सतपाल महाराज के जन्मोत्सव में जुटा संत समाज और सियासी दिग्गज, CM धामी बोले—आध्यात्मिक चेतना और लोकसेवा के प्रतीक हैं महाराज,, हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में भव्य समारोह, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा—‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना आज पूरी मानवता के लिए प्रासंगिक; आगामी कुंभ को दिव्य-भव्य बनाने की तैयारियों पर भी बोले मुख्यमंत्री
समारोह में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, विधायक आदेश चौहान, विधायक बृज भूषण गैरोला, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत, रीवा रियासत के महाराजा पुष्पराज सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्य मंत्री शोभाराम प्रजापति, ओमप्रकाश जमदग्नि, बदरी-केदार मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, विक्रम भुल्लर, मनोज गौतम, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त नंदन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

सतपाल महाराज के जन्मोत्सव में जुटा संत समाज और सियासी दिग्गज, CM धामी बोले—आध्यात्मिक चेतना और लोकसेवा के प्रतीक हैं महाराज,,
हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में भव्य समारोह, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा—‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना आज पूरी मानवता के लिए प्रासंगिक; आगामी कुंभ को दिव्य-भव्य बनाने की तैयारियों पर भी बोले मुख्यमंत्री

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में सोमवार को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर भव्य समारोह आयोजित किया गया। मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) समेत प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि, संत समाज और देश-विदेश से बड़ी संख्या में पहुंचे अनुयायी शामिल हुए। कार्यक्रम में सतपाल महाराज को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके आध्यात्मिक, सामाजिक और जनसेवा से जुड़े योगदान को रेखांकित किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सतपाल महाराज को जन्मदिवस की बधाई देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सक्रिय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतपाल महाराज ने अपने जीवन के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना, समाजसेवा, परोपकार और लोककल्याण का संदेश समाज तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि उनके जन्मदिवस पर उमड़ी भीड़ उनके प्रति लोगों के प्रेम, श्रद्धा और सम्मान को दर्शाती है।
‘महाराज जी का जीवन आध्यात्मिक चेतना और लोककल्याण का प्रतीक’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सतपाल महाराज की सरलता, सहजता, समर्पण और दूरदर्शिता ने उन्हें समाज में विशिष्ट पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में साथ कार्य करने के दौरान उन्हें सतपाल महाराज के अनुभव, सहज व्यवहार और कार्य के प्रति समर्पण को करीब से देखने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आध्यात्मिक व्यक्तित्व के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित कर्मयोगी बताया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पर्यटन विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव उत्तराखंड में भी दिखाई दे रहा है। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, चारधाम यात्रा को सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने, केदारखंड और मानसखंड परियोजनाओं तथा संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने के प्रयासों के चलते राज्य धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ-साथ साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन रहा है।
‘आगामी कुंभ होगा भारत की आध्यात्मिक शक्ति और सनातन परंपरा का विराट उत्सव’
आगामी हरिद्वार कुंभ को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह आयोजन केवल आस्था का महासंगम नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति, सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता का विराट उत्सव होगा। राज्य सरकार कुंभ को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ तैयारियों में जुटी है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि देश-दुनिया से हरिद्वार पहुंचने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यहां से आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और सुखद अनुभव लेकर लौटे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि संत समाज के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से हरिद्वार का कुंभ देश-दुनिया के लिए आकर्षण और प्रेरणा का केंद्र बनेगा।
राज्यपाल बोले—‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश आज पूरी मानवता के लिए जरूरी
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने भी सतपाल महाराज को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मानव उत्थान सेवा समिति के माध्यम से सतपाल महाराज ने देश-विदेश में मानव धर्म, आत्मज्ञान, सद्भावना, प्रेम और सेवा का संदेश पहुंचाया है।
राज्यपाल ने कहा कि सतपाल महाराज का आध्यात्मिक जीवन मानवता की सेवा और समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा है। सार्वजनिक जीवन में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करते हुए वे उत्तराखंड की सेवा कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना आज पूरी मानवता के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। मानव धर्म, सद्भाव और सर्वधर्म समभाव के माध्यम से इस भावना को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
‘देवभूमि की संस्कृति और पहचान की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और गौरव की रक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून को इसी दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों, संत समाज तथा देश-विदेश से आए अनुयायियों का आभार व्यक्त किया।
समारोह में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, विधायक आदेश चौहान, विधायक बृज भूषण गैरोला, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत, रीवा रियासत के महाराजा पुष्पराज सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्य मंत्री शोभाराम प्रजापति, ओमप्रकाश जमदग्नि, बदरी-केदार मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, विक्रम भुल्लर, मनोज गौतम, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त नंदन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।



