कांवड़ मेला-2026 की तैयारियों को मिली रफ्तार: हरिद्वार-बिजनौर पुलिस का संयुक्त मंथन, सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर बनी साझा रणनीति,, सीमा से शिवधाम तक अभेद सुरक्षा कवच: बॉर्डर चेकिंग, डायवर्जन प्लान, भीड़ नियंत्रण और डीजे गाइडलाइन पर अधिकारियों ने बनाई कार्ययोजना,, कांवड़ियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता: पेयजल, चिकित्सा, निर्बाध आवागमन और त्वरित समन्वय के लिए संयुक्त स्थलीय निरीक्षण, गंगाजल भेंट कर हुआ सम्मानपूर्ण समापन,,

कांवड़ मेला-2026 की तैयारियों को मिली रफ्तार: हरिद्वार-बिजनौर पुलिस का संयुक्त मंथन, सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर बनी साझा रणनीति,,
सीमा से शिवधाम तक अभेद सुरक्षा कवच: बॉर्डर चेकिंग, डायवर्जन प्लान, भीड़ नियंत्रण और डीजे गाइडलाइन पर अधिकारियों ने बनाई कार्ययोजना,,
कांवड़ियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता: पेयजल, चिकित्सा, निर्बाध आवागमन और त्वरित समन्वय के लिए संयुक्त स्थलीय निरीक्षण, गंगाजल भेंट कर हुआ सम्मानपूर्ण समापन,,
हरिद्वार। आगामी श्रावण कांवड़ मेला-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से हरिद्वार पुलिस ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को थाना श्यामपुर क्षेत्र स्थित पिनाका होटल में हरिद्वार पुलिस और उत्तर प्रदेश के बिजनौर पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन, बॉर्डर चेकिंग, कांवड़ यात्रियों की सुविधाओं तथा आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित समन्वय को लेकर विस्तृत मंथन किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशन में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर कांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं सुचारू बनाना रहा। दोनों राज्यों के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लाखों शिवभक्तों की आस्था से जुड़े इस विशाल आयोजन में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए हर स्तर पर समन्वित रणनीति अपनाई जाएगी।बैठक में सबसे अधिक जोर यातायात प्रबंधन पर दिया गया। अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही के समय निर्धारण, प्रभावी ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तथा प्रमुख मार्गों पर वाहनों के दबाव को कम करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि कांवड़ यात्रियों को यात्रा मार्ग पर किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा का सामना न करना पड़े तथा आम नागरिकों की आवाजाही भी यथासंभव सुचारू बनी रहे।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत रणनीति तैयार की गई। हरिद्वार और बिजनौर की सीमा पर संयुक्त रूप से सघन चेकिंग अभियान चलाने, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की निगरानी बढ़ाने तथा संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती को लेकर सहमति बनी। अधिकारियों ने कहा कि अंतर्राज्यीय सीमाओं पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था किसी भी अप्रिय घटना की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बैठक में कांवड़ यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर भी विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने पेयजल, चिकित्सा सहायता, यातायात व्यवस्था, विश्राम स्थलों तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी तय किया गया कि यात्रा मार्ग पर किसी भी आपात स्थिति में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां समन्वित रूप से त्वरित कार्रवाई करेंगी।
डीजे संचालन को लेकर शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित मानकों एवं नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा ताकि धार्मिक आस्था के साथ-साथ सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा भी बनी रहे।
भीड़ प्रबंधन को लेकर आधुनिक एवं व्यावहारिक रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने कहा कि वायरलेस संचार प्रणाली के माध्यम से विभिन्न जनपदों की पुलिस के बीच लगातार संपर्क बनाए रखा जाएगा, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल सूचना का आदान-प्रदान कर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा प्रमुख चौराहों, डायवर्जन प्वाइंट्स और संवेदनशील क्षेत्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखने की योजना भी बनाई गई।
बैठक के उपरांत हरिद्वार एवं बिजनौर पुलिस के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कांवड़ यात्रा मार्ग, प्रमुख डायवर्जन प्वाइंट्स तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ताकि मेले के आरंभ से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त हो सकें।
बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात हरिद्वार सुश्री निशा यादव, पुलिस अधीक्षक नगर हरिद्वार श्री अभय सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक बिजनौर श्री गौतम राय, क्षेत्राधिकारी नगर हरिद्वार श्री शिशुपाल सिंह नेगी, क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद सुश्री आकांक्षा गौतम, क्षेत्राधिकारी यातायात हरिद्वार श्री भूपेन्द्र सिंह, थानाध्यक्ष श्यामपुर सहित हरिद्वार एवं बिजनौर पुलिस के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर हरिद्वार पुलिस ने बिजनौर से आए अधिकारियों को पवित्र गंगाजल भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी। यह सम्मान केवल औपचारिकता नहीं बल्कि दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय, पारस्परिक विश्वास और सहयोग की भावना का प्रतीक बना। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इसी समन्वित रणनीति और साझा प्रयासों के बल पर श्रावण कांवड़ मेला-2026 सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाएगा।
“सुरक्षित कांवड़ • सुव्यवस्थित कांवड़ • समन्वित कांवड़” के संकल्प के साथ हरिद्वार और बिजनौर पुलिस ने यह संदेश दिया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध यात्रा दोनों राज्यों की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



