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कांवड़ यात्रा-2026: हरिद्वार पुलिस की मुस्तैदी बनी शिवभक्तों का सहारा, हादसों से बिछड़े मासूम तक हर मोर्चे पर दिखाई संवेदनशीलता,, नशे में वाहन चला रहे कांवड़िये पर सख्त कार्रवाई, घायल युवक को समय पर अस्पताल पहुंचाया, बिछड़े मासूम को परिजनों से मिलाया,, आसाम से आए शिवभक्त ने उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली और व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना, ‘मित्रता • सेवा • सुरक्षा’ का संकल्प हुआ साकार

कांवड़ यात्रा-2026: हरिद्वार पुलिस की मुस्तैदी बनी शिवभक्तों का सहारा, हादसों से बिछड़े मासूम तक हर मोर्चे पर दिखाई संवेदनशीलता,,

नशे में वाहन चला रहे कांवड़िये पर सख्त कार्रवाई, घायल युवक को समय पर अस्पताल पहुंचाया, बिछड़े मासूम को परिजनों से मिलाया,,

आसाम से आए शिवभक्त ने उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली और व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना, ‘मित्रता • सेवा • सुरक्षा’ का संकल्प हुआ साकार

हरिद्वार। कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान हरिद्वार पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और सेवा भाव का भी लगातार परिचय दे रही है। गुरुवार को सामने आईं कई घटनाओं ने यह साबित कर दिया कि पुलिस श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए चौबीसों घंटे पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रही है। नशे में वाहन चला रहे कांवड़िये के खिलाफ सख्त कार्रवाई से लेकर सड़क दुर्घटना में घायल युवक की जान बचाने, बिछड़े मासूम को उसके परिजनों से मिलाने और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं का विश्वास जीतने तक हर मोर्चे पर पुलिस की सक्रियता देखने को मिली।

बहादराबाद क्षेत्र में एक कार सवार कांवड़िये ने नशे की हालत में पैदल जा रहे एक कांवड़िये को टक्कर मार दी। घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई, लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराते हुए स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया। पुलिस द्वारा चालक की जांच कराए जाने पर उसके नशे में होने की पुष्टि हुई। इसके बाद संबंधित वाहन का भारी चालान किया गया और यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की गई।

इस दुर्घटना में पैदल कांवड़िये की कांवड़ भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिस ने केवल कानूनी कार्रवाई तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि श्रद्धालु की आस्था का सम्मान करते हुए उसे नई कांवड़ उपलब्ध कराई, जिससे वह बिना किसी बाधा के अपनी यात्रा दोबारा शुरू कर सका। इस मानवीय पहल की आसपास मौजूद श्रद्धालुओं ने भी सराहना की। हरिद्वार पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की कि नशे की हालत में वाहन बिल्कुल न चलाएं तथा कांवड़ यात्रा के दौरान संयम और यातायात नियमों का पालन करें। इसी क्रम में 5 अगस्त की रात लगभग 10 बजे रुड़की हाईवे स्थित एमएच चौक पर हुई एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल युवक की मदद के लिए भी पुलिस तुरंत आगे आई। दुर्घटना में घायल पंकज भारद्वाज, निवासी शक्ति विहार, पारली गुर्जर, रुड़की सड़क पर गंभीर हालत में मिले। सूचना मिलते ही एसपीओ शिवम शास्त्री और उनके साथी कुश सिंहल मौके पर पहुंचे तथा बिना समय गंवाए घायल को प्राथमिक उपचार के लिए सिविल अस्पताल, रुड़की पहुंचाया।

चिकित्सकीय जांच में घायल के दोनों पैरों की हड्डियां टूटने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उसे बेहतर उपचार के लिए अर्पित सैनी प्राइवेट हॉस्पिटल, रामनगर, रुड़की रेफर किया गया। एसपीओ ने अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों से समन्वय स्थापित किया और घायल का उपचार शीघ्र शुरू कराया। इस त्वरित कार्रवाई ने यह साबित किया कि पुलिस केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मानव जीवन बचाने की जिम्मेदारी भी पूरी संवेदनशीलता के साथ निभा रही है।कांवड़ यात्रा के दौरान एक और सराहनीय घटना द्वारिका विहार क्षेत्र में सामने आई, जहां ड्यूटी के दौरान पुलिस को एक मासूम बालक अकेला और परिजनों से बिछड़ा हुआ मिला। बच्चे ने अपना नाम काशी बताया। इसके बाद रिक्रूट कांस्टेबल सचिन, गौरव नेगी, पंकज चौहान तथा मोबाइल गश्त में तैनात कांस्टेबल पूरन सिंह ने बच्चे के परिजनों की तलाश शुरू की।

लगातार प्रयासों और मोबाइल के माध्यम से संपर्क स्थापित करने के बाद बच्चे के मामा देव सैनी, निवासी मुजफ्फरनगर से संपर्क हुआ। उन्हें तुरंत द्वारिका विहार ड्यूटी प्वाइंट बुलाया गया। आवश्यक पहचान और पुष्टि की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मासूम काशी को सकुशल उसके मामा के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चे को सुरक्षित पाकर परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया और पुलिसकर्मियों की संवेदनशीलता की प्रशंसा की।

उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली का प्रभाव केवल स्थानीय श्रद्धालुओं तक ही सीमित नहीं रहा। कांवड़ यात्रा में भाग लेने आसाम से आए एक शिवभक्त ने भी पुलिस की व्यवस्थाओं और सहयोगात्मक व्यवहार की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि पूरी यात्रा के दौरान पुलिस हर कदम पर श्रद्धालुओं की सहायता के लिए मौजूद रही। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, मार्गदर्शन और सहयोग की भावना ने उनकी यात्रा को सुरक्षित, सहज और यादगार बना दिया। श्रद्धालु ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस का व्यवहार बेहद सकारात्मक और सहयोगपूर्ण रहा तथा हर परिस्थिति में पुलिसकर्मी सहायता के लिए तत्पर दिखाई दिए। उनकी इस प्रतिक्रिया ने उत्तराखंड पुलिस के “मित्रता • सेवा • सुरक्षा” के संकल्प को और मजबूती प्रदान की।

कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटना किसी चुनौती से कम नहीं होता। ऐसे में हरिद्वार पुलिस द्वारा दिखाई जा रही त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता और सेवा भावना श्रद्धालुओं का भरोसा मजबूत कर रही है। चाहे दुर्घटना में घायल की जान बचाने का मामला हो, नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती हो, बिछड़े बच्चों को परिजनों से मिलाने की जिम्मेदारी हो या दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना—हरिद्वार पुलिस हर स्तर पर अपने कर्तव्य का प्रभावी निर्वहन करती नजर आ रही है। यही कारण है कि कांवड़ यात्रा-2026 में सुरक्षा और सेवा का यह मॉडल श्रद्धालुओं के बीच विश्वास और संतोष का प्रतीक बनता जा रहा है।

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