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हरिद्वार में बैंकिंग योजनाओं की समीक्षा, पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाने पर जोर,, अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता की अध्यक्षता में DLRC एवं DLCC की बैठक, सरकारी योजनाओं के ऋण आवेदनों से लेकर वितरण तक की प्रगति पर मंथन,,

कृषि, MSME और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने के निर्देश—वित्तीय समावेशन मजबूत करने और बैंकों-सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर दिया गया विशेष जोर

हरिद्वार में बैंकिंग योजनाओं की समीक्षा, पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाने पर जोर,,

अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता की अध्यक्षता में DLRC एवं DLCC की बैठक, सरकारी योजनाओं के ऋण आवेदनों से लेकर वितरण तक की प्रगति पर मंथन,,

कृषि, MSME और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने के निर्देश—वित्तीय समावेशन मजबूत करने और बैंकों-सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर दिया गया विशेष जोर

हरिद्वार, 14 अगस्त 2026। जिले में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों तक बैंकिंग सुविधाओं एवं ऋण योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाने को लेकर प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार, हरिद्वार में जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) एवं जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री वैभव गुप्ता ने की।

बैठक में जिले के विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ संबंधित सरकारी विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण की प्रगति की समीक्षा करने के साथ-साथ बैंकिंग संस्थानों और सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद और पात्र लोगों तक पहुंच सके।

बैंक और विभाग मिलकर करें प्रभावी कार्यवाही

बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) दिनेश गुप्ता ने बैंकों एवं सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी एवं रोजगारपरक योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र लाभार्थियों के ऋण आवेदनों का समय पर परीक्षण, स्वीकृति और वितरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि योजनाओं से संबंधित लंबित प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और बैंक तथा संबंधित विभाग आपसी समन्वय के माध्यम से समस्याओं का समाधान करें। इससे स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।

सरकारी प्रायोजित योजनाओं के ऋण आवेदनों की समीक्षा

बैठक के दौरान विभिन्न Government Sponsored Schemes के तहत प्राप्त ऋण आवेदनों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने ऋण आवेदनों की संख्या, स्वीकृत किए गए प्रकरणों तथा वितरित ऋण की प्रगति पर चर्चा की।प्रशासन की ओर से इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। बैंक स्तर पर लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने तथा पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।बैठक में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर भी चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों से कहा गया कि यदि किसी स्तर पर दस्तावेज, प्रक्रिया अथवा समन्वय से संबंधित समस्या आती है तो उसका समाधान आपसी तालमेल से किया जाए।

कृषि और MSME क्षेत्र को ऋण उपलब्धता पर फोकस

जिले के आर्थिक विकास में कृषि और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी MSME क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए इन क्षेत्रों में ऋण प्रवाह की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में बैंकिंग ऋण की उपलब्धता बढ़ाने तथा पात्र लोगों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई।

कृषि क्षेत्र में किसानों को आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने, वहीं MSME क्षेत्र में छोटे उद्यमियों और व्यवसायियों को बैंकिंग योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि ऋण सुविधाओं की बेहतर उपलब्धता से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

NPA प्रबंधन और वित्तीय समावेशन पर भी मंथन

बैठक में केवल नए ऋणों की समीक्षा ही नहीं, बल्कि बैंकों के NPA (Non-Performing Assets) प्रबंधन पर भी चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों से ऋण खातों की प्रभावी निगरानी तथा NPA प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया।

इसके साथ ही जिले में वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों सहित अधिक से अधिक लोगों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने, पात्र नागरिकों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने तथा सरकारी वित्तीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का आह्वान

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता ने बैठक में संबंधित बैंकों एवं सरकारी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और बैंकिंग संस्थानों की जिम्मेदारी है कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा न आए।

उन्होंने ऋण प्रस्तावों का समयबद्ध निस्तारण, पात्र लाभार्थियों तक वित्तीय सहायता की पहुंच और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही जिले के आर्थिक एवं वित्तीय विकास को गति देने के लिए सभी संबंधित संस्थाओं को सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

विकास की रफ्तार बढ़ाने में बैंकिंग तंत्र की अहम भूमिका

बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि जिले के आर्थिक विकास में बैंकिंग तंत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार, कृषि, छोटे उद्योगों और अन्य प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों को मिलने वाली वित्तीय सहायता का सीधा प्रभाव स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

प्रशासन ने सभी बैंक प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने की दिशा में लगातार कार्य करने पर जोर दिया गया।

बैठक के माध्यम से प्रशासन ने बैंकों और सरकारी विभागों के बीच समन्वय को और मजबूत करने का संदेश दिया, ताकि योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहकर वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे और हरिद्वार जिले में आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार और वित्तीय विकास को नई गति मिल सके।

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