मुजफ्फरनगर में श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ भारत का भव्य पटाभिषेक समारोह संपन्न,, पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्रीमान संदीप खत्री का हुआ पटाभिषेक, महंत डॉ. रविंद्र पुरी ने सामाजिक समरसता और समानता का दिया संदेश,, गुरु रविदास जी के “मन चंगा तो कठौती में गंगा” संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान

मुजफ्फरनगर में श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ भारत का भव्य पटाभिषेक समारोह संपन्न,,
पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्रीमान संदीप खत्री का हुआ पटाभिषेक, महंत डॉ. रविंद्र पुरी ने सामाजिक समरसता और समानता का दिया संदेश,,
गुरु रविदास जी के “मन चंगा तो कठौती में गंगा” संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान


मुजफ्फरनगर, 20 अगस्त 2026। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ भारत के तत्वावधान में मुजफ्फरनगर में पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्रीमान संदीप खत्री जी का भव्य पटाभिषेक समारोह श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन भोपा रोड स्थित पंजाबी बारात घर, एसडी कॉलेज के सामने किया गया।
समारोह में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं माँ मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष परम पूज्य श्री महंत डॉ. रविंद्र पुरी जी का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने उपस्थित संतजनों और श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के आदर्शों और उनके अमर संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया।
महंत डॉ. रविंद्र पुरी जी ने गुरु रविदास जी के प्रसिद्ध संदेश “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु रविदास जी ने मानवता, समानता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट करने और भेदभाव से मुक्त वातावरण बनाने की प्रेरणा देते हैं।
पटाभिषेक समारोह में बड़ी संख्या में संतजन, समाजसेवी, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर वक्ताओं ने गुरु रविदास जी के जीवन, विचारों और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए समानता, सामाजिक समरसता तथा मानव कल्याण के लिए उनके आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। संतजनों एवं आयोजकों ने समारोह को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि गुरु महाराज के आशीर्वाद और संतजनों के मार्गदर्शन में आयोजित यह समारोह समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश देने वाला रहा।



