्रचलित थी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट ने निलंबन की कार्रवाई की।
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि निलंबन के कारण संबंधित क्षेत्र के राजस्व कार्य प्रभावित न हों। इसके लिए संबंधित क्षेत्र का प्रभार हस्तांतरण तत्काल करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
राजस्व रिकॉर्ड में लापरवाही पर अब सीधे कार्रवाई
राजस्व अभिलेखों में दर्ज तथ्यों और अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली आख्या का सीधा असर आम लोगों के भूमि संबंधी मामलों पर पड़ता है। ऐसे में किसी न्यायिक या अर्द्धन्यायिक प्रकरण में तथ्यों की सही जानकारी उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
संयुक्त मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि राजस्व अभिलेखों और न्यायिक/अर्द्धन्यायिक मामलों में तथ्यों की सही प्रस्तुति तथा निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से प्रशासन ने यह संदेश भी देने का प्रयास किया है कि राजस्व कार्यों में जिम्मेदारी से समझौता नहीं किया जाएगा। खासकर नामांतरण और भूमि संबंधी मामलों में रिपोर्ट तैयार करते समय तथ्यों को पूरी तरह सामने रखना अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।
अब संबंधित मामले में विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



