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रुड़की महायोजना-2041 पर जनता की राय को मिली सर्वोच्च प्राथमिकता!,, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण कार्यालय में आपत्तियों और सुझावों पर हुई विस्तृत सुनवाई, अधिकारियों ने आमजन की हर बात को गंभीरता से सुना,, संयुक्त सचिव दीपक रामचंद्र सेठ और सचिव प्रत्युष सिंह का स्पष्ट संदेश— “जनहित, पारदर्शिता और सुनियोजित विकास के आधार पर तैयार होगी रुड़की महायोजना-2041, हर सुझाव का होगा निष्पक्ष परीक्षण”,,

रुड़की महायोजना-2041 पर जनता की राय को मिली प्राथमिकता!,,

हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण कार्यालय में आपत्ति एवं सुझावों पर हुई सुनवाई, अधिकारियों ने सुनी लोगों की बातें,,

संयुक्त सचिव दीपक रामचंद्र सेठ, सचिव प्रत्युष सिंह और अधीक्षण अभियंता राजन सिंह रहे मौजूद, जनहित में पारदर्शी विकास योजना तैयार करने पर जोर

रुड़की। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) द्वारा बुधवार, 8 जुलाई 2026 को रुड़की महायोजना-2041 (प्रारूप) पर आमजन से प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों की सुनवाई प्राधिकरण के रुड़की शाखा कार्यालय में आयोजित की गई। इस दौरान नागरिकों, संबंधित पक्षों एवं विभिन्न हितधारकों द्वारा प्रस्तुत सुझावों और आपत्तियों को गंभीरता से सुना गया तथा उनके बिंदुवार परीक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

सुनवाई के दौरान संयुक्त सचिव दीपक सेठ, सचिव प्रत्युष सिंह तथा अधीक्षण अभियंता राजन सिंह उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महायोजना-2041 का उद्देश्य रुड़की शहर का संतुलित, सुनियोजित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास सुनिश्चित करना है। इसलिए आम जनता से प्राप्त प्रत्येक सुझाव और आपत्ति का निष्पक्ष एवं नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा।

बैठक में उपस्थित लोगों ने भूमि उपयोग, आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों के निर्धारण, सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक सुविधाओं, हरित क्षेत्र, जल निकासी व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा अन्य विकास संबंधी विषयों पर अपने विचार रखे। अधिकारियों ने सभी पक्षों की बात ध्यानपूर्वक सुनते हुए भरोसा दिलाया कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक संशोधनों पर विचार किया जाएगा।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र शेठ ने कहा कि किसी भी शहर की महायोजना केवल सरकारी दस्तावेज नहीं होती, बल्कि वह आने वाले वर्षों में शहर के विकास की दिशा तय करती है। ऐसे में नागरिकों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से प्रारूप महायोजना पर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं ताकि अंतिम योजना अधिक व्यावहारिक, समावेशी और जनभावनाओं के अनुरूप तैयार की जा सके।

हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण सचिव प्रत्युष सिंह का मानना है कि सुनियोजित विकास के लिए जनसहभागिता आवश्यक है। महायोजना-2041 के माध्यम से भविष्य में बढ़ती आबादी, यातायात, औद्योगिक विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत सुविधाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक विकास का रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

प्राधिकरण अधिकारियों ने यह भी कहा कि सुनवाई के दौरान प्राप्त सभी अभ्यावेदन एवं सुझावों का तकनीकी और विधिक परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक निर्णय लेकर अंतिम महायोजना को तैयार किया जाएगा, जिससे रुड़की का विकास व्यवस्थित, संतुलित और जनहित के अनुरूप सुनिश्चित हो सके। यह सुनवाई प्रक्रिया इस बात का संकेत है कि प्राधिकरण विकास योजनाओं में पारदर्शिता और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्थानीय नागरिकों ने भी उम्मीद जताई कि उनके सुझावों को महायोजना में उचित स्थान मिलेगा, जिससे आने वाले वर्षों में रुड़की एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और बेहतर बुनियादी सुविधाओं वाला शहर बन सके।

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