इमाम हसन-हुसैन की याद में धनपुरा और घिस्सुपुरा में उमड़ा इंसानियत का सैलाब! दो स्थानों पर लगे विशाल रक्तदान शिविरों में सैकड़ों लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान, मानव सेवा का दिया प्रेरक संदेश,, “एक यूनिट रक्त किसी की जिंदगी बचा सकता है”— समाजसेवियों ने अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान की अपील की

इमाम हसन-हुसैन की याद में धनपुरा और घिस्सुपुरा में उमड़ा इंसानियत का सैलाब!
दो स्थानों पर लगे विशाल रक्तदान शिविरों में सैकड़ों लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान, मानव सेवा का दिया प्रेरक संदेश,,
“एक यूनिट रक्त किसी की जिंदगी बचा सकता है”— समाजसेवियों ने अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान की अपील की
धनपुरा/घिस्सुपुरा, 26 जून।
इमाम हसन और इमाम हुसैन की याद में शुक्रवार को ग्राम धनपुरा और घिस्सुपुरा में आयोजित दो विशाल रक्तदान शिविर मानवता, भाईचारे और सेवा भावना का प्रेरणादायी उदाहरण बन गए। दोनों शिविरों में सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वैच्छिक रक्तदान कर यह संदेश दिया कि किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने से बढ़कर कोई नेक काम नहीं है।
पहला रक्तदान शिविर ग्राम घिस्सुपुरा स्थित साबरी मदरसा में आयोजित किया गया, जबकि दूसरा शिविर धनपुरा के झंडा चौक स्थित बड़ी मस्जिद के समीप लगाया गया। सुबह से ही दोनों स्थानों पर रक्तदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। युवाओं, बुजुर्गों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए रक्तदान किया और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।
रक्तदान शिविर में शामिल लोगों का कहना था कि इंसान का खून किसी धर्म, जाति या वर्ग का नहीं होता। जरूरत पड़ने पर यही रक्त किसी अनजान व्यक्ति के लिए जीवनदान बन जाता है। रक्तदाताओं ने कहा कि यदि उनके कुछ मिनट किसी की जिंदगी बचाने में काम आ सकते हैं, तो इससे बड़ा सौभाग्य और कोई नहीं हो सकता।
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद सलीम ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा मानवीय दान है। उन्होंने कहा कि जब किसी मरीज को अचानक रक्त की आवश्यकता पड़ती है, तब खून की एक-एक बूंद का महत्व समझ में आता है। ब्लड बैंक जरूरतमंदों तक समय पर रक्त पहुंचाते हैं और समाज के सहयोग से ही उनकी उपलब्धता बनी रहती है। इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित अंतराल पर रक्तदान करना चाहिए।उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जहां भी रक्तदान शिविर आयोजित हों, वहां अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस पुण्य कार्य में भाग लें। आपका एक यूनिट रक्त किसी परिवार की खुशियां लौटा सकता है और किसी की बुझती उम्मीदों को फिर से रोशन कर सकता है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि इमाम हसन और इमाम हुसैन का जीवन त्याग, इंसाफ, मानवता और सत्य के लिए समर्पण का प्रतीक है। उनकी याद में आयोजित रक्तदान शिविर समाज में सेवा, भाईचारे और इंसानियत की भावना को मजबूत करने का सुंदर प्रयास है।
शिविर के सफल आयोजन पर आयोजकों ने सभी रक्तदाताओं, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, स्वयंसेवकों तथा सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे सेवा कार्य लगातार होते रहने चाहिए, ताकि किसी भी जरूरतमंद मरीज को रक्त के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े। रक्तदान केवल खून देना नहीं, बल्कि किसी अनजान इंसान को नया जीवन देने का सबसे बड़ा मानवीय उपहार है।



