कांवड़ यात्रा-2026 में आस्था का महासैलाब: एक दिन में 37.30 लाख शिवभक्तों ने भरा गंगाजल, सात दिन में 1.80 करोड़ का आंकड़ा पार,, 32 स्वास्थ्य शिविरों में अब तक 87,567 शिवभक्तों का निशुल्क उपचार, पहली बार 5 मेडिकल मोबाइल यूनिट बनी राहत का सहारा,, शिवभक्तों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस की व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना; सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को बताया बेहतर

कांवड़ यात्रा-2026 में आस्था का महासैलाब: एक दिन में 37.30 लाख शिवभक्तों ने भरा गंगाजल, सात दिन में 1.80 करोड़ का आंकड़ा पार,,
32 स्वास्थ्य शिविरों में अब तक 87,567 शिवभक्तों का निशुल्क उपचार, पहली बार 5 मेडिकल मोबाइल यूनिट बनी राहत का सहारा,,
शिवभक्तों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस की व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना; सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को बताया बेहतर
हरिद्वार, 05 अगस्त 2026।
धर्मनगरी हरिद्वार इन दिनों शिवभक्ति के रंग में पूरी तरह रंगी हुई है। कांवड़ यात्रा-2026 अपने चरम पर पहुंच चुकी है और हर दिन आस्था का नया इतिहास रच रही है। सातवें दिन हरिद्वार में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पुलिस कंट्रोल रूम के आंकड़ों के अनुसार 37 लाख 30 हजार शिवभक्त पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। इसके साथ ही यात्रा शुरू होने से अब तक 1 करोड़ 80 लाख 55 हजार कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर प्रस्थान कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं। भीड़ के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने इस बार व्यापक इंतजाम किए हैं, जिनकी शिवभक्त खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत सुरक्षा कवच
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने कांवड़ पटरी मार्ग सहित 32 स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए हैं। इन शिविरों में किसी भी शिवभक्त की तबीयत बिगड़ने, चोट लगने या अन्य स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल और पूरी तरह निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर. के. सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा के सातवें दिन विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों में 21,596 शिवभक्तों का इलाज किया गया। वहीं यात्रा शुरू होने से अब तक 87,567 शिवभक्तों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा चुकी है।
इस बार पहली बार 5 मेडिकल मोबाइल यूनिट भी कांवड़ यात्रा में शामिल की गई हैं। ये मोबाइल यूनिट लगातार कांवड़ मार्गों पर घूमकर जरूरतमंद श्रद्धालुओं तक मौके पर ही चिकित्सा सुविधा पहुंचा रही हैं। इससे दूर-दराज के मार्गों पर भी स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हुई हैं।
सीएमओ की अपील—स्वास्थ्य का रखें विशेष ध्यान
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर. के. सिंह ने सभी कांवड़ यात्रियों से अपील की कि यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, समय-समय पर विश्राम करें और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर निकटतम स्वास्थ्य शिविर में पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है।
शिवभक्तों ने की व्यवस्थाओं की खुलकर तारीफ
कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं को पहले से अधिक बेहतर बताया।
हरियाणा के सोनीपत से आईं तनु ने कहा कि इस बार महिलाओं के लिए भी यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनी है। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी निडर होकर कांवड़ यात्रा में शामिल होने की अपील की और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
गाजियाबाद (लोनी) से आए संदीप भोला ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में इस बार कांवड़ियों के स्वागत की विशेष व्यवस्था की गई। पुष्प वर्षा और श्रद्धालुओं का सम्मान उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा।
उत्तर प्रदेश के बागपत से आए प्रदीप यादव ने कहा कि इस बार कांवड़ियों के लिए अलग मार्ग, स्वच्छ शौचालय, बेहतर सफाई और पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का धन्यवाद किया।
हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि हरिद्वार में इस बार सफाई व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं, रात्रि प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और स्वागत शिविरों की व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक प्रभावी दिखाई दे रही है।
हर विभाग अलर्ट मोड पर
श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहे हैं। प्रमुख स्नान घाटों, कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, स्वास्थ्य कर्मियों, सफाई कर्मचारियों तथा अन्य विभागों की टीमें लगातार तैनात हैं।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने सभी शिवभक्तों से अपील की है कि वे निर्धारित कांवड़ मार्गों का पालन करें, पुलिस और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करें तथा स्वच्छ और सुरक्षित कांवड़ यात्रा के संचालन में सहयोग दें।
बढ़ती भीड़ के बीच प्रशासन की सबसे बड़ी परीक्षा
कांवड़ यात्रा अब अपने निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं का हरिद्वार पहुंचना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। हालांकि अब तक उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि प्रशासन ने स्वास्थ्य, सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता के मोर्चे पर व्यापक तैयारियां की हैं। आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना को देखते हुए इन व्यवस्थाओं की वास्तविक परीक्षा अभी बाकी है।
यदि इसी तरह प्रशासनिक समन्वय, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहती है तो इस वर्ष की कांवड़ यात्रा व्यवस्थाओं के लिहाज से एक नया मानक स्थापित कर सकती है। दूसरी ओर, भीड़ का दबाव लगातार बढ़ने के कारण सभी विभागों को अंतिम चरण तक पूरी सतर्कता और सक्रियता बनाए रखनी होगी, ताकि करोड़ों शिवभक्तों की आस्था, सुरक्षा और सुविधा पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।



