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ज्वालापुर में कांग्रेस विधायक रवि बहादुर के खिलाफ फूटा कार्यकर्ताओं का गुस्सा, ‘रवि बहादुर हटाओ, कांग्रेस बचाओ’ के नारों से गूंजा विधानसभा ज्वालापुर तेलीवाला,, चुनाव में दिन-रात मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं ने लगाया उपेक्षा और वादाखिलाफी का आरोप, कांग्रेस हाईकमान से टिकट बदलने की उठी मांग,, बैठक में कार्यकर्ताओं ने दी चेतावनी— यदि फिर मिला मौजूदा विधायक रवि बहादुर को टिकट तो आगामी विधानसभा चुनाव में नहीं करेंगे समर्थन, क्षेत्रीय मुद्दों पर भी उठाए सवाल,,

ज्वालापुर में कांग्रेस विधायक रवि बहादुर के खिलाफ फूटा कार्यकर्ताओं का गुस्सा, रवि बहादुर हटाओ, कांग्रेस बचाओ’ के नारों से गूंजा विधानसभा ज्वालापुर तेलीवाला,,

चुनाव में दिन-रात मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं ने लगाया उपेक्षा और वादाखिलाफी का आरोप, कांग्रेस हाईकमान से टिकट बदलने की उठी मांग,,

बैठक में कार्यकर्ताओं ने दी चेतावनी— यदि फिर मिला मौजूदा विधायक रवि बहादुर को टिकट तो आगामी विधानसभा चुनाव में नहीं करेंगे समर्थन, क्षेत्रीय मुद्दों पर भी उठाए सवाल,,

हरिद्वार। ज्वालापुर विधानसभा की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब तेलीवाला क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों की एक बैठक में मौजूदा विधायक रवि बहादुर के खिलाफ खुलकर नाराजगी सामने आई। बैठक के दौरान “रवि बहादुर हटाओ, कांग्रेस बचाओ” के नारे लगाए गए और कांग्रेस हाईकमान से विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी बदलने की मांग की गई। बैठक में मौजूद वक्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पूरी निष्ठा के साथ कांग्रेस के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को जीत के बाद पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।

बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष (राजीव गांधी यूथ ब्रिगेड) मनव्वर हसन ने कहा कि उनका विरोध कांग्रेस पार्टी से नहीं बल्कि वर्तमान विधायक की कार्यशैली से है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर कांग्रेस के पक्ष में मतदान कराया, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उन्हीं कार्यकर्ताओं को महत्व नहीं दिया गया। उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं की पीड़ा लगातार बढ़ती गई और अब यह नाराजगी सार्वजनिक रूप से सामने आ रही है।

बैठक में वक्ताओं ने दावा किया कि क्षेत्र के अनेक जिम्मेदार कार्यकर्ता वर्तमान विधायक के साथ खड़े होने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना था कि यदि कांग्रेस नेतृत्व ने दोबारा उसी प्रत्याशी को मैदान में उतारा तो इसका सीधा असर चुनाव परिणामों पर पड़ेगा। कई कार्यकर्ताओं ने यहां तक कहा कि ऐसी स्थिति में वे किसी अन्य राजनीतिक विकल्प का समर्थन करने पर विचार करेंगे। बैठक के दौरान स्थानीय लोगों ने विकास कार्यों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि सड़क निर्माण, इंटरलॉकिंग, पेयजल, जलभराव, सफाई तथा अन्य जनसमस्याओं को लेकर कई बार जनप्रतिनिधि से मुलाकात की गई और आश्वासन भी मिले, लेकिन अधिकांश समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना था कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद विकास कार्य अपेक्षित स्तर पर धरातल पर दिखाई नहीं दिए।

पूर्व प्रधान जान आलम ने भी बैठक में अपनी बात रखते हुए कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को कई बार विधायक के समक्ष रखा गया, लेकिन आम लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना था कि जनता अब जवाब चाहती है और इसी कारण कार्यकर्ताओं में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

बैठक में मौजूद स्थानीय निवासी तौफीक अंसारी सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य कांग्रेस संगठन को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते नेतृत्व ने जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नहीं समझा तो आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

बैठक के दौरान कई बार “रवि बहादुर हटाओ, कांग्रेस बचाओ” के नारे लगाए गए। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस हाईकमान से मांग की कि ज्वालापुर विधानसभा की वर्तमान राजनीतिक स्थिति की समीक्षा कर ऐसा प्रत्याशी घोषित किया जाए जो कार्यकर्ताओं और जनता के बीच सक्रिय रहकर संगठन को मजबूत कर सके। बैठक में मौजूद कई लोगों ने यह भी कहा कि ज्वालापुर विधानसभा में सड़क, सफाई, पेयजल, जलनिकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे आज भी लोगों के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनका कहना था कि यदि इन समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाता तो आज इस तरह की नाराजगी सामने नहीं आती।

बैठक के अंत में कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि उनकी मांग किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं बल्कि संगठन और क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए उठाई जा रही है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए उचित निर्णय लेने की अपील की। बैठक के बाद यह मामला पूरे ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसकी राजनीतिक गूंज और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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