हरिद्वार में बर्बरता का वायरल वीडियो बना आफत! युवक के हाथ बांधकर की गई पिटाई, पुलिस ने दबोचे दोनों आरोपी,, ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत हरकत में आई नगर कोतवाली पुलिस, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही दर्ज हुआ मुकदमा, शांति भंग करने पर हुई कार्रवाई,, पार्किंग में चोरी के शक में युवक को बनाया गया निशाना, सत्यापन न कराने पर पार्किंग संचालक पर भी चला पुलिस का डंडा; एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर सख्त एक्शन,,

हरिद्वार में बर्बरता का वायरल वीडियो बना आफत! युवक के हाथ बांधकर की गई पिटाई, पुलिस ने दबोचे दोनों आरोपी,,
‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत हरकत में आई नगर कोतवाली पुलिस, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही दर्ज हुआ मुकदमा, शांति भंग करने पर हुई कार्रवाई,,
पार्किंग में चोरी के शक में युवक को बनाया गया निशाना, सत्यापन न कराने पर पार्किंग संचालक पर भी चला पुलिस का डंडा; एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर सख्त एक्शन,,
हरिद्वार। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने हरिद्वार में कानून को हाथ में लेने वालों की पोल खोल दी। रोड़ीबेलवाला क्षेत्र स्थित एक पार्किंग में युवक के हाथ बांधकर उसकी पिटाई किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद हरिद्वार पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी। वायरल वीडियो में दिखाई दे रही बर्बरता ने लोगों को झकझोर कर रख दिया, जिसके बाद पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की।
हरिद्वार पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत शांति एवं कानून व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत नगर कोतवाली पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच शुरू की और कुछ ही समय में आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया।
पुलिस के अनुसार दिनांक 03 जून 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कुछ लोग एक युवक के हाथ बांधकर उसके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो सामने आते ही पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश दिए।
जांच में पता चला कि घटना रोड़ीबेलवाला क्षेत्र स्थित एक पार्किंग में हुई थी। पार्किंग में खड़ी एक गाड़ी का शीशा टूटने और चोरी की आशंका को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। इसी विवाद के दौरान पार्किंग में कार्यरत कर्मचारियों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए युवक को पकड़ लिया और उसके हाथ बांधकर उसके साथ मारपीट की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को अपराधी मानकर स्वयं सजा देने का अधिकार किसी को नहीं है। यदि किसी पर चोरी या अन्य अपराध का संदेह था तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जानी चाहिए थी। लेकिन आरोपियों ने कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए स्वयं कार्रवाई करने का प्रयास किया, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।
नगर कोतवाली पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी नूतन पुत्र चंद्रपाल सिंह निवासी ग्राम बिलाई, थाना हलदौर, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश) तथा रोबिन पुत्र संजय कुमार निवासी ग्राम मुडदाना, थाना मंगलौर, जनपद हरिद्वार को हिरासत में लेकर उनके विरुद्ध शांति व्यवस्था भंग करने सहित अन्य विधिक धाराओं में कार्रवाई की।
पुलिस जांच के दौरान एक और बड़ी लापरवाही सामने आई। जांच में पाया गया कि पार्किंग संचालक ने अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन नहीं कराया था। सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से यह गंभीर चूक मानी गई। इस पर पुलिस ने पार्किंग संचालक के खिलाफ भी पुलिस एक्ट के तहत चालान की कार्रवाई की।
नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि किसी को किसी अपराध की जानकारी मिलती है तो वह तत्काल पुलिस को सूचना दे, स्वयं न्याय करने की कोशिश न करे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हरिद्वार पुलिस सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रख रही है। किसी भी वायरल वीडियो, आपत्तिजनक पोस्ट या कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में चल रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अपराधियों, अराजक तत्वों और कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या बर्बरता को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना की है। लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जिस तेजी से पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की, उससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
पुलिस टीम में उप निरीक्षक संदीप वर्मा, कांस्टेबल प्रकाश और कांस्टेबल लखन सिंह शामिल रहे, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया और मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।



