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हरिद्वार में चुनावी तैयारी का बिगुल! विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर, डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश,, “वोटर सूची में एक भी गलती नहीं चलेगी” — नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारियों के साथ समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश,, “हर मतदाता तक पहुंचे व्यवस्था, हर समस्या का हो समाधान” — कंट्रोल रूम, हेल्पडेस्क और समन्वय तंत्र के साथ जिला प्रशासन ने कसी कमर,,

इन्तजार रजा हरिद्वार – हरिद्वार में चुनावी तैयारी का बिगुल! विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर, डीएम मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश,,

“वोटर सूची में एक भी गलती नहीं चलेगी” — नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारियों के साथ समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश,,

“हर मतदाता तक पहुंचे व्यवस्था, हर समस्या का हो समाधान” — कंट्रोल रूम, हेल्पडेस्क और समन्वय तंत्र के साथ जिला प्रशासन ने कसी कमर,,

हरिद्वार में आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय मोड में नजर आ रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के लिए तैनात नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर 14 मई 2026 को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम घोषित किया जा चुका है। ऐसे में इस पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से संपन्न कराने की जिम्मेदारी प्रशासनिक तंत्र पर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उन्हें सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन गंभीरता, कुशलता और आपसी समन्वय के साथ करना होगा।

जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान कहा कि निर्वाचन से जुड़ा यह कार्य अत्यंत संवेदनशील प्रकृति का है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जिस अधिकारी को जो जिम्मेदारी दी गई है, उससे संबंधित व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

बैठक में अधिकारियों को निर्वाचन आयोग की ओर से जारी गाइडलाइन और दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन करने के निर्देश भी दिए गए। डीएम ने कहा कि यदि कोई अधिकारी नियमों और प्रक्रियाओं को सही ढंग से समझेगा नहीं, तो कार्यों के निष्पादन में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों को समझते हुए तैयारी पूरी रखे।

इस दौरान मयूर दीक्षित ने यह भी कहा कि यदि किसी अधिकारी को कार्य के दौरान किसी प्रकार की समस्या आती है तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत उच्च अधिकारियों और कंट्रोल रूम के माध्यम से उसका समाधान कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को टीमवर्क की भावना से काम करने पर जोर दिया।

मतदाताओं और निर्वाचन कार्यों में लगे कार्मिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला मुख्यालय और तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाने की घोषणा भी की गई। इसके साथ ही हेल्पडेस्क भी बनाए जाएंगे, जहां वोटरों और कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मतदाता सूचना या सुविधा के अभाव में परेशान न हो।

बैठक में मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार, अपर जिलाधिकारी पीआर चौहान, सीओ सदर संजय चौहान, परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नेहा झा, एआरटीओ निखिल शर्मा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासन की इस सक्रियता से साफ संकेत मिल रहे हैं कि हरिद्वार में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अब कागजों से निकलकर जमीनी स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में इसका असर मतदाता सूची सुधार और चुनावी व्यवस्था की मजबूती में भी दिखाई दे सकता है।

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