देवभूमि ने शिवभक्त कांवड़ियों पर बरसाए पुष्प: मुख्यमंत्री धामी ने किया चरण प्रक्षालन, अपने हाथों से परोसा भोजन, स्वास्थ्य सेवा शिविर का किया शुभारंभ,, हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, पुलिसकर्मियों और पर्यावरण मित्रों का सम्मान; बोले मुख्यमंत्री— कांवड़ यात्रा सनातन संस्कृति, सेवा, अनुशासन और सामाजिक समरसता का विराट पर्व,,
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक आदेश चौहान, हरिद्वार की मेयर किरण जैसल, रुड़की की मेयर अनिता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िए उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी कुंभ योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त नंदन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, एसपी यातायात निशा यादव, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, एसडीएम योगेश मेहरा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने किया।

देवभूमि ने शिवभक्त कांवड़ियों पर बरसाए पुष्प: मुख्यमंत्री धामी ने किया चरण प्रक्षालन, अपने हाथों से परोसा भोजन, स्वास्थ्य सेवा शिविर का किया शुभारंभ,,
हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, पुलिसकर्मियों और पर्यावरण मित्रों का सम्मान; बोले मुख्यमंत्री— कांवड़ यात्रा सनातन संस्कृति, सेवा, अनुशासन और सामाजिक समरसता का विराट पर्व,,
हरिद्वार, 4 अगस्त। धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान मंगलवार को आस्था, सेवा और सम्मान का अनुपम दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने देशभर से आए शिवभक्त कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया। हरकी पैड़ी से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग तक हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया, जबकि अलकनंदा होटल परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वयं पांच शिवभक्त कांवड़ियों का चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का शुभारंभ किया और शिवभक्तों के बीच पहुंचकर अपने हाथों से भोजन भी परोसा।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा शिविर का निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं, दवाइयों, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी असुविधा न हो और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तत्परता से संचालित रहें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाला प्रत्येक शिवभक्त सुरक्षित, सम्मानजनक और सुगम वातावरण में अपनी यात्रा पूरी करे। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, अनुशासन, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। करोड़ों श्रद्धालु कठिन परिस्थितियों में भी “बम-बम भोले” के जयघोष के साथ अपनी आस्था व्यक्त करते हुए लंबी यात्रा पूरी करते हैं और यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें लगातार पांच वर्षों से कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा करने का अवसर मिल रहा है, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर सुरक्षित रवाना हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार द्वारा पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अन्य सभी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे सांस्कृतिक और धार्मिक पुनर्जागरण का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, श्रीराम जन्मभूमि, केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाओं ने भारत की आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है। उन्होंने वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में धाम का अभूतपूर्व पुनर्निर्माण किया गया, जहां आज आस्था पथ, सरस्वती घाट, आदि शंकराचार्य की प्रतिमा और तीर्थ पुरोहित आवास जैसी आधुनिक सुविधाएं श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर भी धार्मिक पर्यटन और प्रदेश के विकास को नई गति देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, एंबुलेंस, स्वास्थ्य शिविर, कंट्रोल रूम और आपातकालीन सहायता व्यवस्थाएं सक्रिय रूप से संचालित की जा रही हैं। उन्होंने सभी शिवभक्तों से यात्रा के दौरान अनुशासन, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील भी की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पांच पुलिसकर्मियों तथा पांच पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल इन कर्मयोगियों का नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के प्रति सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक है, जो दिन-रात सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हुए हैं।
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक आदेश चौहान, हरिद्वार की मेयर किरण जैसल, रुड़की की मेयर अनिता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िए उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी कुंभ योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त नंदन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, एसपी यातायात निशा यादव, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, एसडीएम योगेश मेहरा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने किया।
मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम ने कांवड़ यात्रा-2026 में सेवा, सम्मान और सनातन संस्कृति के प्रति उत्तराखंड सरकार की प्रतिबद्धता का स्पष्ट संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने भी सरकार द्वारा किए गए स्वागत, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए देवभूमि उत्तराखंड की आतिथ्य परंपरा को यादगार बताया।



