इबोला को लेकर हरिद्वार में स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट! सभी अस्पतालों को जारी हुई विशेष एडवाइजरी, निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश,, अफ्रीकी देशों में बढ़ते संक्रमण के बाद हरिद्वार में एहतियात, विदेश से लौटने वाले यात्रियों और संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों पर रहेगी पैनी नजर,, “जनता को घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी” — सीएमओ डॉ. आर.के. सिंह ने स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए सख्त दिशा-निर्देश,, फिलहाल हरिद्वार सहित पुरे उत्तराखंड में इबोला का कोई मामला नहीं , लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षा, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को सक्रिय कर दिया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।

इबोला को लेकर हरिद्वार में स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट! सभी अस्पतालों को जारी हुई विशेष एडवाइजरी, निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश,,
अफ्रीकी देशों में बढ़ते संक्रमण के बाद हरिद्वार में एहतियात, विदेश से लौटने वाले यात्रियों और संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों पर रहेगी पैनी नजर,,
“जनता को घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी” — सीएमओ डॉ. आर.के. सिंह ने स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए सख्त दिशा-निर्देश,,
फिलहाल हरिद्वार सहित पुरे उत्तराखंड में इबोला का कोई मामला नहीं , लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षा, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को सक्रिय कर दिया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
इन्तजार रज़ा, हरिद्वार.. दुनिया के कुछ देशों में इबोला वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच हरिद्वार स्वास्थ्य विभाग ने भी एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। अफ्रीकी देशों डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) और युगांडा में सामने आए मामलों के मद्देनज़र जनपद के सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आर.के. सिंह द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग केंद्र सरकार और राज्य स्तर से जारी सभी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करे। किसी भी संदिग्ध मरीज की पहचान, निगरानी और रिपोर्टिंग में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
सीएमओ कार्यालय से जारी एडवाइजरी के अनुसार राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा इबोला वायरस रोग को लेकर जारी गाइडलाइन के तहत विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि विदेश यात्रा से लौटने वाले व्यक्तियों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जाए तथा यदि किसी व्यक्ति में इबोला से मिलते-जुलते लक्षण दिखाई दें तो तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग ने जनपद की सभी चिकित्सा इकाइयों को संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में आइसोलेशन व्यवस्था, संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग, संक्रमण से बचाव के उपाय और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है।
सीएमओ डॉ. आर.के. सिंह ने स्पष्ट किया कि फिलहाल हरिद्वार या उत्तराखंड में इबोला वायरस संक्रमण का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। यह केवल एहतियाती और सुरक्षा की दृष्टि से जारी किया गया अलर्ट है ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने बताया कि इबोला वायरस एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, इसलिए शुरुआती स्तर पर पहचान और निगरानी बेहद महत्वपूर्ण होती है। स्वास्थ्य विभाग ने आईडीएसपी (इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम) के माध्यम से निगरानी तंत्र को सक्रिय कर दिया है और सभी चिकित्सा अधिकारियों को लगातार रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनपदवासियों से अपील करते हुए सीएमओ ने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, दस्त या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं और उसका विदेश यात्रा का इतिहास है, तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
डॉ. आर.के. सिंह ने कहा, “इबोला को लेकर फिलहाल चिंता की नहीं बल्कि सावधानी की आवश्यकता है। जनपद में कोई मामला नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य इकाइयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।”
हरिद्वार स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखी गई हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।



