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उधार के डेढ़ लाख रुपये बचाने के लिए कर दी दोस्त की हत्या,, नशे का ओवरडोज देकर ली जान, ज्वालापुर पुलिस ने किया सनसनीखेज़ खुलासा,, हेवी डोज इंजेक्शन देकर मौत के घाट उतारने वाला नशेड़ी दोस्त गिरफ्तार,, नशे की दुनिया की एक और खौफनाक तस्वीर पढ़ें पूरी मर्डर मिस्ट्री गिरफ्तारी तक

इन्तजार रजा हरिद्वार- उधार के डेढ़ लाख रुपये बचाने के लिए कर दी दोस्त की हत्या,,

नशे का ओवरडोज देकर ली जान, ज्वालापुर पुलिस ने किया सनसनीखेज़ खुलासा,,

हेवी डोज इंजेक्शन देकर मौत के घाट उतारने वाला नशेड़ी दोस्त गिरफ्तार,,

नशे की दुनिया की एक और खौफनाक तस्वीर पढ़ें पूरी मर्डर मिस्ट्री गिरफ्तारी तक

हरिद्वार जनपद के ज्वालापुर क्षेत्र से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां उधार के पैसे न चुकाने की नीयत ने एक युवक को इस कदर हैवान बना दिया कि उसने अपने ही जिगरी दोस्त को नशे का ओवरडोज देकर मौत के घाट उतार दिया। ज्वालापुर पुलिस ने इस सनसनीखेज़ हत्याकांड का सफल अनावरण करते हुए आरोपी नशेड़ी दोस्त को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

गुमशुदगी से हत्या तक: ऐसे खुली पूरी साजिश

दिनांक 27 दिसंबर 2025 को वैशाली देवी पत्नी दीपक भदौरिया, निवासी हरिपुर कला शांति मार्ग, थाना रायवाला, देहरादून द्वारा कोतवाली ज्वालापुर में प्रार्थना पत्र दिया गया कि उनका 25 वर्षीय पुत्र सहजल उर्फ साहिल भदौरिया 24 दिसंबर 2025 को घर से अपने दोस्त के साथ लाल पुल ज्वालापुर आया था, जिसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। इस सूचना पर कोतवाली ज्वालापुर में गुमशुदगी संख्या 67/2025 दर्ज कर पुलिस ने तलाश शुरू की।

लगातार प्रयासों के बावजूद जब युवक का कोई सुराग नहीं मिला, तभी 30 दिसंबर 2025 को पुलिस को सूचना मिली कि लाल पुल ज्वालापुर के पास झाड़ियों में एक युवक का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई की। शव की पहचान गुमशुदा सहजल उर्फ साहिल भदौरिया के रूप में हुई।

पैसे का लालच और नशे की लत बनी हत्या की वजह

शव मिलने के बाद परिजनों ने सहजल के दोस्त आर्य गिरी पुत्र विनोद गिरी, निवासी दुर्गा घाट श्मशान घाट रोड, खड़खड़ी, कोतवाली नगर हरिद्वार पर हत्या का शक जताया। परिजनों की तहरीर के आधार पर दिनांक 31 दिसंबर 2025 को गुमशुदगी के मुकदमे को गंभीर धाराओं में तरमीम करते हुए मुकदमा अपराध संख्या 764/2025 धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया। विवेचना का जिम्मा वरिष्ठ उप निरीक्षक खेमेन्द्र गंगवार को सौंपा गया।

पुलिस पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया। आरोपी आर्य गिरी ने स्वीकार किया कि वह और सहजल पुराने दोस्त थे और दोनों कपड़ों के व्यापार में साझेदारी भी कर चुके थे। इसी दौरान दोनों नशे के आदी हो गए और अक्सर इंजेक्शन से एविल व स्मैक का सेवन करने लगे।

आरोपी ने बताया कि उसे सहजल को करीब डेढ़ लाख रुपये लौटाने थे। पैसे लौटाने से बचने की नीयत से उसने खौफनाक साजिश रची। आरोपी ने एविल और स्मैक को मिलाकर एक बेहद खतरनाक ‘हेवी डोज’ तैयार की। पहले उसने खुद थोड़ी मात्रा ली और फिर बाकी पूरी डोज अपने दोस्त सहजल को इंजेक्शन के जरिए लगा दी। उसे पूरी जानकारी थी कि इतनी अधिक मात्रा में नशा जानलेवा साबित होगा।

झाड़ियों में छोड़कर स्कूटी लेकर फरार

नशे का असर होते ही सहजल झाड़ियों में गिर पड़ा और बेहोश हो गया। आरोपी को अंदेशा हो गया था कि सहजल की मौत निश्चित है। डर के मारे वह मौके से फरार हो गया और सहजल की स्कूटी लेकर अपने घर चला गया। इसके बाद जब सहजल की मां और अन्य लोग उसके बारे में पूछने आरोपी के घर पहुंचे, तो उसने घबराहट में सच छिपा लिया और स्कूटी की चाबी वापस कर दी।

यहां तक कि जब पुलिस ने प्रारंभिक पूछताछ की, तब भी आरोपी ने डर के चलते सच्चाई नहीं बताई और खुद को निर्दोष बताता रहा।

ज्वालापुर पुलिस की सटीक रणनीति, आरोपी गिरफ्त में

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने प्रभारी निरीक्षक ज्वालापुर को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में कई टीमों का गठन किया गया। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और आखिरकार दिनांक 02 जनवरी 2026 को मुखबिर की सटीक सूचना पर आरोपी आर्य गिरी को पुराना रानीपुर मोड़ रेलवे अंडरपास से गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल से नशे में प्रयुक्त सामग्री बरामद की, जिसमें एक खाली एविल 10 एमएल का इंजेक्शन, दो खाली सिरिंज सूई सहित और दो प्लास्टिक के रेपर शामिल हैं।

नशे की दुनिया की एक और खौफनाक तस्वीर

यह मामला न सिर्फ दोस्ती के नाम पर हुए विश्वासघात की कहानी है, बल्कि नशे की लत के खतरनाक परिणामों की भी भयावह मिसाल है। महज पैसों के लालच और नशे की आदत ने एक युवक की जान ले ली और दूसरे को उम्रभर के लिए अपराधी बना दिया।

फिलहाल गिरफ्तार अभियुक्त को मेडिकल परीक्षण के बाद माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। ज्वालापुर पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिसने यह साफ कर दिया है कि अपराध कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।

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