जनसुनवाई में डीएम मयूर दीक्षित का सख्त संदेश: “शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें, लापरवाही पर होगी कार्रवाई,, 70 शिकायतों में 32 का मौके पर समाधान, शेष मामलों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश,, मिनी सचिवालयों और सीएम हेल्पलाइन से आई शिकायतों पर भी प्रशासन की कड़ी नजर,, डीएम मयूर दीक्षित के निर्देशन मे डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह ने शुरू की ग्राम पंचायतों को जनता दरबार से जोड़ने की नई पहल: “हर गांव की आवाज अब सीधे प्रशासन तक”

इन्तजार रजा हरिद्वार- जनसुनवाई में डीएम मयूर दीक्षित का सख्त संदेश: “शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें, लापरवाही पर होगी कार्रवाई,,
70 शिकायतों में 32 का मौके पर समाधान, शेष मामलों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश,,
मिनी सचिवालयों और सीएम हेल्पलाइन से आई शिकायतों पर भी प्रशासन की कड़ी नजर,,
डीएम मयूर दीक्षित के निर्देशन मे डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह ने शुरू की ग्राम पंचायतों को जनता दरबार से जोड़ने की नई पहल: “हर गांव की आवाज अब सीधे प्रशासन तक”
हरिद्वार, 04 मई 2026।
जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस साप्ताहिक कार्यक्रम में प्रशासन ने एक बार फिर सक्रियता दिखाते हुए कुल 70 शिकायतों को दर्ज किया, जिनमें से 32 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के लिए भेज दिया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से जुड़ी 55 शिकायतें प्रत्यक्ष रूप से दर्ज कराई गईं, वहीं 15 शिकायतें ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुईं। जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत आपूर्ति, राशन वितरण, अतिक्रमण, जलभराव और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जनसुनवाई के दौरान कई गंभीर मामले भी सामने आए। न्यू विष्णु गार्डन निवासी सचिन वर्मा ने नगर निगम की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर डेयरी संचालन और गंदगी फैलाने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने प्रशासन से कब्जा हटाने और क्षेत्र को स्वच्छ कराने की मांग की। वहीं, अहमदपुर ग्रांट निवासी सतवीर सिंह ने अपनी कृषि भूमि पर पड़ोसी काश्तकारों द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाते हुए भूमि की पैमाइश और निशानदेही कराने की मांग की।
औरंगाबाद क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य विमलेश देवी ने विद्युत आपूर्ति की गंभीर समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन महीनों से क्षेत्र में केवल 10-12 घंटे ही बिजली मिल रही है, जिससे किसानों को सिंचाई में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
एक अन्य महत्वपूर्ण मामला पेंशन से जुड़ा सामने आया, जिसमें प्रदीप कुमार धीमान ने बताया कि वह 31 मई 2025 को राजकीय प्राथमिक विद्यालय भगतनपुर से सहायक अध्यापक पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी पेंशन शुरू नहीं हुई है। इस पर संबंधित विभाग को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा, रोहलकी किशनपुर और बहादराबाद क्षेत्र से कूड़ा-करकट और अवैध गोबर के ढेर हटाने की शिकायतें भी आईं। वहीं, अतमलपुर बौंगला, शांतरशाह और खेड़ली के किसानों ने वन गुर्जरों द्वारा फसल नुकसान और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत की। सलेमपुर स्थित द्वारिका विहार कॉलोनी में जल निकासी की समस्या को लेकर भी शिकायत दर्ज की गई, जिसमें लोगों ने जलभराव से निजात दिलाने की मांग की।
इस जनसुनवाई की खास बात यह रही कि जनपद की 25 ग्राम पंचायतों में स्थापित मिनी सचिवालयों के माध्यम से भी ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराई गईं। ग्राम दुधला दयालवाला के प्रधान यशपाल सिंह ने एनएचएआई द्वारा हाईवे पर गांव का बोर्ड न लगाने की समस्या उठाई, साथ ही गंगा किनारे तटबंध निर्माण की मांग भी की। गोरधनपुर के ग्रामीणों ने उच्चतर प्राथमिक विद्यालय में जलभराव की समस्या को लेकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता है, वहां संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ मौके पर जाकर समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन शिकायतों पर ध्यान देने को कहा जो 36 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। वर्तमान में एल-1 स्तर पर 591 और एल-2 स्तर पर 111 शिकायतें लंबित हैं, जिनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। साथ ही अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे शिकायतकर्ताओं से फोन पर संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
जनसुनवाई कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, अपर उप जिलाधिकारी रुड़की हरगिरि, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने भी अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं।यह जनसुनवाई कार्यक्रम प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही का एक उदाहरण बनकर सामने आया, जिसमें न केवल बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज हुईं, बल्कि मौके पर समाधान कर लोगों को राहत भी पहुंचाई गई।



