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14 सेमी की विशाल पथरी निकालकर डॉक्टरों ने रचा इतिहास,, ⚕️ हाई-रिस्क केस को 2 घंटे में सफल सर्जरी से दी नई जिंदगी,, 🏥 कई अस्पतालों ने किया था इनकार, बहादराबाद के जया मैक्सवेल हॉस्पिटल में मिला जीवनदान

इन्तजार रजा हरिद्वार 🚨 14 सेमी की विशाल पथरी निकालकर डॉक्टरों ने रचा इतिहास,,
⚕️ हाई-रिस्क केस को 2 घंटे में सफल सर्जरी से दी नई जिंदगी,,
🏥 कई अस्पतालों ने किया था इनकार, बहादराबाद के जया मैक्सवेल हॉस्पिटल में मिला जीवनदान


हरिद्वार जनपद के बहादराबाद क्षेत्र से एक ऐसी चिकित्सा सफलता की खबर सामने आई है, जिसने न केवल डॉक्टरों की विशेषज्ञता को साबित किया है, बल्कि गंभीर मरीजों के लिए नई उम्मीद भी जगाई है। बहादराबाद स्थित जया मैक्सवेल हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम ने एक बेहद जटिल और हाई-रिस्क सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए मरीज के मूत्राशय से 14 सेंटीमीटर की विशाल पथरी निकालकर उसकी जान बचा ली।

यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि मरीज लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था। उसे पेशाब में तेज जलन, असहनीय दर्द और खून आने जैसी समस्याएं लगातार परेशान कर रही थीं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी थी कि उसकी दिनचर्या तक प्रभावित हो गई थी। जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि मरीज के मूत्राशय में असामान्य रूप से बड़ी पथरी मौजूद है, जिसका आकार करीब 14 सेंटीमीटर था—जो सामान्य मामलों की तुलना में कई गुना अधिक बड़ा और खतरनाक था।

मरीज की मेडिकल हिस्ट्री इस केस को और अधिक जटिल बना रही थी। उसे पहले से ट्यूबरकुलर मेनिनजाइटिस की वजह से पैरालिसिस हो चुका था, जिसके चलते उसकी शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक थी। इतना ही नहीं, उसकी पहले वीपी (वेंट्रिकुलो-पेरिटोनियल) शंट सर्जरी भी हो चुकी थी, जो मस्तिष्क में दबाव को नियंत्रित करने के लिए की जाती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की सर्जरी करना बेहद जोखिम भरा था।

परिवार वालों ने बेहतर इलाज की उम्मीद में कई बड़े अस्पतालों का रुख किया, लेकिन मरीज की जटिल स्थिति को देखते हुए कम से कम तीन प्रतिष्ठित अस्पतालों ने ऑपरेशन करने से साफ इनकार कर दिया। डॉक्टरों का मानना था कि इस स्थिति में न केवल सर्जरी बल्कि एनेस्थीसिया देना भी जानलेवा साबित हो सकता है।

इसी बीच मरीज को बहादराबाद स्थित जया मैक्सवेल हॉस्पिटल लाया गया, जहां यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सर्जन ने केस की गंभीरता को समझते हुए चुनौती स्वीकार की। उन्होंने अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ मरीज की स्थिति का गहन अध्ययन किया और एक सटीक सर्जिकल प्लान तैयार किया।

करीब दो घंटे तक चली इस हाई-रिस्क सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने बेहद सावधानी और सटीकता के साथ काम किया। हर कदम पर मरीज की स्थिति की निगरानी की गई और संभावित जोखिमों को ध्यान में रखते हुए पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित किया गया। आखिरकार टीम ने सफलता हासिल करते हुए 14 सेंटीमीटर की विशाल पथरी को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया।

सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। उसे पेशाब से संबंधित समस्याओं में राहत मिलने लगी है और धीरे-धीरे वह रिकवरी की ओर बढ़ रहा है। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है और जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होने की उम्मीद जताई जा रही है।

अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता को टीम वर्क, आधुनिक तकनीक और सटीक योजना का परिणाम बताया है। उनका कहना है कि यह ऑपरेशन उन मरीजों के लिए एक मिसाल है, जिन्हें अक्सर “हाई रिस्क” बताकर इलाज से वंचित कर दिया जाता है। सही समय पर सही निर्णय और अनुभवी डॉक्टरों की टीम किसी भी चुनौती को अवसर में बदल सकती है।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि यदि हिम्मत, विशेषज्ञता और समर्पण हो, तो असंभव लगने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। बहादराबाद से आई यह खबर न केवल चिकित्सा जगत के लिए गर्व की बात है, बल्कि उन तमाम मरीजों के लिए उम्मीद की किरण है, जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और इलाज की राह तलाश रहे हैं।

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