खून के कथित सौदागरों का खेल बेनकाब: हरिद्वार में अवैध ब्लड कैंप पर पुलिस का शिकंजा,, गांव-देहात में बिना अनुमति लगाए जा रहे थे ब्लड डोनेशन कैंप, 27 यूनिट रक्त और भारी मात्रा में उपकरण बरामद—पांच आरोपी हिरासत में,, रक्तदान जैसे पवित्र कार्य की आड़ में कथित गोरखधंधे का आरोप, दो कारों से ब्लड बैग, डोनर चेयर, प्रमाणपत्र और रक्त संग्रह सामग्री बरामद
बिना अनुमति गांवों में ब्लड कैंप लगाकर रक्त जुटाने का आरोप, 27 यूनिट रक्त, ब्लड बैग और उपकरण बरामद, पांच आरोपी हिरासत में; पुलिस जांच में जुटी

खून के कथित सौदागरों का खेल बेनकाब: हरिद्वार में अवैध ब्लड कैंप पर पुलिस का शिकंजा,,
गांव-देहात में बिना अनुमति लगाए जा रहे थे ब्लड डोनेशन कैंप, 27 यूनिट रक्त और भारी मात्रा में उपकरण बरामद—पांच आरोपी हिरासत में,,
रक्तदान जैसे पवित्र कार्य की आड़ में कथित गोरखधंधे का आरोप, दो कारों से ब्लड बैग, डोनर चेयर, प्रमाणपत्र और रक्त संग्रह सामग्री बरामद

हरिद्वार/लक्सर। रक्तदान को जीवन बचाने वाला महादान कहा जाता है, लेकिन हरिद्वार में इसी पवित्र कार्य की आड़ में कथित तौर पर अवैध रक्त संग्रह और उसकी बिक्री का प्रयास किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लक्सर पुलिस ने बिना आवश्यक अनुमति ब्लड डोनेशन कैंप लगाने और लोगों से रक्त एकत्र करने के आरोप में पांच लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस की कार्रवाई में 27 यूनिट रक्त, 27 खाली ब्लड बैग, डोनर चेयर, रक्त जांच उपकरण, प्रमाणपत्र और दो वाहन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी गांव-देहात के क्षेत्रों में कैंप लगाकर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करते थे। आरोप है कि रक्त को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकृत ब्लड बैंक तक पहुंचाने के बजाय अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचने का प्रयास किया जा रहा था। हालांकि रक्त की वास्तविक बिक्री, खरीदारों और पैसों के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की पुष्टि के लिए पुलिस की विस्तृत जांच जारी है।
अलावलपुर तिराहे पर पुलिस ने रोकीं दो कारें, तलाशी में खुल गया कथित खेल
16 अगस्त 2026 को लक्सर पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग संगठित तरीके से गांव-देहात में बिना अनुमति ब्लड डोनेशन कैंप संचालित कर रहे हैं। सूचना मिलते ही चौकी सुल्तानपुर प्रभारी उपनिरीक्षक बीरेन्द्र सिंह नेगी ने कार्रवाई शुरू की और चौकी भिक्कमपुर प्रभारी उपनिरीक्षक यशवीर सिंह नेगी को भी सूचना दी।पुलिस टीम ने अलावलपुर तिराहे पर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान दो संदिग्ध वाहनों को रोककर तलाशी ली गई। पुलिस के अनुसार स्विफ्ट कार संख्या UK-08-BL-3257 की डिग्गी में रखे आइस बॉक्स से 27 यूनिट रक्त और 27 खाली ब्लड बैग बरामद हुए।
इसके साथ ही ब्लड यूनिट की जांच और माप तथा रक्त संग्रह से जुड़े उपकरण भी मिले। दूसरी ओर स्कॉर्पियो एन कार संख्या UP-20-CD-8085 की तलाशी में चार डोनर चेयर, डोनर फॉर्म बुक, वेट मशीन, अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर के 28 प्रमाणपत्र, स्लाइड और हाथ बांधने वाली चार बेल्ट बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।
गांवों में कैंप लगाकर रक्त जुटाने का आरोप, दूसरे राज्यों तक नेटवर्क की जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक आरोपियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाकर रक्त संग्रह किया जाता था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन कैंपों के पीछे कौन लोग थे और किसके निर्देश पर रक्त एकत्र किया जा रहा था।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि बरामद रक्त को कहां ले जाया जाना था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या रक्त किसी अधिकृत ब्लड बैंक को दिया जाना था या फिर कथित तौर पर दूसरे राज्यों में उसकी बिक्री की योजना थी।
28 प्रमाणपत्रों की बरामदगी ने भी जांच को नया मोड़ दिया है। पुलिस इन प्रमाणपत्रों की वैधता, उनके इस्तेमाल और आरोपियों से उनके संबंध की जांच कर रही है। साथ ही डोनर फॉर्म और अन्य दस्तावेजों से उन लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा सकता है, जिनसे रक्त एकत्र किया गया था।
27 यूनिट रक्त ने खड़े किए गंभीर सवाल
पुलिस की कार्रवाई में बरामद सामानों की लंबी सूची पूरे मामले की गंभीरता को सामने लाती है। पुलिस के अनुसार मौके से 27 यूनिट रक्त, 27 खाली ब्लड बैग, बीपी मशीन, एचबी मशीन, ब्लड ग्रुप जांच सामग्री, डोनर फॉर्म बुक, अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर के 28 प्रमाणपत्र, स्लाइड का डिब्बा, चार हाथ बांधने वाली बेल्ट, वेट मशीन, चार डोनर चेयर और ब्लड यूनिट मापने वाली वेट मशीन बरामद हुई हैं।
इसके अलावा UK-08-BL-3257 नंबर की स्विफ्ट और UP-20-CD-8085 नंबर की स्कॉर्पियो एन को भी पुलिस ने कब्जे में लिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन संसाधनों के साथ किस प्रकार के कैंप संचालित किए जा रहे थे? रक्त कहां से एकत्र किया गया, कहां ले जाया जाना था और इसके पीछे आर्थिक मकसद क्या था—इन तमाम सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद सामने आएंगे।
पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा, कानूनी शिकंजा कसा
मामले में कोतवाली लक्सर में मु0अ0सं0 829/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ धारा 18(सी), 27 ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट एवं धारा 316(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए आरोपियों में अनित सैनी निवासी फतवा, थाना लक्सर; शुभम कुमार निवासी माड़ा बेला, थाना खानपुर; दुष्यन्त कुमार निवासी सुरेन्द्र नगर कॉलोनी, बिजनौर; कावेन्द्र कुमार निवासी हरतला, मुरादाबाद और दया सिंह निवासी ईसमपुर ढाणा, सम्भल शामिल हैं।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस गतिविधि में अन्य लोग, संस्थाएं या ब्लड सेंटर भी जुड़े हुए हैं।
SSP नवनीत सिंह भुल्लर की दो टूक—रक्तदान की आड़ में खेल नहीं चलेगा
हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रक्तदान जैसे संवेदनशील और मानवीय कार्य की आड़ में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर जनपद में अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी, व0उ0नि0 नितिन चौहान, उपनिरीक्षक बीरेन्द्र सिंह नेगी, उपनिरीक्षक यशवीर सिंह नेगी सहित कांस्टेबल किशोर नेगी, जगत सिंह, राजेन्द्र बिष्ट, अरविन्द चौहान, ध्वजवीर सिंह और दिगम्बर सिंह शामिल रहे।
अब जांच खोलेगी रक्त के कथित कारोबार का पूरा राज
लक्सर पुलिस की यह कार्रवाई केवल 27 यूनिट रक्त बरामद होने तक सीमित नहीं है। असली सवाल उस कथित नेटवर्क का है, जो यदि जांच में सही पाया गया तो रक्तदान की आड़ में लोगों की भावनाओं और भरोसे के साथ खिलवाड़ का गंभीर मामला बन सकता है।
अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि रक्त किससे लिया गया, किसके नाम पर कैंप लगाए गए, किसे रक्त भेजा जाना था और क्या वास्तव में इसे दूसरे राज्यों में बेचने की तैयारी थी। जांच के निष्कर्ष ही तय करेंगे कि इस कथित रक्त कारोबार की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसके पीछे कौन-कौन चेहरे छिपे हैं।



