2000-02 बैच के पुलिसकर्मियों को ₹4600 ग्रेड पे देने की उठी जोरदार मांग,, 🔵 राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले जवानों के साथ वेतन असमानता पर सवाल,, 🟠 अधिवक्ता कमल भदौरिया ने मुख्यमंत्री को भेजा प्रार्थना पत्र, शीघ्र निर्णय की अपील

इन्तजार रजा हरिद्वार 🟢 2000-02 बैच के पुलिसकर्मियों को ₹4600 ग्रेड पे देने की उठी जोरदार मांग,,
🔵 राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले जवानों के साथ वेतन असमानता पर सवाल,,
🟠 अधिवक्ता कमल भदौरिया ने मुख्यमंत्री को भेजा प्रार्थना पत्र, शीघ्र निर्णय की अपील

हरिद्वार/देहरादून, 05 मई 2026।
उत्तराखंड में वर्ष 2000, 2001 और 2002 में नियुक्त पुलिसकर्मियों को ₹4600 ग्रेड पे दिए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। राज्य गठन के शुरुआती वर्षों में सेवा देने वाले इन पुलिसकर्मियों के हित में अधिवक्ता कमल भदौरिया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक विस्तृत प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि जब वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ, तब नवगठित प्रदेश में कानून-व्यवस्था स्थापित करना एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे कठिन समय में वर्ष 2000, 2001 और 2002 में भर्ती हुए पुलिसकर्मियों ने सीमित संसाधनों और विषम परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी निभाते हुए राज्य को स्थिरता प्रदान की। इन जवानों ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि राज्य की प्रशासनिक नींव को भी सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
इसके बावजूद, वर्तमान समय में इन पुलिसकर्मियों को जो वेतनमान दिया जा रहा है, वह उनके अनुभव और सेवा के अनुरूप नहीं बताया जा रहा। मांग उठाई गई है कि उन्हें ₹4600 ग्रेड पे के स्थान पर कम ग्रेड पे दिया जाना उनके साथ आर्थिक अन्याय है। इससे न केवल उनके अधिकार प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि उनका मनोबल भी गिर रहा है।
अधिवक्ता कमल भदौरिया ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि बढ़ती महंगाई के इस दौर में कम वेतन पर परिवार का भरण-पोषण करना इन पुलिसकर्मियों के लिए बेहद कठिन हो गया है। पुलिस विभाग में कार्यरत जवान दिन-रात ड्यूटी करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ वीआईपी सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें उनके योगदान के अनुरूप वेतनमान नहीं मिल पा रहा है।
प्रार्थना पत्र में यह भी याद दिलाया गया है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व में घोषणा की थी कि यदि वे सत्ता में आते हैं तो इन पुलिसकर्मियों को ₹4600 ग्रेड पे प्रदान किया जाएगा। ऐसे में इस वादे को पूरा करने की मांग को लेकर अब आवाज तेज हो गई है।
कमल भदौरिया का कहना है कि यह केवल वेतन वृद्धि का मामला नहीं है, बल्कि यह उन पुलिसकर्मियों के सम्मान और अधिकार से जुड़ा मुद्दा है, जिन्होंने राज्य निर्माण के शुरुआती दौर में अपनी सेवाएं देकर महत्वपूर्ण योगदान दिया। यदि सरकार इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेती है, तो इससे न केवल पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उनकी कार्यक्षमता में भी सुधार देखने को मिलेगा।
हरिद्वार जनपद के कनखल क्षेत्र निवासी कमल भदौरिया ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह इन पुलिसकर्मियों की सेवा अवधि, अनुभव और वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें ₹4600 ग्रेड पे प्रदान करे।
इस मांग को लेकर पुलिसकर्मियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। कई सेवानिवृत्त और वर्तमान कर्मचारी इस पहल को उचित ठहराते हुए सरकार से जल्द निर्णय लेने की उम्मीद जता रहे हैं। उनका मानना है कि यदि राज्य निर्माण के दौरान अहम भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों के साथ न्याय होता है, तो यह सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को भी दर्शाएगा।
वहीं, जानकारों का मानना है कि यदि सरकार इस मांग को स्वीकार करती है, तो इससे राज्य के हजारों पुलिसकर्मियों को सीधा लाभ मिल सकता है। हालांकि, इसके वित्तीय प्रभावों को देखते हुए सरकार को संतुलित निर्णय लेना होगा।
फिलहाल, यह मुद्दा फिर से चर्चा में है और अब सभी की नजरें मुख्यमंत्री कार्यालय पर टिकी हैं कि इस महत्वपूर्ण मांग पर क्या फैसला लिया जाता है। यदि सरकार सकारात्मक कदम उठाती है, तो यह राज्य के पुलिसकर्मियों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है।



