BJP की नई राष्ट्रीय टीम में दो मुस्लिम चेहरे, यूपी चुनाव से पहले बड़ा सियासी संकेत,, नितिन नवीन की टीम में तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली को जगह, 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश,, नई राष्ट्रीय टीम में 65 पदाधिकारियों का ऐलान, 51 नए चेहरे; यूपी से शामिल दो मुस्लिम नेताओं पर सियासी हलकों की नजर

BJP की नई राष्ट्रीय टीम में दो मुस्लिम चेहरे, यूपी चुनाव से पहले बड़ा सियासी संकेत,,
नितिन नवीन की टीम में तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली को जगह, 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश,,
नई राष्ट्रीय टीम में 65 पदाधिकारियों का ऐलान, 51 नए चेहरे; यूपी से शामिल दो मुस्लिम नेताओं पर सियासी हलकों की नजर

नई दिल्ली/लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम में कई नए चेहरों को जगह दी गई है। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश से आने वाले दो मुस्लिम नेताओं—प्रोफेसर तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली—को भी राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए इन नियुक्तियों को राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कौन हैं तारिक मंसूर?
प्रोफेसर तारिक मंसूर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के पूर्व कुलपति रह चुके हैं। उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर बरकरार रखा गया है। शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उनकी पहचान के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी राजनीतिक उपयोगिता को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तारिक मंसूर की मौजूदगी को भाजपा की उस रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें पार्टी मुस्लिम समाज, खासकर पसमांदा और प्रबुद्ध मुस्लिम वर्ग तक अपनी राजनीतिक पहुंच मजबूत करने की कोशिश करती रही है। हालांकि, चुनावी रणनीति को लेकर अंतिम आकलन आने वाले महीनों में पार्टी की गतिविधियों और संदेशों से ही स्पष्ट होगा।
कुंवर बासित अली को भी राष्ट्रीय जिम्मेदारी
दूसरा प्रमुख मुस्लिम चेहरा कुंवर बासित अली हैं। वह उत्तर प्रदेश भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष रहे हैं। नई टीम में उन्हें राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। बासित अली की पहचान संगठन और जमीनी स्तर पर सक्रिय नेता के तौर पर बताई जाती है।
दोनों नेताओं का उत्तर प्रदेश से होना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा की नई टीम में यूपी को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चा के बीच इन दोनों मुस्लिम चेहरों की एंट्री ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
65 पदाधिकारियों में 51 नए चेहरे
भाजपा की घोषित नई टीम में कुल 65 राष्ट्रीय पदाधिकारियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें 51 नए चेहरे बताए गए हैं। टीम में महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक संगठनात्मक बदलाव का उद्देश्य आने वाले विधानसभा चुनावों से लेकर 2029 के लोकसभा चुनाव तक पार्टी की तैयारियों को मजबूत करना है।
नई टीम में वसुंधरा राजे, राम माधव और स्मृति ईरानी जैसे चर्चित नामों को भी महत्वपूर्ण भूमिका मिली है। इससे संकेत मिलता है कि भाजपा ने संगठन में अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।
यूपी चुनाव पर नजर, मुस्लिम वोट बैंक तक पहुंच बनाने की चुनौती
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राजनीतिक राज्य है और 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय टीम में पश्चिमी यूपी से जुड़े दो मुस्लिम नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारी मिलना पार्टी की सामाजिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, केवल संगठन में प्रतिनिधित्व मिलने से चुनावी समीकरण बदलेंगे या नहीं, यह आने वाले समय में पार्टी के अभियान, स्थानीय नेतृत्व और मुस्लिम मतदाताओं के बीच उसकी स्वीकार्यता पर निर्भर करेगा।
फिलहाल भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली की मौजूदगी ने यूपी की सियासत में एक नई चर्चा जरूर छेड़ दी है—क्या 2027 के चुनाव में भाजपा मुस्लिम समाज, खासकर पसमांदा वर्ग के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर आगे बढ़ रही है?



