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एनएच-334ए चौड़ीकरण के लिए बड़ा फैसला!,, हरिद्वार और लक्सर के 23 गांवों में भूमि खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री और लैंड यूज़ परिवर्तन पर लगी रोक,, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को गति देने के लिए जिला प्रशासन का सख्त कदम, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगा प्रतिबंध

एनएच-334ए चौड़ीकरण के लिए बड़ा फैसला!,,

हरिद्वार और लक्सर के 23 गांवों में भूमि खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री और लैंड यूज़ परिवर्तन पर लगी रोक,,

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को गति देने के लिए जिला प्रशासन का सख्त कदम, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगा प्रतिबंध

हरिद्वार, 08 जुलाई 2026। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या एनएच-334ए (पुरकाजी–लक्सर–हरिद्वार) के चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्य को तेज गति से पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में हरिद्वार और लक्सर तहसील के 23 प्रभावित गांवों में भूमि संबंधी विभिन्न गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 3ए के अंतर्गत प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से की गई है।

एडीएम वैभव गुप्ता ने बताया कि परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों में अब कृषि भूमि का गैर-कृषि भूमि में परिवर्तन (लैंड यूज़ चेंज), भूमि की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री, बैनामा तथा भूमि की प्रकृति में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। यह प्रतिबंध भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक जटिलता उत्पन्न न हो।

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार हरिद्वार तहसील के 18 गांव इस प्रतिबंध के दायरे में शामिल किए गए हैं। इनमें टिक्कमपुर, मोहम्मदपुर कुन्हारी, जसोधरपुर, बादशाहपुर शेरपुर भट्टीपुर, बाणगंगा नंबर-2, धमोली उर्फ खेरवाला, शाहपुर शीतलाखेड़ा, भवानीपुर जमालपुर, मुस्तफाबाद, पदार्थ उर्फ धनपुरा, फेरुपुर रामखेड़ा, कटारपुर अलीपुर, किशनपुर, जियापोता, नूरपुर पंजनहेड़ी, जमालपुर कला, मिस्सरपुर मुस्तहकम तथा जगजीतपुर शामिल हैं।

वहीं लक्सर तहसील के 5 गांव फिदाईपुर, सुल्तानपुर आदमपुर, पुंडरीपुर उर्फ पीपली, बुड़्डाखेड़ा मीमला तथा अकबरपुर ऊद भी इस आदेश के दायरे में रहेंगे। इन गांवों में किसी भी प्रकार का भूमि हस्तांतरण अथवा भूमि उपयोग परिवर्तन प्रशासन की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।

जिला प्रशासन का कहना है कि एनएच-334ए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग है। इसके चौड़ीकरण से हरिद्वार, लक्सर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, आवागमन सुगम बनेगा तथा व्यापार और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। ऐसे में परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।

प्रशासन ने संबंधित गांवों के किसानों, भूमिधरों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे जारी आदेशों का पूर्ण पालन करें तथा किसी भी प्रकार के भूमि संबंधी लेन-देन से पहले सक्षम अधिकारियों से आवश्यक जानकारी अवश्य प्राप्त करें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जाएगी तथा पात्र प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

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