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कलियर के आसफनगर से पाकिस्तान कनेक्शन का सनसनीखेज खुलासा! 15 बैंक खातों के जरिए करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन का जाल, सोनम गिरफ्तार, कई और रडार पर,, “व्हाट्सएप कॉल पर मिलते थे पाकिस्तान से निर्देश” — जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच में सामने आया बड़ा नेटवर्क, खातों में पैसा आते ही दूसरे अकाउंट में किया जाता था ट्रांसफर,, “आर्थिक तंगी बनी जाल का जरिया या बड़ी साजिश का हिस्सा?” — कलियर की युवती सोनम गिरफ्तार, 20 लाख से अधिक रकम ट्रांसफर करने की बात सामने आई, अन्य संदिग्धों की तलाश जारी,,

कलियर के आसफनगर से पाकिस्तान कनेक्शन का सनसनीखेज खुलासा! 15 बैंक खातों के जरिए करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन का जाल, सोनम गिरफ्तार, कई और रडार पर,,

“व्हाट्सएप कॉल पर मिलते थे पाकिस्तान से निर्देश” — जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच में सामने आया बड़ा नेटवर्क, खातों में पैसा आते ही दूसरे अकाउंट में किया जाता था ट्रांसफर,,

“आर्थिक तंगी बनी जाल का जरिया या बड़ी साजिश का हिस्सा?” — कलियर की युवती सोनम गिरफ्तार, 20 लाख से अधिक रकम ट्रांसफर करने की बात सामने आई, अन्य संदिग्धों की तलाश जारी,,

हरिद्वार/कलियर। हरिद्वार के पिरान कलियर क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा कलियर क्षेत्र के आसफनगर गांव की रहने वाली सोनम नामक युवती की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान से जुड़े कथित आर्थिक नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवती कई बैंक खातों के माध्यम से संदिग्ध लेनदेन कर रही थी और उसके तार पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलरों से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार किए गए एक संदिग्ध युवक राहुल खान से शुरू हुआ। उसकी गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले तो कई बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का खुलासा हुआ। इन्हीं दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच टीम उत्तराखंड पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से सोनम को हिरासत में लिया गया।

सूत्रों के मुताबिक सोनम के पास लगभग 15 ऐसे बैंक खाते संचालित करने की जानकारी मिली है जो उसके स्वयं के नाम पर नहीं थे। इन खातों में बड़ी मात्रा में धनराशि जमा होती थी और फिर निर्देश मिलने पर रकम को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित किया जाता था। जांच एजेंसियों का दावा है कि अब तक लगभग 20 लाख रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर किए जाने के संकेत मिले हैं, जबकि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि जैसे ही किसी खाते में पैसा आता था, सोनम को व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना मिल जाती थी। इसके बाद वह एटीएम या बैंक शाखा पहुंचकर रकम निकालती और निर्देशित खातों में जमा कर देती थी। जांच में यह भी पता चला है कि खाते ब्लॉक होने की स्थिति में नए खाते और एटीएम कार्ड उपलब्ध करा दिए जाते थे। इससे नेटवर्क की संगठित कार्यप्रणाली का अंदाजा लगाया जा रहा है।

पुलिस पूछताछ में सोनम ने आर्थिक संकट का हवाला दिया है। उसने बताया कि गांव की ही एक सहेली ने उसकी पहचान उमर नामक युवक से कराई थी। शुरुआत में सामान्य बातचीत हुई, लेकिन धीरे-धीरे उसे पैसों के लेनदेन का काम सौंपा गया। बाद में आदिल और हजीब नामक अन्य व्यक्तियों से भी उसकी बातचीत कराई गई। सोनम का कहना है कि उसने इनमें से किसी को कभी प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा और पूरा संपर्क केवल व्हाट्सएप कॉल के जरिए होता था।

जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इन खातों में आने वाला पैसा कहां से आता था और उसका अंतिम उपयोग क्या था। यह भी जांच का विषय है कि क्या यह केवल हवाला या अवैध वित्तीय लेनदेन का मामला है अथवा इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं इस धनराशि का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों में तो नहीं किया जा रहा था।

कलियर क्षेत्र में इस गिरफ्तारी के बाद हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना यह मामला अब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जांच का रूप ले चुका है। सूत्रों के अनुसार सोनम की गिरफ्तारी के बाद कुछ अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं और उनकी तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस और उत्तराखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद अब प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियां भी पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल भुगतान के अन्य माध्यमों की गहन जांच की जा रही है।

फिलहाल सोनम से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। कलियर से शुरू हुआ यह मामला अब केवल एक युवती की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके तार अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैले होने की आशंका ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड में ला दिया है।अब सबकी निगाहें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि सवाल केवल करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन का नहीं, बल्कि उन लोगों तक पहुंचने का है जो पर्दे के पीछे बैठकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।

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