गंगा दशहरा और वीकेंड पर हरिद्वार में ‘मेगा ट्रैफिक अलर्ट’! लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ से पहले पुलिस का मास्टर प्लान लागू,, “शहर में नहीं लगने देंगे जाम का ब्रेकडाउन” — हरिद्वार पुलिस ने 23, 24 और 25 मई के लिए लागू किया विशेष ट्रैफिक प्लान, भारी वाहनों से लेकर ऑटो-विक्रम तक पर रहेगा सख्त नियंत्रण,, “रूट बदले, पार्किंग बदली और कई रास्तों पर लगेगा डायवर्जन” — गंगा दशहरा स्नान, वीकेंड और चारधाम यात्रियों के दबाव के बीच हरिद्वार पुलिस ने नवनीत सिंह भुल्लर एसएसपी हरिद्वार की अगुवाई में जारी किया हाई अलर्ट ट्रैफिक ब्लूप्रिंट,,

इन्तजार रजा हरिद्वार- गंगा दशहरा और वीकेंड पर हरिद्वार में ‘मेगा ट्रैफिक अलर्ट’! लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ से पहले पुलिस का मास्टर प्लान लागू,,
“शहर में नहीं लगने देंगे जाम का ब्रेकडाउन” — हरिद्वार पुलिस ने 23, 24 और 25 मई के लिए लागू किया विशेष ट्रैफिक प्लान, भारी वाहनों से लेकर ऑटो-विक्रम तक पर रहेगा सख्त नियंत्रण,,
“रूट बदले, पार्किंग बदली और कई रास्तों पर लगेगा डायवर्जन” — गंगा दशहरा स्नान, वीकेंड और चारधाम यात्रियों के दबाव के बीच हरिद्वार पुलिस ने नवनीत सिंह भुल्लर एसएसपी हरिद्वार की अगुवाई में जारी किया हाई अलर्ट ट्रैफिक ब्लूप्रिंट,,

हरिद्वार, 22 मई। श्री गंगा दशहरा स्नान पर्व, वीकेंड और चारधाम यात्रा के चलते हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए हरिद्वार पुलिस ने बड़ा ट्रैफिक प्लान जारी कर दिया है। 23, 24 और 25 मई के लिए लागू इस विशेष व्यवस्था का मकसद शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना और श्रद्धालुओं को जाम जैसी परेशानियों से बचाना है। पुलिस का कहना है कि शहर की व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और स्थिति के अनुसार तत्काल डायवर्जन लागू किए जाएंगे।
हरिद्वार पुलिस ने साफ किया है कि यदि ट्रैफिक का दबाव बढ़ता है तो भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और उन्हें बॉर्डर पर ही रोक दिया जाएगा। साथ ही नगला इमरती से वाहनों को डायवर्ट कर बैरागी कैंप पार्किंग और होर्डिंग एरिया में भेजा जाएगा, जहां से ट्रैफिक सामान्य होने पर धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जाएगा।
गंगा दशहरा के दौरान चीला मार्ग को केवल ऋषिकेश से बाहर निकलने वाले वाहनों के लिए एक्जिट रूट बनाया गया है। इसके अलावा गुरुकुल कांगड़ी सर्विस लेन, सिंहद्वार और शंकराचार्य चौक से ट्रैफिक की गति नियंत्रित की जाएगी ताकि शहर के अंदर अचानक दबाव न बढ़े।
दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और पंजाब से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। सामान्य स्थिति में ये वाहन नारसन–मंगलौर–कोर कॉलेज–ख्याति ढाबा–गुरुकुल कांगड़ी–शंकराचार्य चौक होकर हरिद्वार प्रवेश करेंगे और उन्हें अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप और चमगादड़ टापू पार्किंग में भेजा जाएगा।
हालांकि यदि ट्रैफिक दबाव असामान्य रूप से बढ़ा तो इन्हीं वाहनों को नगला इमरती–लक्सर–फेरूपुर–जगजीतपुर–एसएम तिराहा–शनि चौक–मातृसदन पुलिया रूट से डायवर्ट किया जाएगा और बैरागी कैंप पार्किंग में रोका जाएगा।
उधर, देहरादून और ऋषिकेश की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी बड़ा बदलाव किया गया है। यदि यातायात दबाव बढ़ा तो देहरादून और ऋषिकेश जाने वाली प्राइवेट बसों को मोहंड मार्ग से भेजा जाएगा। पुलिस ने इसके लिए वैकल्पिक रूट पहले से चिन्हित कर दिए हैं।
नजीबाबाद और मुरादाबाद से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी छोटे और बड़े वाहनों के लिए अलग-अलग व्यवस्था बनाई गई है। छोटे वाहन चिड़ियापुर–श्यामपुर–चंडी चौकी–चंडी चौक मार्ग से आएंगे जबकि बड़े वाहनों को नीलधारा और गौरीशंकर पार्किंग में भेजा जाएगा।
सबसे अधिक असर ऑटो, विक्रम और लोकल परिवहन पर दिखाई देगा। ट्रैफिक दबाव बढ़ने पर ऋषिकेश से आने वाले ऑटो-विक्रम केवल जयराम मोड़ तक ही जा सकेंगे। वहीं ज्वालापुर, बीएचईएल और देवपुरा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए अलग डायवर्जन लागू किए जाएंगे।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि ललतारा पुल से शिवमूर्ति तक सभी प्रकार के वाहन, ऑटो, टैक्सी और विक्रम का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
सबसे महत्वपूर्ण फैसला भारी वाहनों को लेकर लिया गया है। 23 मई की रात 12 बजे से गंगा दशहरा समाप्ति तक हरिद्वार शहर क्षेत्र में सभी भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा 24 मई को रात 8 बजे से बड़ी बसों और ट्रैक्टरों को हनुमान वाटिका होते हुए चमगादड़ टापू पार्किंग में भेजा जाएगा।
पुलिस ने 24 मई की सुबह 3 बजे से दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर की ओर से आने वाली बड़ी बसों और ट्रैक्टरों को नगला इमरती से डायवर्ट कर लक्सर–जगजीतपुर मार्ग से बैरागी पार्किंग तक पहुंचाने की तैयारी की है।
हरिद्वार पुलिस ने आमजन और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक प्लान का अध्ययन करें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
गंगा दशहरा के इस बड़े स्नान पर्व पर प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ श्रद्धालुओं की सुरक्षा नहीं, बल्कि आस्था और व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना होगी। अब देखना यह होगा कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच यह मेगा ट्रैफिक प्लान कितना सफल साबित होता है।



