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धनौरी क्षैत्र में बिजली चोरों पर ‘ऑपरेशन करंट स्ट्राइक’! विजिलेंस और ऊर्जा निगम की ताबड़तोड़ छापेमारी से मचा हड़कंप, 25 मामलों ने खोली ग्रामीण बिजली चोरी की बड़ी पोल,, “कटिया डालकर चल रहा था चोरी का खेल, एक साथ तीन गांवों में टूटी कार्रवाई की बिजली” — कोटा मुरादनगर, सोहलपुर और रांघड़वाला में विजिलेंस टीम का बड़ा एक्शन, दर्जनों घरों में पकड़ी गई बिजली चोरी,, “अब नहीं चलेगी फ्री की बिजली!” — ऊर्जा निगम का सख्त संदेश, मुकदमे और भारी जुर्माने की तैयारी; अफसर बोले- ‘बिजली चोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा’,,

इन्तजार रजा हरिद्वार- धनौरी क्षैत्र में बिजली चोरों पर ‘ऑपरेशन करंट स्ट्राइक’! विजिलेंस और ऊर्जा निगम की ताबड़तोड़ छापेमारी से मचा हड़कंप, 25 मामलों ने खोली ग्रामीण बिजली चोरी की बड़ी पोल,,

“कटिया डालकर चल रहा था चोरी का खेल, एक साथ तीन गांवों में टूटी कार्रवाई की बिजली” — कोटा मुरादनगर, सोहलपुर और रांघड़वाला में विजिलेंस टीम का बड़ा एक्शन, दर्जनों घरों में पकड़ी गई बिजली चोरी,,

“अब नहीं चलेगी फ्री की बिजली!” — ऊर्जा निगम का सख्त संदेश, मुकदमे और भारी जुर्माने की तैयारी; अफसर बोले- ‘बिजली चोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा’,,

धनौरी/हरिद्वार। धनौरी क्षेत्र में गुरुवार को ऊर्जा निगम और विजिलेंस की संयुक्त कार्रवाई ने पूरे इलाके में ऐसा झटका दिया कि बिजली चोरी के नेटवर्क में मानो भूचाल आ गया। कोटा मुरादनगर, सोहलपुर और रांघड़वाला गांवों में एक साथ हुई मेगा छापेमारी ने उन लोगों के बीच खलबली मचा दी, जो लंबे समय से कटिया डालकर या अवैध कनेक्शन के जरिए बिजली चोरी के खेल को अंजाम दे रहे थे। कार्रवाई इतनी तेज और व्यापक थी कि गांवों में कुछ ही देर में इसकी चर्चा हर गली-मोहल्ले तक पहुंच गई।

ऊर्जा निगम और विजिलेंस की टीम ने संयुक्त अभियान के तहत तीनों गांवों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। जांच के दौरान कई घरों में बिजली के मीटर को दरकिनार कर सीधे लाइन से कटिया डालकर बिजली इस्तेमाल करने के मामले सामने आए। टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए कुल 25 मामलों को चिन्हित किया और बिजली चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर ली।

बताया जा रहा है कि छापेमारी की शुरुआत होते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग अचानक टीम को देखकर इधर-उधर भागते नजर आए, जबकि कुछ घरों में आनन-फानन में अवैध तार हटाने की कोशिशें भी की गईं। लेकिन विजिलेंस टीम की सतर्कता के सामने यह कोशिशें ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। टीम ने मौके पर ही पूरे साक्ष्य जुटाए और बिजली चोरी से जुड़े मामलों को दर्ज कर लिया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में बिजली चोरी कोई नया मामला नहीं है, लेकिन इस बार जिस तरह से एक साथ कई गांवों में कार्रवाई हुई, उसने पूरे नेटवर्क को हिला दिया। कई लोगों का कहना है कि लंबे समय से कुछ लोग अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे एक तरफ ऊर्जा निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा था तो दूसरी ओर ईमानदारी से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था।

ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अब ऐसे मामलों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। पकड़े गए लोगों के खिलाफ बिजली अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही आरोपियों पर भारी-भरकम जुर्माना लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इस पूरे अभियान को लेकर एसडीओ अश्वनी कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी पर रोक लगाने के लिए विभाग लगातार सघन चेकिंग अभियान चला रहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि बिजली चोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विभाग की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

कार्रवाई में विजिलेंस और ऊर्जा निगम के कई अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। टीम में इंस्पेक्टर मारूत शाह, इंस्पेक्टर सरिता भट्ट, एसआई संजीव त्यागी, एई धन्नजय, एई विकास कुमार, एसडीओ अश्वनी कुमार, जेई योगेंद्र रावत और लाइन स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह कार्रवाई सिर्फ बिजली चोरी पकड़ने तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे ऊर्जा निगम की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत लगातार बढ़ रही लाइन लॉस और राजस्व नुकसान को रोकने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि अगर समय रहते ऐसे नेटवर्क पर सख्ती नहीं हुई तो इसका सीधा असर बिजली व्यवस्था और आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

धनौरी में हुई यह कार्रवाई अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। गांवों में लोग एक-दूसरे से यही सवाल पूछते दिखाई दिए कि आखिर अगली कार्रवाई किस इलाके में होगी। फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि ऊर्जा निगम ने साफ संकेत दे दिया है — अब बिजली चोरी का खेल ज्यादा दिन तक चलने वाला नहीं है।

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