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बैरागी कैंप टीनशेड निर्माण को लेकर फैली भ्रांतियों पर पीडब्ल्यूडी ने रखे तथ्य, विभाग ने स्पष्ट की पूरी टेंडर प्रक्रिया,, एकल वैध निविदा के कारण मुख्य कार्य नई टेंडर प्रक्रिया तक स्थगित, तत्काल जरूरत के लिए सीमित कार्य कराया जा रहा,, विभाग का दावा— सभी निर्माण कार्य वित्तीय नियमों के अनुरूप, सोशल मीडिया पर अधूरी जानकारी से पैदा हुआ भ्रम

बैरागी कैंप टीनशेड निर्माण को लेकर फैली भ्रांतियों पर पीडब्ल्यूडी ने रखे तथ्य, विभाग ने स्पष्ट की पूरी टेंडर प्रक्रिया,,

एकल वैध निविदा के कारण मुख्य कार्य नई टेंडर प्रक्रिया तक स्थगित, तत्काल जरूरत के लिए सीमित कार्य कराया जा रहा,,

विभाग का दावा— सभी निर्माण कार्य वित्तीय नियमों के अनुरूप, सोशल मीडिया पर अधूरी जानकारी से पैदा हुआ भ्रम

इन्तजार रजा हरिद्वार.. बैरागी कैंप में कांवड़ मेला-2026 की तैयारियों के तहत प्रस्तावित टीनशेड निर्माण को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और टेंडर से जुड़े दस्तावेजों के बाद उठे विवाद के बीच लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पूरे मामले पर विस्तृत स्थिति स्पष्ट की है। विभाग का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री में पूरी प्रक्रिया को प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।

पीडब्ल्यूडी के अनुसार बैरागी कैंप में टीनशेड का निर्माण कांवड़ मेले के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्मिकों के अस्थायी आवास और संचालन व्यवस्था के लिए प्रस्तावित किया गया है। इस कार्य के लिए विभाग ने शासन के वित्तीय नियमों के तहत ऑनलाइन ई-टेंडर जारी किया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ई-टेंडर प्रक्रिया में दो निविदाएं प्राप्त हुईं, लेकिन तकनीकी परीक्षण के दौरान एक निविदा निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरने के कारण निरस्त कर दी गई। इसके बाद केवल एक वैध निविदा बची। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के वित्तीय नियमों के अनुसार पहली बार प्राप्त एकल वैध निविदा पर कार्य आवंटित नहीं किया जा सकता। इसी कारण मुख्य निर्माण कार्य को पुनः निविदा प्रक्रिया के लिए रखा गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जिस कार्य को लेकर चर्चा हो रही है, वह केवल लगभग 2.50 लाख रुपये का सीमित और अत्यावश्यक कार्य है। यह कार्य अधिशासी अभियंता के वित्तीय अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत कराया जा रहा है, ताकि कांवड़ मेले की तैयारियों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। विभाग का कहना है कि यह मुख्य टेंडर का विकल्प नहीं है, बल्कि केवल तत्काल आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए किया जा रहा सीमित कार्य है।

विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पूरी टेंडर प्रक्रिया और सरकारी नियमों का उल्लेख नहीं किया गया। इससे ऐसा संदेश गया मानो पूरा निर्माण कार्य बिना प्रक्रिया के कराया जा रहा हो, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। विभाग का दावा है कि प्रत्येक चरण शासन द्वारा निर्धारित नियमों, वित्तीय प्रावधानों और तकनीकी मानकों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है।

पीडब्ल्यूडी ने यह भी स्पष्ट किया कि शेष निर्माण कार्य नई निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कराया जाएगा और किसी भी स्तर पर वित्तीय नियमों से समझौता नहीं किया जाएगा। विभाग का कहना है कि कांवड़ मेला जैसे बड़े आयोजन में समयबद्ध तैयारियां भी आवश्यक हैं और वित्तीय अनुशासन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए वर्तमान व्यवस्था अपनाई गई है।

विभाग ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अधूरी या अपुष्ट जानकारियों के बजाय आधिकारिक तथ्यों पर विश्वास करें। पीडब्ल्यूडी का कहना है कि कांवड़ मेला-2026 की सभी तैयारियां पूरी पारदर्शिता और नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही हैं तथा प्रत्येक कार्य की विधिवत निगरानी की जा रही है।

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