अपीलअफवाहअलर्टइन्वेस्टिगेशनउत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरें

स्मार्ट मीटर नहीं, स्मार्ट सुविधा! अफवाहों से बचें, सही जानकारी अपनाएं,, “स्मार्ट मीटर तेज नहीं चलता”—मुख्य अभियंता शेखर चंद्र त्रिपाठी ने किया भ्रम दूर, उपभोक्ताओं से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील,, मोबाइल ऐप पर रोजाना बिजली खपत, WhatsApp पर बिल और पारदर्शी व्यवस्था का मिलेगा लाभ; हरिद्वार में स्मार्ट मीटर को लेकर जनजागरूकता अभियान तेज

स्मार्ट मीटर नहीं, स्मार्ट सुविधा! अफवाहों से बचें, सही जानकारी अपनाएं,,

“स्मार्ट मीटर तेज नहीं चलता”—मुख्य अभियंता शेखर चंद्र त्रिपाठी ने किया भ्रम दूर, उपभोक्ताओं से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील,,

मोबाइल ऐप पर रोजाना बिजली खपत, WhatsApp पर बिल और पारदर्शी व्यवस्था का मिलेगा लाभ; हरिद्वार में स्मार्ट मीटर को लेकर जनजागरूकता अभियान तेज

इन्तजार रजा हरिद्वार… हरिद्वार में स्मार्ट मीटर को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर फैल रही भ्रामक जानकारियों और अफवाहों के बीच विद्युत वितरण खंड हरिद्वार के मुख्य अभियंता शेखर चंद्र त्रिपाठी ने उपभोक्ताओं से जनहित में महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्मार्ट मीटर तेज चलने या अधिक बिल देने जैसी बातें पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। स्मार्ट मीटर आधुनिक, प्रमाणित और परीक्षणित तकनीक पर आधारित हैं, जिनकी रीडिंग पारंपरिक बिजली मीटर की तरह ही सटीक होती है।

शेखर चंद्र त्रिपाठी मुख्य अभियंता विद्युत वितरण हरिद्वार ने कहा कि कुछ लोग बिना तथ्य के सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं प्रसारित कर रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं के मन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास करने के बजाय सीधे विद्युत विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सही जानकारी प्राप्त करें।उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर केवल मीटर बदलने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ताओं को डिजिटल और पारदर्शी बिजली सेवा प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस तकनीक से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर पहले से अधिक नियंत्रण रख सकेंगे और उन्हें कई आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

मुख्य अभियंता शेखर चंद्र त्रिपाठी ने जानकारी दी कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन पर उपलब्ध मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रतिदिन की बिजली खपत रियल-टाइम में देख सकते हैं। इससे यह पता चलता रहेगा कि किस दिन और किस समय कितनी बिजली की खपत हुई। यह सुविधा उपभोक्ताओं को अपनी बिजली उपयोग की आदतों का विश्लेषण करने और अनावश्यक बिजली खर्च कम करने में भी मदद करेगी।

उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर प्रणाली में उपभोक्ताओं को WhatsApp के माध्यम से बिजली बिल प्राप्त करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इससे बिल समय पर प्राप्त होगा और बिल गुम होने या देर से मिलने जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। डिजिटल माध्यम से बिल मिलने के कारण भुगतान प्रक्रिया भी अधिक सरल और सुविधाजनक होगी।

मुख्य अभियंता ने कहा कि पारंपरिक मीटरों में कई बार मैनुअल रीडिंग के दौरान मानवीय त्रुटि की संभावना बनी रहती है, लेकिन स्मार्ट मीटर में यह समस्या लगभग समाप्त हो जाती है। मीटर से सीधे डिजिटल माध्यम से रीडिंग प्राप्त होने के कारण बिलिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनती है। इससे उपभोक्ताओं और विभाग दोनों के बीच विश्वास भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर का उद्देश्य किसी पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को बेहतर, पारदर्शी और आधुनिक बिजली सेवा उपलब्ध कराना है। यह व्यवस्था भविष्य की डिजिटल ऊर्जा प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बिजली वितरण व्यवस्था अधिक प्रभावी और उपभोक्ता हितैषी बनेगी।

मुख्य अभियंता ने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर को लेकर कोई शंका या समस्या है तो वह विभाग के संबंधित अधिकारियों या विद्युत उपखंड कार्यालय से संपर्क कर सकता है। विभाग हर उपभोक्ता की जिज्ञासाओं का समाधान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और विद्युत विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराना है। स्मार्ट मीटर से न केवल बिजली खपत की सटीक जानकारी मिलेगी, बल्कि भविष्य में बिजली प्रबंधन और ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्य अभियंता शेखर चंद्र त्रिपाठी ने अंत में सभी उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि “स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों से सावधान रहें। किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। सही जानकारी केवल विद्युत विभाग से प्राप्त करें और स्मार्ट मीटर योजना का लाभ उठाकर आधुनिक एवं पारदर्शी बिजली व्यवस्था का हिस्सा बनें।”

जनहित में जारी इस अपील के माध्यम से विद्युत विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की सुविधा, पारदर्शिता और बेहतर सेवा के लिए लगाए जा रहे हैं। विभाग का कहना है कि जागरूक उपभोक्ता ही अफवाहों पर रोक लगा सकते हैं और तकनीक का सही लाभ उठाकर अपनी बिजली खपत एवं खर्च पर बेहतर नियंत्रण स्थापित कर सकते हैं।

Related Articles

Back to top button