उत्तराखंड में अवैध कब्जों पर सरकार का बड़ा प्रहार! 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि कराई गई अतिक्रमण मुक्त,, “सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को नहीं मिलेगी कोई रियायत” — मुख्यमंत्री धामी सरकार ने कानून के राज का दिया स्पष्ट संदेश,, राजस्व, वन, सिंचाई और अन्य विभागों की भूमि से हटाए गए हजारों अवैध कब्जे, सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर अभियान जारी

उत्तराखंड में अवैध कब्जों पर सरकार का बड़ा प्रहार! 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि कराई गई अतिक्रमण मुक्त,,
“सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को नहीं मिलेगी कोई रियायत” — मुख्यमंत्री धामी सरकार ने कानून के राज का दिया स्पष्ट संदेश,,
राजस्व, वन, सिंचाई और अन्य विभागों की भूमि से हटाए गए हजारों अवैध कब्जे, सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर अभियान जारी
देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी भूमि पर वर्षों से जमे अवैध कब्जों के खिलाफ राज्य सरकार का अभियान लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत अब तक प्रदेशभर में 12,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया जा चुका है। सरकार इसे केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि कानून व्यवस्था को मजबूत करने और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार राजस्व, वन, सिंचाई, लोक निर्माण, नगर निकाय तथा अन्य विभागों की भूमि पर वर्षों से किए गए अवैध कब्जों को चिन्हित कर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासनों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य की भूमि जनता की संपत्ति है और उसकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में कानून का राज स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति या समूह को अवैध कब्जों के मामले में संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ कब्जामुक्त कराई गई भूमि का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि भविष्य में दोबारा अवैध कब्जे न हो सकें। इसके लिए संबंधित विभागों को सीमांकन, बाड़बंदी और नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।प्रदेश के विभिन्न जिलों में चल रही इस कार्रवाई को आम जनता का भी समर्थन मिल रहा है। लंबे समय से सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को लेकर शिकायतें उठती रही हैं। अब बड़े पैमाने पर हो रही कार्रवाई के बाद लोगों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि सरकारी संपत्तियों की रक्षा और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा तथा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई भी जारी रहेगी। राज्य सरकार का मानना है कि विकास परियोजनाओं, जनसुविधाओं और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए सरकारी भूमि का सुरक्षित रहना अत्यंत आवश्यक है।प्रदेश में चल रहा यह अभियान अब उत्तराखंड में सुशासन, पारदर्शिता और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की एक महत्वपूर्ण मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।



