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एलपीजी सिलेंडर पर नए नियम लागू,, अब 25 दिन बाद ही होगी घरेलू गैस की बुकिंग, कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत से होटल कारोबारियों की बढ़ी चिंता,, ईरान–इजरायल तनाव के बीच आपूर्ति संतुलन के लिए सरकार का फैसला, उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ने की आशंका

इन्तजार रजा हरिद्वार- एलपीजी सिलेंडर पर नए नियम लागू,,

अब 25 दिन बाद ही होगी घरेलू गैस की बुकिंग, कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत से होटल कारोबारियों की बढ़ी चिंता,,

ईरान–इजरायल तनाव के बीच आपूर्ति संतुलन के लिए सरकार का फैसला, उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ने की आशंका

देश में रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति व्यवस्था को देखते हुए सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब उपभोक्ता एक सिलेंडर लेने के बाद अगले सिलेंडर की बुकिंग कम से कम 25 दिन बाद ही करा सकेंगे। पहले यह नियम नहीं था और उपभोक्ता कभी भी अगला सिलेंडर बुक करा सकते थे।

सरकार का कहना है कि यह फैसला गैस की जमाखोरी, कालाबाजारी और अनियमित आपूर्ति को रोकने के लिए लिया गया है। लेकिन इस फैसले से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल और ढाबा कारोबारियों में भी चिंता बढ़ गई है। कई शहरों में कमर्शियल सिलेंडर की कमी की खबरें भी सामने आ रही हैं।


घरेलू गैस सिलेंडर बुकिंग पर 25 दिन का नया नियम

नए नियम के अनुसार यदि किसी उपभोक्ता ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर ले लिया है तो उसे अगला सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 25 दिन इंतजार करना होगा। यानी सिलेंडर लेने की तारीख से 25 दिन पूरे होने के बाद ही अगली बुकिंग संभव होगी।

पहले उपभोक्ता अपनी जरूरत के हिसाब से कभी भी सिलेंडर बुक कर सकते थे। कई लोग गैस खत्म होने से पहले ही नया सिलेंडर बुक करा लेते थे ताकि घर में गैस खत्म होने पर परेशानी न हो। लेकिन अब इस नियम के लागू होने से यह सुविधा खत्म हो गई है।

सरकार का तर्क है कि कुछ जगहों पर उपभोक्ता एक साथ कई सिलेंडर बुक कर लेते थे और बाद में उन्हें अधिक कीमत पर बेच दिया जाता था। इससे कालाबाजारी बढ़ती थी और जरूरतमंद लोगों को समय पर गैस नहीं मिल पाती थी। इसी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 25 दिन का नियम लागू किया गया है।

हालांकि कई उपभोक्ताओं का कहना है कि घरेलू सिलेंडर आमतौर पर 20 से 21 दिन के बीच खत्म हो जाता है। ऐसे में अगर गैस जल्दी खत्म हो जाए तो अगले सिलेंडर के लिए इंतजार करना मुश्किल हो सकता है।


कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत से होटल कारोबारियों की चिंता

घरेलू गैस के साथ-साथ कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। कई बड़े शहरों में होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों को सिलेंडर मिलने में दिक्कतें आ रही हैं।

होटल कारोबारियों का कहना है कि एक कमर्शियल सिलेंडर सामान्यतः दो से तीन दिन में खत्म हो जाता है। ऐसे में यदि समय पर सिलेंडर नहीं मिला तो होटल और रेस्टोरेंट का कामकाज प्रभावित हो सकता है।

हरिद्वार के एक होटल कारोबारी विभाष मिश्रा का कहना है कि होटल व्यवसाय पूरी तरह गैस पर निर्भर रहता है। यदि सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होती है तो ग्राहकों को खाना उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो होटल कारोबारियों को काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।

व्यापारियों का कहना है कि सरकार को कमर्शियल गैस की सप्लाई सुचारू रखने के लिए अलग से व्यवस्था करनी चाहिए ताकि होटल और ढाबा उद्योग प्रभावित न हो।


अंतरराष्ट्रीय हालात और गैस आपूर्ति का असर

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव का असर भी गैस आपूर्ति पर पड़ रहा है। हाल के समय में मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है।

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार यदि वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है तो इसका असर भारत सहित कई देशों की गैस व्यवस्था पर पड़ सकता है। इसी कारण सरकार घरेलू स्तर पर आपूर्ति को संतुलित रखने के लिए नए नियम लागू कर रही है।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपलब्ध गैस का वितरण सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से पहुंचे और किसी भी तरह की जमाखोरी या कृत्रिम कमी पैदा न हो।

हालांकि उपभोक्ताओं का कहना है कि इस फैसले से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ेगा। खासकर बड़े परिवारों में गैस की खपत ज्यादा होती है और सिलेंडर जल्दी खत्म हो जाता है।


उपभोक्ताओं और कारोबारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

एलपीजी सिलेंडर बुकिंग पर 25 दिन के नियम को लेकर उपभोक्ताओं और कारोबारियों की प्रतिक्रिया मिली-जुली देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे कालाबाजारी रोकने के लिए जरूरी कदम मान रहे हैं, जबकि कई लोग इसे आम जनता के लिए परेशानी बढ़ाने वाला फैसला बता रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार गैस की सप्लाई को बेहतर तरीके से नियंत्रित करती है और जरूरत के अनुसार आपूर्ति बढ़ाती है तो इस तरह के नियमों से होने वाली परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

फिलहाल नए नियम लागू होने के बाद देशभर में गैस उपभोक्ता और होटल कारोबारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि यह फैसला गैस आपूर्ति को संतुलित करने में कितना सफल साबित होता है और उपभोक्ताओं को कितनी राहत मिलती है।

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