उत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरें

ग्रीनफील्ड हाईवे के लिए बड़ा प्रशासनिक एक्शन! लक्सर के 12 गांवों में जमीनों की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक, किसानों और भू-माफियाओं में मची हलचल,, “अब न होगी रजिस्ट्री, न बदलेगा भूमि उपयोग” — डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर प्रशासन सख्त, ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी तेज,, “अनाधिकृत निर्माण करने वालों पर भी कसेगा शिकंजा” — राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के प्रभावित क्षेत्रों में धारा-3ए की कार्रवाई पूरी होने तक सभी प्रकार के निर्माण और भूमि परिवर्तन पर प्रतिबंध,,

ग्रीनफील्ड हाईवे के लिए बड़ा प्रशासनिक एक्शन! लक्सर के 12 गांवों में जमीनों की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक, किसानों और भू-माफियाओं में मची हलचल,,

“अब न होगी रजिस्ट्री, न बदलेगा भूमि उपयोग” — डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर प्रशासन सख्त, ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी तेज,,

“अनाधिकृत निर्माण करने वालों पर भी कसेगा शिकंजा” — राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के प्रभावित क्षेत्रों में धारा-3ए की कार्रवाई पूरी होने तक सभी प्रकार के निर्माण और भूमि परिवर्तन पर प्रतिबंध,,

हरिद्वार। प्रस्तावित पानीपत-गोरखपुर ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना को लेकर हरिद्वार प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में तहसील लक्सर क्षेत्र के 12 गांवों में भूमि खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री, बैनामा और भूमि उपयोग परिवर्तन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। प्रशासन के इस फैसले के बाद प्रभावित गांवों में हलचल तेज हो गई है, वहीं भूमि कारोबार से जुड़े लोगों में भी बेचैनी देखी जा रही है।

विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी आकाश जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) रुड़की द्वारा पानीपत से गोरखपुर तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे (शामली-पुवायाँ फेज-1) के अंतर्गत किलोमीटर 20 से 32 तक भूमि अर्जन की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसी क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा-3ए के तहत अधिसूचना संबंधी कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन द्वारा जिन 12 गांवों को इस आदेश के दायरे में शामिल किया गया है, उनमें मदारपुर, मिर्जापुर उर्फ मोहनवाला, पौडोवाली, टांडा जलालपुर, प्रहलादपुर, रघुनाथपुर उर्फ बालावाली, बालचंदवाला, अलामपुर, हस्तमौली, शाहपुर, गिद्धावाली और कलसिया शामिल हैं। इन गांवों में अब कोई भी व्यक्ति जमीन की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री या कृषि भूमि को गैर-कृषि भूमि में परिवर्तित नहीं कर सकेगा।

प्रशासन का मानना है कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान अक्सर जमीनों की खरीद-फरोख्त और भूमि उपयोग परिवर्तन के मामले सामने आते हैं, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में बाधाएं उत्पन्न होती हैं। यही कारण है कि पहले ही सख्ती बरतते हुए प्रतिबंध लागू किया गया है ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद या कानूनी अड़चन पैदा न हो।

भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों पर भी पड़ेगी मार

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का अनाधिकृत निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई व्यक्ति आदेशों की अनदेखी कर निर्माण कार्य करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि इस निर्णय से अवैध प्लाटिंग और कॉलोनियां विकसित करने वाले तत्वों पर भी बड़ा असर पड़ेगा।

क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना

पानीपत-गोरखपुर ग्रीनफील्ड हाईवे को उत्तर भारत की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है। इस हाईवे के निर्माण से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा तथा व्यापार, परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

प्रशासन ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार के भूमि संबंधी लेन-देन या निर्माण कार्य से पहले प्रशासनिक आदेशों की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।

लक्सर क्षेत्र में लागू इस प्रतिबंध को ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना के लिए प्रशासन की बड़ी तैयारी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और तेज होने की संभावना है, जिस पर प्रभावित गांवों के लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।

Related Articles

Back to top button