एक टेंपो ट्रैवलर… दर्जनों अफसर… और सामने कुंभ का सबसे बड़ा ‘मिशन’! मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने शुरू किया ग्राउंड रियलिटी चेक 700 करोड़ के कामों के बीच अचानक ‘एक्शन मोड’ में उतरे मुख्य सचिव—चलती गाड़ी में लिया निर्माण कार्यों का हिसाब, अधूरे कामों को मिली डेडलाइन; जनवरी से पहले हर मोर्चा फतह करने की तैयारी

एक टेंपो ट्रैवलर… सभी आला अफसर… और सामने कुंभ का सबसे बड़ा ‘मिशन’! मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने शुरू किया ग्राउंड रियलिटी चेक,,
700 करोड़ के कामों के बीच अचानक ‘एक्शन मोड’ में उतरे मुख्य सचिव—चलती गाड़ी में लिया निर्माण कार्यों का हिसाब, अधूरे कामों को मिली डेडलाइन; जनवरी से पहले हर मोर्चा फतह करने की तैयारी,,
टेंपो ट्रैवलर में बैठे मुख्य सचिव… और कुंभ की तैयारियों का खुल गया पूरा ‘ग्राउंड रियलिटी चेक’!
हरिद्वार में निर्माण स्थलों पर पहुंचे मुख्य सचिव—अधूरे कामों की ली जानकारी, अफसरों से मांगा प्रगति का हिसाब; साफ संदेश- कुंभ शुरू होने से पहले हर जरूरी काम पूरा हो, समय और गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता
हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड सरकार अब किसी तरह की ढिलाई के मूड में नजर नहीं आ रही है। करोड़ों रुपये की योजनाओं के बीच काम की वास्तविक स्थिति क्या है, निर्माण कितनी रफ्तार से चल रहा है और तय समयसीमा के भीतर परियोजनाएं पूरी होंगी या नहीं—इन्हीं सवालों का जवाब तलाशने के लिए मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन गुरुवार को हरिद्वार पहुंचे।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ कुंभ क्षेत्र में निर्माणाधीन विभिन्न कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान खास बात यह रही कि उन्होंने अलग-अलग निर्माण स्थलों का जायजा लेने के लिए अधिकारियों के साथ टेंपो ट्रैवलर में बैठकर पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया। रास्ते में चल रहे कार्यों की जानकारी ली गई और अधिकारियों से परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति तथा आगे की कार्ययोजना पर फीडबैक लिया गया।
मुख्य सचिव का यह दौरा महज औपचारिक निरीक्षण नहीं, बल्कि कुंभ-2027 की तैयारियों का जमीनी परीक्षण माना जा रहा है।
700 करोड़ की योजनाएं… अब हर काम की जमीन पर होगी परीक्षा
मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने बताया कि जनवरी से कुंभ-2027 का आयोजन प्रारंभ होने जा रहा है। कुंभ की विशालता को देखते हुए भारत सरकार और राज्य सरकार के स्तर से विभिन्न योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि करीब 700 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, जिन पर लगातार काम चल रहा है। सरकार की कोशिश है कि सभी कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरे किए जाएं और निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो।
उन्होंने कहा कि कुंभ में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। ऐसे में सरकार का लक्ष्य केवल मेले का आयोजन कराना नहीं, बल्कि आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा, सुगम व्यवस्था और अच्छा अनुभव उपलब्ध कराना है।
अधूरे कामों पर सख्त नजर, समयसीमा में पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति जानी और संबंधित अधिकारियों से फीडबैक लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो कार्य अभी अधूरे हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
कुंभ जैसे विशाल आयोजन में अंतिम समय पर निर्माण कार्यों का अधूरा रह जाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। यही वजह है कि सरकार अब परियोजनाओं की प्रगति को लगातार मॉनिटर कर रही है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि काम सिर्फ तेजी से पूरा न हो, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप रहे।
उन्होंने कहा कि चुनौतियां हर बड़े आयोजन में रहती हैं, लेकिन सभी अधिकारी और विभाग मिलकर काम पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
एक वाहन में बैठे अफसर… रास्ते में ही होती रही काम की समीक्षा
मुख्य सचिव के निरीक्षण का तरीका भी खास रहा। अधिकारियों के साथ टेंपो ट्रैवलर में बैठकर उन्होंने निर्माण स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई।
यह निरीक्षण इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कुंभ क्षेत्र में कई स्थानों पर एक साथ निर्माण और विकास कार्य चल रहे हैं। ऐसे में कागजी रिपोर्ट के बजाय मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने से वास्तविक प्रगति का बेहतर आकलन किया जा सकता है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह भी संदेश दिया कि कुंभ की तैयारियों में अब समयबद्धता सबसे महत्वपूर्ण है। जनवरी में आयोजन शुरू होने से पहले आवश्यक कार्यों को पूरा करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
हरिद्वार में वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा अमला मौजूद
निरीक्षण के दौरान गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, मेला अधिकारी सोनिका, आईजी कुंभ डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में कुंभ क्षेत्र की तैयारियों को लेकर विभागीय समन्वय और निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई।
कुंभ से पहले ‘परफेक्ट ग्राउंड’ तैयार करने की चुनौती
हरिद्वार में कुंभ-2027 को लेकर निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ चुकी है। सड़कों से लेकर यातायात व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, बिजली, जल निकासी और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े अनेक कार्यों को समय पर पूरा करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है।
कुंभ के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में हरिद्वार की व्यवस्थाओं को केवल स्थानीय जरूरत के हिसाब से नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर आने वाली भीड़ को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन का निरीक्षण इसी तैयारी की कड़ी माना जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि सरकार का प्रयास है कि कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
700 करोड़ रुपये की योजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, काम जमीन पर दिखाई दे रहा है और अब सरकार की नजर हर डेडलाइन पर है। मुख्य सचिव के निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों के सामने संदेश भी साफ है—कुंभ की तारीख नजदीक आ रही है, इसलिए काम की रफ्तार भी बढ़ानी होगी और गुणवत्ता भी बनाए रखनी होगी।



