वक्फ की जमीनो पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं! वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्श का सीधा वार—‘कायदे में रहो, वरना प्रशासन सख्ती करेगा’ अवैध कब्जों पर गरजे वक्फ बोर्ड अध्यक्ष—‘खानकाहो के नाम पर जमीन कब्जाने की छूट नहीं, वक्फ माफियाओ पर हो कार्रवाई’; विपक्ष को भी दिया करारा जवाब

वक्फ की जमीनो पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं! वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्श का सीधा वार—‘कायदे में रहो, वरना प्रशासन सख्ती करेगा’
अवैध कब्जों पर गरजे वक्फ बोर्ड अध्यक्ष—‘खानकाहो के नाम पर जमीन कब्जाने की छूट नहीं, वक्फ माफियाओ पर हो कार्रवाई’; विपक्ष को भी दिया करारा जवाब
हरिद्वार। वक्फ संपत्तियों पर कथित अतिक्रमण और कब्जे को लेकर अब सियासी बयानबाजी के साथ-साथ कार्रवाई की मांग भी तेज होती दिखाई दे रही है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने इस पूरे मामले पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि वक्फ की संपत्तियों को अवैध कब्जों से बचाना उनकी जिम्मेदारी है और इस जिम्मेदारी से वह पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि जहां भी वक्फ संपत्तियों पर गलत तरीके से अतिक्रमण या कब्जे की जानकारी सामने आती है, उसकी सूचना जिलाधिकारी को दी जाती है। प्रशासन से अपेक्षा है कि मामले की जांच कराकर यदि कब्जा अवैध पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
‘वक्फ की जमीन पर कब्जा किसी कीमत पर स्वीकार नहीं’
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि वक्फ संपत्तियां किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं हैं। इन संपत्तियों का संरक्षण कानून के तहत किया जाना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से कब्जा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि बोर्ड का काम केवल कागजों में संपत्तियों की सूची बनाना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। यही वजह है कि जहां शिकायतें मिल रही हैं, वहां प्रशासन को जानकारी देकर रिकॉर्ड और मौके की स्थिति की जांच कराने की मांग की जा रही है।
‘मैं गलत हूं तो पद छोड़ दूंगा’—विपक्ष को खुली चुनौती
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने विरोध करने वालों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि वक्फ की संपत्तियों से अवैध कब्जे हटाने की कोशिश गलत है तो वह अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने सवाल किया कि जब बोर्ड की जिम्मेदारी ही वक्फ संपत्तियों की रक्षा करना है तो फिर अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं?
उनका कहना था कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन संपत्तियों की सुरक्षा और कानून का पालन किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं बल्कि प्रशासनिक और कानूनी जिम्मेदारी है।
कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जे से बढ़ रही परेशानी का मुद्दा उठाया
बोर्ड अध्यक्ष ने कब्रिस्तान की जमीनों पर कथित कब्जे को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर स्थानीय लोगों को कब्रिस्तान के लिए जगह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यदि कब्रिस्तान की जमीन पर ही अतिक्रमण हो जाए तो स्थिति और गंभीर हो जाती है।
उन्होंने कहा कि गरीब या जरूरतमंद होने की स्थिति में भी किसी व्यक्ति को वक्फ या कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जे का अधिकार नहीं मिल जाता। जरूरतमंदों की सहायता के लिए अलग कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था हो सकती है, लेकिन अवैध कब्जे को सही नहीं ठहराया जा सकता।
‘बाहर से आकर कब्जा करने का खेल नहीं चलेगा’
उन्होंने कथित तौर पर दूसरे क्षेत्रों से आकर वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने वालों पर भी सवाल उठाए। हालांकि किसी भी मामले में वास्तविक स्थिति जांच और दस्तावेजों के सत्यापन से ही स्पष्ट होगी, लेकिन बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि बाहर से आकर किसी संपत्ति पर कब्जा जमा लेना कानूनन स्वीकार्य नहीं हो सकता।
उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में रिकॉर्ड की जांच और मौके का सत्यापन कर निष्पक्ष कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई।
धामी सरकार के नाम पर भी दिया सख्त संदेश
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार कानून व्यवस्था के मामले में किसी प्रकार की अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान करना नहीं है, लेकिन अवैध कब्जे और कानून तोड़ने वालों को संरक्षण भी नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने लोगों से विवाद बढ़ाने के बजाय कानून का रास्ता अपनाने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति कार्रवाई का विरोध करते हुए कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करता है तो प्रशासन को मजबूरन सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।
‘इज्जत से रास्ता छोड़ दो, वरना कार्रवाई तय’
अपने बयान के अंत में बोर्ड अध्यक्ष ने बेहद सख्त अंदाज में कहा कि जो लोग कानून के दायरे में रहेंगे, उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। लेकिन यदि कोई अवैध कब्जा छोड़ने के बजाय टकराव का रास्ता अपनाता है तो प्रशासन कानून के अनुसार कार्रवाई करेगा।
उनका संदेश साफ है—वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे की शिकायतों की जांच होगी, रिकॉर्ड सामने आएंगे और यदि कब्जा गैरकानूनी पाया गया तो कार्रवाई भी होगी।
अब इस बयान के बाद निगाह प्रशासन पर टिक गई है कि वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों में जांच किस स्तर पर होती है और कथित अतिक्रमणों को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।



