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काठा पीर मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब! 3 जून को हजारों जायरीनों की आमद से गुलजार हुआ काटा पीर मेला क्षेत्र,, 4 जून को मेले की चर्चा निकली अफवाह, 3 जून को ही उमड़ी रिकॉर्ड भीड़; सड़कों पर लगा लंबा जाम, बाजारों में लौट आई रौनक,, दुकानदारों के चेहरे खिले, पुलिस व्यवस्था की सराहना; पार्किंग और यातायात प्रबंधन को लेकर व्यवस्था और बेहतर करने की मांग 

काठा पीर मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब! 3 जून को हजारों जायरीनों की आमद से गुलजार हुआ काटा पीर मेला क्षेत्र,,

4 जून को मेले की चर्चा निकली अफवाह, 3 जून को ही उमड़ी रिकॉर्ड भीड़; सड़कों पर लगा लंबा जाम, बाजारों में लौट आई रौनक,,

दुकानदारों के चेहरे खिले, पुलिस व्यवस्था की सराहना; पार्किंग और यातायात प्रबंधन को लेकर व्यवस्था और बेहतर करने की मांग

इन्तजार रजा हरिद्वार/पथरी.. हजरत शाह मोहम्मद शाह काठा पीर मेले में बुधवार 3 जून को आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा मेला क्षेत्र जायरीनों और श्रद्धालुओं से भर गया। दूर-दराज़ क्षेत्रों से पहुंचे हजारों लोगों ने दरगाह पर हाजिरी लगाई और मेले का आनंद लिया। भारी भीड़ के चलते मेले के आसपास की सड़कें वाहनों से पट गईं और कई स्थानों पर लंबा जाम देखने को मिला।पिछले कई दिनों से क्षेत्र में यह चर्चा चल रही थी कि मेला 4 जून को अपने चरम पर पहुंचेगा, लेकिन 3 जून को ही भारी भीड़ ने इस चर्चा को पूरी तरह गलत साबित कर दिया। सुबह से लेकर देर रात तक मेले में लोगों की आवाजाही बनी रही और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया।

जाम से जूझते रहे लोग

भीड़ बढ़ने के साथ ही यातायात व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ गया। मेले की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई श्रद्धालुओं को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को हुई।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पार्किंग की बेहतर व्यवस्था पहले से की जाती तो यातायात की समस्या काफी हद तक कम हो सकती थी। उनका मानना है कि मेले के मुख्य क्षेत्र से दूर अस्थायी पार्किंग स्थल विकसित किए जाने चाहिए थे।

व्यापारियों के लिए राहत भरा दिन

मेले में उमड़ी भारी भीड़ का सबसे अधिक लाभ स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी संचालकों को मिला। कई दुकानदारों का कहना है कि शुरुआती दिनों में अपेक्षित भीड़ नहीं पहुंचने से कारोबार प्रभावित हुआ था, लेकिन 3 जून को हुई अच्छी आमद ने उनकी उम्मीदों को फिर से जगा दिया।खाने-पीने की दुकानों, खिलौनों, घरेलू सामान और अन्य स्टालों पर दिनभर ग्राहकों की भीड़ लगी रही। देर रात तक मेले का बाजार पूरी तरह गुलजार रहा।

किसानों ने जताई चिंता

मेले में आने वाले वाहनों और भीड़ का असर आसपास के किसानों पर भी पड़ा। कुछ किसानों का कहना है कि खेतों के नजदीक वाहनों की पार्किंग और लोगों की आवाजाही बढ़ने से उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने भविष्य में बेहतर प्रबंधन और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था बनाने की मांग की है।

पुलिस व्यवस्था की हुई सराहना

मेले में जल सेवा कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता मौ. सलीम ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारी भीड़ के बावजूद पुलिसकर्मी लगातार मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करते रहे और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सफल रहे।उन्होंने कहा कि मेले के दौरान किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जो प्रशासन की सतर्कता और पुलिस की मेहनत का परिणाम है।

मेला अवधि बढ़ाने की चर्चाएं तेज

मेले में उमड़ी भीड़ के बीच क्षेत्र में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि मेले की अवधि बढ़ाने को लेकर विचार किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

व्यापारियों का मानना है कि यदि मेले की अवधि बढ़ाई जाती है तो उन्हें अतिरिक्त व्यापारिक लाभ मिलेगा। वहीं कई श्रद्धालु भी मेले की अवधि बढ़ाने के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

आस्था आज भी बरकरार

3 जून को उमड़ी भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि हजरत शाह मोहम्मद शाह काठा पीर मेले के प्रति लोगों की आस्था और श्रद्धा आज भी उतनी ही मजबूत है जितनी वर्षों पहले थी। तमाम चर्चाओं और अफवाहों के बावजूद श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने मेले को फिर से जीवंत कर दिया।

फिलहाल क्षेत्रवासियों, व्यापारियों और जायरीनों की निगाहें प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हैं, लेकिन इतना तय है कि काठा पीर मेले की रौनक और लोगों का उत्साह इस बार भी पूरे शबाब पर दिखाई दे रहा है।

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