शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड की ऐतिहासिक छलांग!,, ULLAS अभियान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सफलता, उत्तराखंड को मिला पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा!,, राज्यपाल की स्वीकृति के बाद अधिसूचना जारी, जनभागीदारी और शिक्षकों के समर्पण से हासिल हुई बड़ी उपलब्धि
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और ULLAS अभियान की बड़ी सफलता, प्रदेश घोषित हुआ पूर्ण साक्षर राज्य!,, ज्ञान, जनभागीदारी और शिक्षा के सामूहिक संकल्प ने दिलाई ऐतिहासिक उपलब्धि, राज्यपाल की स्वीकृति के बाद जारी हुई अधिसूचना

शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड की ऐतिहासिक छलांग!,,
ULLAS अभियान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सफलता, उत्तराखंड को मिला पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा!,,
राज्यपाल की स्वीकृति के बाद अधिसूचना जारी, जनभागीदारी और शिक्षकों के समर्पण से हासिल हुई बड़ी उपलब्धि
देहरादून। उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पूर्ण साक्षर राज्य बनने का गौरव प्राप्त कर लिया है। माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-03 द्वारा 8 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा ULLAS (नव भारत साक्षरता कार्यक्रम) के निर्धारित मानकों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद राज्यपाल की स्वीकृति से उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया है।
यह उपलब्धि प्रदेशभर में चलाए गए व्यापक साक्षरता अभियान, शिक्षा विभाग की प्रभावी कार्ययोजना, शिक्षकों के समर्पण, स्वयंसेवकों की मेहनत और आम जनता की सक्रिय भागीदारी का परिणाम है। सरकार ने इसे केवल प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की सामूहिक जीत बताया है।
ULLAS कार्यक्रम के तहत वयस्क शिक्षा, बुनियादी साक्षरता, जीवन कौशल, डिजिटल जागरूकता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा दिया गया। दूर-दराज़ के गांवों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाए गए, जिससे हजारों लोगों को साक्षर बनाकर मुख्यधारा से जोड़ा गया।
प्रदेश सरकार का कहना है कि पूर्ण साक्षर राज्य बनने से उत्तराखंड शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेगा। शिक्षा के माध्यम से सामाजिक विकास, रोजगार के अवसर और जनजागरूकता को नई गति मिलेगी।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रदेश सरकार ने सभी शिक्षकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, स्वयंसेवकों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए शिक्षा की इस अलख को आगे भी निरंतर बनाए रखने का आह्वान किया है। सरकार ने कहा कि अब लक्ष्य केवल साक्षरता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से उत्तराखंड को देश के अग्रणी शिक्षा राज्यों में शामिल करना है।
पूर्ण साक्षर राज्य बनने के साथ ही उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।



