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कलियर में उर्स का बजा बिगुल! चांद दिखते ही होगी पहली रस्म ‘मेहंदी डोरी’, साबिर पाक के 758वें उर्स को लेकर अकीदतमंदों में बढ़ा जोश,, गुरुवार को चांद नजर नहीं आने से टली रस्म, शुक्रवार को चांद की पुष्टि के बाद निभाई जाएगी मेहंदी डोरी की परंपरा

देशभर से बड़ी संख्या में जायरीनों के पहुंचने की उम्मीद, दरगाह परिसर और आसपास तैयारियां तेज

कलियर में उर्स का बजा बिगुल! चांद दिखते ही होगी पहली रस्म ‘मेहंदी डोरी’, साबिर पाक के 758वें उर्स को लेकर अकीदतमंदों में बढ़ा जोश,,

गुरुवार को चांद नजर नहीं आने से टली रस्म, शुक्रवार को चांद की पुष्टि के बाद निभाई जाएगी मेहंदी डोरी की परंपरा,,

देशभर से बड़ी संख्या में जायरीनों के पहुंचने की उम्मीद, दरगाह परिसर और आसपास तैयारियां तेज

पिरान कलियर। विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स को लेकर अकीदतमंदों में उत्साह बढ़ गया है। उर्स की पहली धार्मिक रस्म ‘मेहंदी डोरी’ शुक्रवार को अदा की जाएगी। गुरुवार 29 सफर को चांद दिखाई नहीं देने के कारण यह रस्म निर्धारित समय पर नहीं हो सकी। अब शुक्रवार को रबीउल अव्वल का चांद दिखाई देने और उसकी पुष्टि होने के बाद मेहंदी डोरी की रस्म अदा की जाएगी।

दरगाह साबिर पाक के सज्जादा नशीन शाह अली ऐजाज कुद्दूसी साबरी ने बताया कि परंपरा के अनुसार रबीउल अव्वल का चांद दिखाई देने के बाद 1 रबीउल अव्वल को मेहंदी डोरी की रस्म अदा की जाती है। इसी धार्मिक परंपरा के तहत शुक्रवार को चांद की पुष्टि के बाद रस्म निभाई जाएगी।

मेहंदी डोरी के साथ शुरू होगा उर्स की रस्मों का सिलसिला

मेहंदी डोरी की रस्म साबिर पाक के सालाना उर्स की महत्वपूर्ण प्रारंभिक रस्मों में मानी जाती है। इस रस्म के साथ ही 758वें सालाना उर्स से जुड़ी धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला आगे बढ़ेगा। रस्म को लेकर दरगाह परिसर में तैयारियां जारी हैं और अकीदतमंदों के आगमन को देखते हुए व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।

उर्स में शामिल होने के लिए उत्तराखंड के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में जायरीनों के पिरान कलियर पहुंचने की उम्मीद है। उर्स के दौरान दरगाह परिसर और आसपास के इलाकों में अकीदतमंदों की भारी भीड़ जुटती है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने भीड़ प्रबंधन, यातायात, सुरक्षा, सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने की चुनौती रहती है।

चांद के दीदार का इंतजार, अकीदतमंदों की निगाहें शुक्रवार पर

गुरुवार को चांद दिखाई नहीं देने के बाद मेहंदी डोरी की रस्म एक दिन आगे बढ़ गई। अब शुक्रवार को चांद की पुष्टि के साथ ही रस्म अदा किए जाने का रास्ता साफ होगा। इसके साथ ही कलियर की फिजाओं में उर्स की धार्मिक गतिविधियों का रंग और गहरा होने की उम्मीद है।

साबिर पाक के उर्स में देश-विदेश से पहुंचने वाले अकीदतमंद दरगाह पर हाजिरी देकर अपनी अकीदत का इजहार करते हैं। आने वाले दिनों में उर्स से जुड़ी विभिन्न धार्मिक रस्में आयोजित होंगी। लिहाजा कलियर में जायरीनों के आने का सिलसिला भी तेज होने की संभावना है। उर्स की पहली रस्म मेहंदी डोरी को लेकर कलियर में तैयारियां तेज हैं और शुक्रवार को चांद की पुष्टि के बाद रस्म अदायगी के साथ ही 758वें उर्स की धार्मिक शुरुआत का औपचारिक सिलसिला आगे बढ़ जाएगा।

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