गुरुकुलम् उद्घाटन में घाट क्षैत्र के ग्राम प्रधानों ने किया 51 किलो फूलों की विशाल माला से CM धामी का भव्य स्वागत,, CM धामी के सामने ग्राम प्रधानों ने खोला मांगों का पिटारा,, गुरुकुलम् के मंच से गांवों की शिक्षा का संदेश, स्कूलों को कक्षा 10 और 12 तक उच्चीकृत करने की उठाई मांग–खाला टीरा में 12वीं तक स्कूल की मांग

गुरुकुलम् उद्घाटन में घाट क्षैत्र के ग्राम प्रधानों ने किया 51 किलो फूलों की विशाल माला से CM धामी का भव्य स्वागत,,
CM धामी के सामने ग्राम प्रधानों ने खोला मांगों का पिटारा,,
गुरुकुलम् के मंच से गांवों की शिक्षा का संदेश, स्कूलों को कक्षा 10 और 12 तक उच्चीकृत करने की उठाई मांग–खाला टीरा में 12वीं तक स्कूल की मांग
इन्तजार रजा हरिद्वार– हरिद्वार में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् के शुभारंभ समारोह के दौरान घाट क्षेत्र की ग्रामीण आवाज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंची। गुरुकुलम् के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे घाट क्षेत्र के ग्राम पंचायत प्रधानों और प्रधान प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का करीब 51 किलो फूलों की विशाल पुष्पमाला से भव्य स्वागत किया। इसके बाद ग्राम प्रधान संगठन की ओर से क्षेत्र की शिक्षा, सड़क और अन्य विकास संबंधी समस्याओं को लेकर अलग-अलग मांगपत्र मुख्यमंत्री को सौंपे गए।

प्रधानों ने खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और कई सरकारी विद्यालयों को उच्चीकृत करने की मांग रखी। ग्राम प्रधानों का कहना है कि वर्तमान में कई गांवों के बच्चों को आठवीं या दसवीं के बाद कई किलोमीटर दूर स्थित विद्यालयों में जाना पड़ता है। इससे ग्रामीण परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
खाला टीरा में कक्षा 12 तक स्कूल उच्चीकृत करने की मांग
ग्राम पंचायत खाला टीरा के ग्राम प्रधान अनिल सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपे मांगपत्र में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तांडा टीरा को कक्षा 12 तक उच्चीकृत करने की मांग की।
मांगपत्र में बताया गया कि गांव में विद्यालय हाईस्कूल स्तर तक संचालित है। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को दूर जाना पड़ता है। कई ग्रामीण परिवारों के बच्चों के लिए प्रतिदिन लंबी दूरी तय करना मुश्किल है।
अनिल सिंह ने कहा कि गांव के बच्चों के भविष्य को देखते हुए विद्यालय का उच्चीकरण बेहद जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मांग पर जल्द कार्रवाई की अपील की।
अनिल सिंह ने कहा, “घाट क्षेत्र के ग्राम प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री जी का स्वागत किया और क्षेत्र की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। हमारी समस्याओं और प्रस्तावों को मुख्यमंत्री जी के सामने रखा गया है। हमें इन पर काम करने का आश्वासन मिला है और हमें पूरा विश्वास है कि समस्याओं का समाधान होगा।”
डालूवाला कलां में 9-10 किमी दूर जाना पड़ता है बच्चे
वहीं ग्राम पंचायत डालूवाला कलां की ओर से ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप उपाध्याय ने मुख्यमंत्री को मांगपत्र सौंपकर सरकारी विद्यालय को कक्षा 10 तक उच्चीकृत करने की मांग की।
मांगपत्र में कहा गया कि गांव में वर्तमान में सरकारी विद्यालय आठवीं कक्षा तक संचालित है। आठवीं के बाद बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए करीब 9 से 10 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय जाने के रास्ते में जंगल का क्षेत्र पड़ता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है।
प्रधान प्रतिनिधि ने कहा कि गांव में ही विद्यालय का उच्चीकरण होने से बच्चों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर भी बेहतर होगा।
प्रदीप उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री, स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण का कार्यक्रम में ग्राम प्रधान संगठन को अवसर देने के लिए आभार जताया।
हजारा ग्रंट में भी प्राथमिक विद्यालय को कक्षा 10 तक करने की मांग
ग्राम पंचायत हजारा ग्रंट की ओर से भी मुख्यमंत्री को मांगपत्र सौंपा गया। ग्राम प्रधान ममता देवी ने सरकारी प्राथमिक विद्यालय को कक्षा 10 तक उच्चीकृत करने की मांग उठाई।
मांगपत्र में कहा गया कि गांव में बच्चों की शिक्षा के लिए विद्यालय की सुविधा सीमित है। उच्च कक्षाओं में पढ़ाई के लिए बच्चों को दूसरे क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने अतिरिक्त खर्च की समस्या आती है।
प्रधानों ने मुख्यमंत्री से कहा कि यदि गांवों के विद्यालयों को उच्चीकृत किया जाता है तो इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण बच्चों को स्थानीय स्तर पर बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
शिवदासपुर तेलीवाला के प्रधान प्रतिनिधि बोले—‘दो-तीन महीने में समाधान का आश्वासन’
ग्राम पंचायत शिवदासपुर तेलीवाला के प्रधान प्रतिनिधि मीर आलम ने बताया कि घाट क्षेत्र की कई समस्याओं को लेकर ग्राम प्रधान संगठन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचा था। संगठन की ओर से कुछ प्रमुख मांगों को लिखित रूप में मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया।
मीर आलम के मुताबिक मुख्यमंत्री ने मांगों को स्वीकार करते हुए दो-तीन महीने के भीतर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण का आभार जताते हुए कहा कि ग्राम प्रधान संगठन को अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिला।
गुरुकुलम् के मंच से गांवों की शिक्षा का मुद्दा हुआ मुखर
पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का उद्घाटन जहां भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कार और आधुनिक शिक्षा के संगम का संदेश लेकर आया, वहीं कार्यक्रम के दौरान घाट क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने ग्रामीण शिक्षा की जमीनी तस्वीर भी मुख्यमंत्री के सामने रखी।
एक तरफ मुख्यमंत्री का करीब 51 किलो की विशाल पुष्पमाला से स्वागत हुआ, तो दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के भविष्य से जुड़ी मांगों ने कार्यक्रम में अलग संदेश दिया। अब ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि विद्यालयों के उच्चीकरण और अन्य विकास संबंधी मांगों पर शासन स्तर से कब तक ठोस कार्रवाई होती है।



