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डीएम मयूर दीक्षित के आदेश पर दादूपुर गोविंदपुर में अवैध प्लास्टिक रीसाइक्लिंग यूनिट्स पर बड़ी कार्रवाई से कबाड़खाना संचालकों में हड़कंप,, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की छापेमारी में 5 मशीनें सील, जहरीले धुएं से परेशान थे कॉलोनीवासी डीएम हरिद्वार से लगाई थी गुहार,, शिकायत के बाद प्रशासन सख्त, अवैध प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान,, प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड का सख्त अल्टीमेटम

इन्तजार रजा हरिद्वार- डीएम मयूर दीक्षित के आदेश पर दादूपुर गोविंदपुर में अवैध प्लास्टिक रीसाइक्लिंग यूनिट्स पर बड़ी कार्रवाई से कबाड़खाना संचालकों में हड़कंप,,

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की छापेमारी में 5 मशीनें सील, जहरीले धुएं से परेशान थे कॉलोनीवासी डीएम हरिद्वार से लगाई थी गुहार,,

शिकायत के बाद प्रशासन सख्त, अवैध प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान,, प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड का सख्त अल्टीमेटम

हरिद्वार। बहादराबाद क्षेत्र के दादूपुर गोविंदपुर स्थित शिव गंगा विहार सोसाइटी में लंबे समय से फैल रहे प्लास्टिक कचरे के धुएं और दुर्गंध के खिलाफ आखिरकार प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। **हरिद्वार के जिलाधिकारी के आदेश के बाद उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित दो प्लास्टिक रीसाइक्लिंग इकाइयों पर कार्रवाई करते हुए कुल पांच मशीनों को सील कर दिया।

यह कार्रवाई उस शिकायत के बाद हुई जिसमें शिव गंगा विहार सोसाइटी के निवासियों ने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में बताया था कि इलाके में अवैध रूप से चल रही प्लास्टिक रीसाइक्लिंग इकाइयों से निकलने वाला जहरीला धुआं और दुर्गंध लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।

प्लास्टिक कचरे से बन रहे थे गुल्ले, पूरे इलाके में फैल रहा था जहरीला धुआं

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम जब दादूपुर गोविंदपुर क्षेत्र में पहुंची तो जांच में सामने आया कि कुछ स्थानों पर प्लास्टिक कचरे को पिघलाकर उससे प्लास्टिक के गुल्ले (ग्रेन्यूल) बनाए जा रहे थे। यह प्रक्रिया अत्यधिक तापमान पर की जाती है, जिससे भारी मात्रा में जहरीला धुआं निकलता है। यह धुआं आसपास की कॉलोनियों और आबादी वाले क्षेत्रों में फैल रहा था, जिससे स्थानीय लोग सांस, आंखों में जलन और बदबू की समस्या से परेशान थे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि दो स्थानों पर बिना अनुमति और बिना प्रदूषण नियंत्रण मानकों के प्लास्टिक रीसाइक्लिंग इकाइयां संचालित हो रही थीं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां लगी पांच मशीनों को सील कर दिया।

प्लास्टिक गोदामों का भी निरीक्षण, कई जगह मिली अनियमितताएं

कार्रवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने क्षेत्र में मौजूद प्लास्टिक गोदामों का भी निरीक्षण किया। इन गोदामों में सामान्य रूप से प्लास्टिक कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में छांटकर रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाता है।

जांच के दौरान पाया गया कि कई गोदामों में केवल प्लास्टिक कचरे को अलग करने का काम किया जा रहा था और वहां प्लास्टिक दाना या गुल्ला बनाने वाली मशीनें स्थापित नहीं थीं।

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध रूप से प्लास्टिक रीसाइक्लिंग का कारोबार लंबे समय से संचालित होने की शिकायतें मिलती रही हैं। कई मामलों में रात के समय मशीनें चलाकर प्लास्टिक जलाया जाता था, जिससे आसपास के इलाकों में धुआं और दुर्गंध फैल जाती थी।

जनता मिलन कार्यक्रम में उठी शिकायत, डीएम के निर्देश पर तुरंत कार्रवाई

शिव गंगा विहार सोसाइटी के निवासियों ने इस समस्या को डीएम हरिद्वार के समक्ष आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में उठाया था। लोगों ने बताया कि अवैध प्लास्टिक इकाइयों के कारण बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और कॉलोनी का वातावरण पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तुरंत उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय रुड़की को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसी के तहत बुधवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने दादूपुर गोविंदपुर में औचक निरीक्षण कर अवैध इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम दिया।

प्रदूषण फैलाने वालों पर आगे भी होगी सख्त कार्रवाई

इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. राजेन्द्र सिंह और वैज्ञानिक सहायक सुनील डबराल सहित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने बताया कि दादूपुर गोविंदपुर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लास्टिक रीसाइक्लिंग इकाइयों से जुड़े प्रदूषण की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि डीएम के निर्देशों के अनुसार ऐसे उद्योगों पर निगरानी और कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

यदि कोई उद्योग बिना अनुमति या पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाया गया तो उसके खिलाफ सीलिंग, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों को मिली राहत

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद शिव गंगा विहार सोसाइटी और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से वे इस समस्या से जूझ रहे थे और कई बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही थी।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे अवैध उद्योगों पर नियमित निगरानी रखनी चाहिए ताकि भविष्य में फिर से इस तरह का प्रदूषण फैलाने वाला कारोबार शुरू न हो सके।

पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा हैं अवैध प्लास्टिक रीसाइक्लिंग इकाइयां

पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार बिना अनुमति और बिना प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के संचालित प्लास्टिक रीसाइक्लिंग इकाइयां वातावरण में खतरनाक गैसें छोड़ती हैं। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

दादूपुर गोविंदपुर में हुई यह कार्रवाई न केवल स्थानीय लोगों के लिए राहत है बल्कि यह संकेत भी देती है कि प्रशासन अब अवैध प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी साफ किया है कि भविष्य में भी ऐसे उद्योगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखी जाएगी, ताकि पर्यावरण और आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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