हरिद्वार में विजिलेंस का डबल एक्शन: सहायक कृषि अधिकारी और युवा कल्याण अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार,, कृषि उपकरणों की सब्सिडी के नाम पर मांगे थे 10 हजार रुपये, खानपुर में तैनात अधिकारी को मकान से दबोचा; नारसन ब्लॉक में 35 हजार की रिश्वत लेते क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप गिरफ्तार,, एक ही दिन हरिद्वार जिले में विजिलेंस की दो बड़ी कार्रवाइयों से सरकारी महकमे में हड़कंप, शिकायतों के सत्यापन के बाद दोनों मामलों में टीम ने बिछाया जाल और रंगे हाथों पकड़ा

हरिद्वार में विजिलेंस का डबल एक्शन: सहायक कृषि अधिकारी और युवा कल्याण अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार,,
कृषि उपकरणों की सब्सिडी के नाम पर मांगे थे 10 हजार रुपये, खानपुर में तैनात अधिकारी को मकान से दबोचा; नारसन ब्लॉक में 35 हजार की रिश्वत लेते क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप गिरफ्तार,,
एक ही दिन हरिद्वार जिले में विजिलेंस की दो बड़ी कार्रवाइयों से सरकारी महकमे में हड़कंप, शिकायतों के सत्यापन के बाद दोनों मामलों में टीम ने बिछाया जाल और रंगे हाथों पकड़ा

लक्सर/मंगलौर/हरिद्वार। हरिद्वार जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग यानी विजिलेंस ने मंगलवार को एक के बाद एक दो बड़ी कार्रवाई कर सरकारी महकमों में हड़कंप मचा दिया। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में हुई इन कार्रवाइयों में विजिलेंस टीम ने दो सरकारी अधिकारियों को कथित रूप से रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एक कार्रवाई खानपुर क्षेत्र में तैनात सहायक कृषि अधिकारी के खिलाफ हुई, जबकि दूसरी कार्रवाई नारसन ब्लॉक परिसर में प्रांतीय रक्षक दल विभाग के क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप के खिलाफ की गई।
दोनों मामलों में शिकायतकर्ताओं ने अधिकारियों पर सरकारी काम कराने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया और इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
कृषि उपकरणों पर सब्सिडी के नाम पर मांगी 10 हजार की रिश्वत
लक्सर क्षेत्र से सामने आए पहले मामले में खानपुर में तैनात सहायक कृषि अधिकारी को विजिलेंस टीम ने कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता विकास ने कृषि उपकरणों पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए आवेदन किया था।
आरोप है कि सब्सिडी दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में सहायक कृषि अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना सतर्कता विभाग को दी।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद टीम ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना तैयार की।
बताया जा रहा है कि इसके बाद विजिलेंस टीम ने लक्सर स्थित सहायक कृषि अधिकारी के मकान पर कार्रवाई की। जैसे ही अधिकारी ने कथित रूप से रिश्वत की रकम स्वीकार की, विजिलेंस टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
अचानक हुई इस कार्रवाई की खबर सामने आते ही कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई। विजिलेंस टीम ने आरोपी अधिकारी से पूछताछ के साथ ही मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई सतर्कता विभाग द्वारा की जा रही है।
नारसन ब्लॉक में 35 हजार की रिश्वत लेते अधिकारी गिरफ्तार
वहीं दूसरी बड़ी कार्रवाई नारसन ब्लॉक परिसर में हुई। यहां देहरादून से पहुंची सतर्कता विभाग की टीम ने प्रांतीय रक्षक दल विभाग के क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप को कथित तौर पर 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
जानकारी के मुताबिक ग्राम मुण्डयाकी निवासी जोगिंदर ने सतर्कता विभाग से शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि युवा कल्याण विभाग से संबंधित एक काम को कराने के एवज में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी द्वारा उससे 35 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग ने आरोपों का सत्यापन कराया। शिकायत की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
मंगलवार को देहरादून से पहुंची सतर्कता विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से नारसन ब्लॉक परिसर में कार्रवाई की। जैसे ही कथित तौर पर 35 हजार रुपये की रिश्वत का लेन-देन हुआ, टीम ने आरोपी अधिकारी कुलदीप को मौके पर गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस की कार्रवाई के बाद ब्लॉक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अचानक बड़ी संख्या में सतर्कता अधिकारियों के पहुंचने और कार्रवाई किए जाने से वहां मौजूद कर्मचारियों तथा अन्य लोगों में भी हड़कंप मच गया।
टीम ने आरोपी अधिकारी से पूछताछ करने के साथ ही मामले से संबंधित दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की भी जांच की। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने यह भी खंगालने का प्रयास किया कि कथित रिश्वतखोरी का मामला किसी व्यापक भ्रष्टाचार से जुड़ा है या नहीं।
एक दिन में दो ट्रैप कार्रवाई से सरकारी विभागों में बढ़ी बेचैनी
हरिद्वार जिले में एक ही दिन विजिलेंस की दो अलग-अलग ट्रैप कार्रवाई ने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज कर दी है। एक ओर जहां कृषि विभाग के अधिकारी पर सब्सिडी से जुड़े काम के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया है, वहीं दूसरी ओर युवा कल्याण विभाग से जुड़े अधिकारी पर सरकारी काम कराने के नाम पर 35 हजार रुपये मांगने का आरोप है।
इन दोनों मामलों में खास बात यह है कि सतर्कता विभाग ने सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले शिकायतों का सत्यापन कराया और उसके बाद ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि शिकायतों के आधार पर विजिलेंस टीम सरकारी अधिकारियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
विजिलेंस की कार्रवाई के बाद अब दोनों मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद संबंधित विभागों में भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
विजिलेंस का सख्त संदेश
एक ही दिन में सामने आई इन दो कार्रवाइयों को सरकारी तंत्र में रिश्वतखोरी के खिलाफ सतर्कता विभाग की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। विजिलेंस की कार्रवाई ने यह संदेश भी दिया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने अथवा सरकारी कार्य कराने के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
फिलहाल दोनों मामलों में विजिलेंस टीम की कार्रवाई जारी है और जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गिरफ्तार अधिकारियों के खिलाफ कौन-कौन से आरोप और धाराएं तय की जाती हैं। मामले में विभागीय स्तर पर भी आगे की कार्रवाई की संभावना है।



