हरिद्वार में दो दिवसीय विधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन: पैनल अधिवक्ताओं को कानून, नैतिकता और न्यायिक प्रक्रिया का मिला विशेष प्रशिक्षण,, जिला न्यायाधीश नरेन्द्र दत्त बोले— बेहतर विधिक सेवाओं के लिए कौशल और नैतिक आचरण दोनों जरूरी, सचिव सिमरनजीत कौर ने प्रशिक्षण के महत्व पर डाला प्रकाश,, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और मार्जिन टू एक्सेस प्रोजेक्ट एनजीओ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में अधिवक्ताओं को किया गया सम्मानित,,

हरिद्वार में दो दिवसीय विधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन: पैनल अधिवक्ताओं को कानून, नैतिकता और न्यायिक प्रक्रिया का मिला विशेष प्रशिक्षण,,
जिला न्यायाधीश नरेन्द्र दत्त बोले— बेहतर विधिक सेवाओं के लिए कौशल और नैतिक आचरण दोनों जरूरी, सचिव सिमरनजीत कौर ने प्रशिक्षण के महत्व पर डाला प्रकाश,,
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और मार्जिन टू एक्सेस प्रोजेक्ट एनजीओ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में अधिवक्ताओं को किया गया सम्मानित,,
हरिद्वार, 21 जुलाई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार एवं मार्जिन टू एक्सेस प्रोजेक्ट एनजीओ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण में एलएडीसीएस, जिले के सभी पैनल एवं प्रो-बोनो अधिवक्ताओं ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम की शुरुआत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार की सचिव सिमरनजीत कौर ने की। उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम-1987, एडवोकेट एक्ट, नालसा रेगुलेशन, पैनल अधिवक्ताओं के दायित्व, विधिक सहायता व्यवस्था तथा अधिवक्ताओं के नैतिक आचरण (एथिक्स एवं कोड ऑफ कंडक्ट) पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण न्याय पहुंचाने में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
द्वितीय सत्र में जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) दिनेश सिंह पंवार ने सिविल प्रक्रिया संहिता, वाद पत्र, उत्तर पत्र, रेप्लिका, स्थगन प्रार्थना पत्र तथा सिविल मामलों की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। तृतीय सत्र में जिला शासकीय अधिवक्ता (रेवेन्यू) विजय पाल सिंह ने राजस्व मामलों, एलआर एक्ट एवं जेड एक्ट से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला।
चतुर्थ सत्र में मार्जिन टू एक्सेस प्रोजेक्ट एनजीओ की रिसोर्स पर्सन अस्वथी वर्गीस एवं दिशा चौधरी ने पैनल अधिवक्ताओं के समक्ष आने वाली व्यावहारिक समस्याओं एवं उनके समाधान पर अपने विचार साझा किए। इसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप कुमार ने आपराधिक कानून, न्यायिक प्रक्रिया तथा सिविल वादों के क्षेत्राधिकार एवं मूल्यांकन से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी दी।
समापन समारोह की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार नरेन्द्र दत्त ने की। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा साझा किए गए कानूनी ज्ञान से अधिवक्ताओं के विधि व्यवसाय में नई ऊर्जा, दक्षता और व्यावसायिक कौशल का विकास होगा। उन्होंने सभी रिसोर्स पर्सन एवं प्रतिभागी अधिवक्ताओं को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के अंत में सचिव सिमरनजीत कौर ने रिटेनर अधिवक्ता उपेन्द्र दत्त शर्मा के माध्यम से सभी अधिवक्ताओं को नैतिक आचरण एवं कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। सहायक एलएडीसी रजिया ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम एवं लॉ इंटर्न का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डिप्टी एलएडीसीएस रमन कुमार सैनी ने किया।



