नशे के सौदागरों पर हरिद्वार में अब होगा ‘फुल एक्शन’! स्कूलों के 100 मीटर में गुटखा-तंबाकू पर शिकंजा, मेडिकल स्टोरों पर कैमरों की नजर,, डीएम मयूर दीक्षित ने NCORD बैठक में अधिकारियों को दिया सख्त संदेश—नशे की जड़, सप्लाई चेन और बिक्री के ठिकानों तक पहुंचे प्रशासन; नशा मुक्ति केंद्रों की भी होगी संयुक्त जांच,,
युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए हरिद्वार में प्रशासन का बड़ा प्लान, 1933 हेल्पलाइन पर करें नशे की बिक्री-तस्करी की सूचना; कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी होगा तेज

नशे के सौदागरों पर हरिद्वार में अब होगा ‘फुल एक्शन’! स्कूलों के 100 मीटर में गुटखा-तंबाकू पर शिकंजा, मेडिकल स्टोरों पर कैमरों की नजर,,
डीएम मयूर दीक्षित ने NCORD बैठक में अधिकारियों को दिया सख्त संदेश—नशे की जड़, सप्लाई चेन और बिक्री के ठिकानों तक पहुंचे प्रशासन; नशा मुक्ति केंद्रों की भी होगी संयुक्त जांच,,
युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए हरिद्वार में प्रशासन का बड़ा प्लान, 1933 हेल्पलाइन पर करें नशे की बिक्री-तस्करी की सूचना; कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी होगा तेज

हरिद्वार, 17 अगस्त 2026।
हरिद्वार में नशे के खिलाफ अब प्रशासन ने अपनी रणनीति को और आक्रामक बनाने की तैयारी कर ली है। नशे के कारोबार पर सिर्फ छोटी-मोटी कार्रवाई या कुछ लोगों की गिरफ्तारी तक सीमित रहने के बजाय अब पूरी सप्लाई चेन को निशाने पर लेने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में हुई नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन मैकेनिज्म यानी NCORD की बैठक में नशे के खिलाफ अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि जनपद को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय और बेहतर तालमेल के साथ काम करें। उन्होंने साफ किया कि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई का दायरा बढ़ाना होगा। नशे की खेप कहां से आ रही है, किस रास्ते से पहुंच रही है और किन ठिकानों पर इसकी बिक्री हो रही है—इन सभी कड़ियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूल-कॉलेजों के आसपास ‘नो ड्रग्स जोन’ की सख्ती
प्रशासन का सबसे बड़ा फोकस अब उन जगहों पर है जहां जिले का भविष्य पढ़ता है। जिलाधिकारी ने जिले के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के निर्देश दिए।शिक्षण संस्थानों की 100 मीटर परिधि में गुटका, तंबाकू और नशे से संबंधित पदार्थों की बिक्री पर रोक सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।यानी स्कूल-कॉलेज के गेट से लेकर आसपास की दुकानों तक प्रशासन की नजर रहेगी। यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंध के बावजूद नशीले पदार्थों की बिक्री करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन का मानना है कि युवाओं को नशे की शुरुआत से ही रोकना जरूरी है। इसी वजह से कार्रवाई के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया है।
मेडिकल स्टोरों पर अब कैमरों की निगरानी, प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर शिकंजा
नशे के कारोबार में मेडिकल स्टोरों के जरिए प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की बिक्री की शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए हैं।जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित सभी मेडिकल स्टोरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण करने, दवाओं की बिक्री और रिकॉर्ड की जांच करने को कहा गया है।
बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के प्रतिबंधित अथवा नशीली दवाओं की बिक्री पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब यह भी देखेगा कि मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की बिक्री का रिकॉर्ड निर्धारित नियमों के अनुसार रखा जा रहा है या नहीं।यानी नशे के कारोबार पर कार्रवाई केवल सड़क और गलियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन माध्यमों पर भी नजर रखी जाएगी जहां से नशीली दवाओं की अवैध आपूर्ति की आशंका है।
नशा मुक्ति केंद्र भी प्रशासन की निगरानी में
बैठक में नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जिले में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रों का संबंधित विभागों के अधिकारियों से संयुक्त निरीक्षण कराने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान केंद्रों में उपचार व्यवस्था, चिकित्सकीय सुविधाएं, पंजीकृत व्यक्तियों की संख्या, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित मानकों के पालन की स्थिति की जांच की जाएगी।डीएम ने कहा कि नशे से बाहर निकलने के लिए उपचार करा रहे लोगों को बेहतर और मानवीय वातावरण मिलना चाहिए। नशा मुक्ति केंद्रों में इलाज और पुनर्वास की व्यवस्था प्रभावी होना बेहद जरूरी है।
नशे के सौदागरों की सूचना अब 1933 पर
नशे के खिलाफ प्रशासन ने आम जनता से भी सीधे मोर्चा संभालने की अपील की है। जिलाधिकारी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में जनसहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है।यदि जिले में कहीं नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी या वितरण की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर 1933 पर दी जा सकती है। सूचना के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ अभियान में केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि जागरूकता को भी बराबर महत्व दिया जाएगा। स्कूलों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा।युवाओं को खेल, शिक्षा और अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास भी किए जाएंगे।
बैठक में अधिकारियों की मौजूदगी, अब जमीन पर दिखेगा एक्शन
NCORD बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, सचिव जिला विधिक प्राधिकरण सिमरनजीत कौर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, सीओ ट्रैफिक बिपेंद्र सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर नेहा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
हरिद्वार में नशे के खिलाफ प्रशासन का यह प्लान अगर निर्देशों से निकलकर धरातल पर उसी सख्ती से लागू होता है, तो स्कूल-कॉलेजों के आसपास नशे का कारोबार करने वालों से लेकर अवैध रूप से नशीली दवाओं की बिक्री करने वालों तक पर शिकंजा कस सकता है।
अब असली परीक्षा आदेशों की नहीं, उनके जमीन पर उतरने की है। प्रशासन ने दिशा तय कर दी है—नशे के स्रोत से लेकर सप्लाई चेन और बिक्री के ठिकानों तक नजर जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में नशे के खिलाफ कार्रवाई का दायरा और तेज होने की उम्मीद है।



