गड्ढों पर डीएम मयूर दीक्षित का ‘एक्शन मोड’, 15 अक्टूबर तक हर सड़क होगी गड्ढामुक्त,, कांवड़ और बारिश से टूटी सड़कों पर तेज हुआ मरम्मत अभियान, डीएम ने मौके पर पहुंचकर परखी निर्माण की गुणवत्ता,,
हरिद्वार में पुराना एआरटीओ–भारत माता मंदिर मार्ग और धोबी घाट-बैरागी कैंप में टाइल्स निर्माण का लिया जायजा, बोले—लापरवाही और घटिया काम किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं

गड्ढों पर डीएम मयूर दीक्षित का ‘एक्शन मोड’, 15 अक्टूबर तक हर सड़क होगी गड्ढामुक्त,,
कांवड़ और बारिश से टूटी सड़कों पर तेज हुआ मरम्मत अभियान, डीएम ने मौके पर पहुंचकर परखी निर्माण की गुणवत्ता,,
हरिद्वार में पुराना एआरटीओ–भारत माता मंदिर मार्ग और धोबी घाट-बैरागी कैंप में टाइल्स निर्माण का लिया जायजा, बोले—लापरवाही और घटिया काम किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं

हरिद्वार, 21 अगस्त 2026।
हरिद्वार जनपद में बारिश और कांवड़ यात्रा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जनपद की सड़कों को निर्धारित समयसीमा में गड्ढामुक्त करने के अभियान को तेज कर दिया गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने शुक्रवार को खुद मौके पर पहुंचकर सड़क मरम्मत और टाइल्स निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि काम में न तो देरी हो और न ही गुणवत्ता से कोई समझौता किया जाए।
जिलाधिकारी ने सप्तसरोवर क्षेत्र में पुराना एआरटीओ से भारत माता मंदिर मार्ग तथा आयरिश पुल के पास धोबी घाट (बैरागी कैंप) मार्ग पर चल रहे सड़क मरम्मत एवं टाइल्स निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर निर्माण कार्य की प्रगति, इस्तेमाल की जा रही सामग्री, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान डीएम मयूर दीक्षित का रुख पूरी तरह सख्त नजर आया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने साफ कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आई तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा।
कांवड़ और भारी बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों पर विशेष फोकस
जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा और भारी वर्षा के कारण जनपद की कई प्रमुख सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। ऐसे में पहले चरण में महत्वपूर्ण मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अन्य प्रमुख सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में 15 अक्टूबर तक जनपद की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।डीएम ने अधिकारियों से कहा कि केवल गड्ढे भरना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि सड़क की मरम्मत इस तरह की जाए कि आम जनता को लंबे समय तक सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
डीएम ने कहा—गुणवत्ता से समझौता किया तो होगी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क मरम्मत और टाइल्स निर्माण में निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन होना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, घटिया सामग्री का इस्तेमाल अथवा गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को लगातार मौके पर निरीक्षण करने और निर्माण कार्य की प्रगति की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि जहां सड़क निर्माण अथवा टाइल्स निर्माण का कार्य चल रहा है, वहां आम लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
सड़क के साथ जलभराव पर भी वार
सड़क मरम्मत अभियान को केवल गड्ढामुक्त सड़क तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान जल निकासी व्यवस्था को भी दुरुस्त करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सड़क मरम्मत और टाइल्स निर्माण कार्य कराया जा रहा है, वहां जल निकासी व्यवस्था में सुधार होने से बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से भी लोगों को राहत मिलेगी। इससे सड़क की स्थिति बेहतर होने के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों और यात्रियों का आवागमन भी अधिक सुगम होगा।
सप्तसरोवर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में सड़क व्यवस्था बेहतर होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
हर सड़क पर निगरानी, तय समय में पूरा होगा काम
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि काम की गति के साथ गुणवत्ता भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन सड़कों की मरम्मत की आवश्यकता है, उनकी लगातार समीक्षा की जाए और प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराया जाए। बरसात के कारण दोबारा क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों पर भी तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जनपदवासियों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करें।
डीएम का संदेश साफ—सड़क पर गड्ढा नहीं, काम में लापरवाही नहीं
निरीक्षण के बाद प्रशासन का संदेश स्पष्ट है कि आगामी दिनों में हरिद्वार की क्षतिग्रस्त सड़कों पर तेजी से मरम्मत कार्य होगा। एक तरफ गड्ढामुक्त अभियान को गति दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर जल निकासी और सड़क सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री के 15 अक्टूबर तक जनपद की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश के बाद अब जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मैदान में उतरकर अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में सड़क मरम्मत अभियान की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।निरीक्षण के दौरान एनएचएआई रुड़की के साइट इंजीनियर आकाश सिंह, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



