SIR अभियान की CEO डॉ बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने की समीक्षा, आयुक्तों को फील्ड कैंप के निर्देश,, फॉर्म-6 और फॉर्म-7 के अधिक आवेदनों वाले बूथों पर होगी विशेष सुपर चेकिंग, डीएम करेंगे औचक निरीक्षण

SIR अभियान की CEO डॉ बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने की समीक्षा, आयुक्तों को फील्ड कैंप के निर्देश,,
फॉर्म-6 और फॉर्म-7 के अधिक आवेदनों वाले बूथों पर होगी विशेष सुपर चेकिंग, डीएम करेंगे औचक निरीक्षण

देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने दावे एवं आपत्तियों के चरण को गंभीरता से लेते हुए मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को व्यापक स्तर पर सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए।
CEO ने आयुक्त कुमाऊं को नैनीताल और ऊधमसिंह नगर, जबकि आयुक्त गढ़वाल को देहरादून और हरिद्वार में कैंप करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोनों आयुक्त अपने-अपने निर्धारित जनपदों में आयोग द्वारा तय मानकों के अनुरूप फील्ड विजिट कर SIR प्रक्रिया की जमीनी स्थिति का सत्यापन करेंगे।
अधिक आवेदन वाले बूथों पर विशेष नजर
डॉ. पुरुषोत्तम ने निर्देश दिए कि कैंप के दौरान ऐसे बूथों को विशेष रूप से चिन्हित कर सत्यापित किया जाए, जहां मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 और नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। अधिकारियों को आवेदन पत्रों की वास्तविकता और संबंधित मतदाताओं की पात्रता का मौके पर जाकर सत्यापन करने को कहा गया है।
इसके साथ ही सभी जिलाधिकारियों को भी रेंडम फील्ड विजिट और बूथों के औचक निरीक्षण के माध्यम से सुपर चेकिंग करने के निर्देश दिए गए। CEO ने स्पष्ट किया कि SIR अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक आवेदन की नियमानुसार जांच सुनिश्चित की जाए।
4 और 2 प्रतिशत से अधिक आवेदन पर क्रॉस वेरिफिकेशन
CEO ने सभी जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (EROs) को निर्देशित किया कि जिन बूथों पर फॉर्म-6 के आवेदन 4 प्रतिशत से अधिक तथा फॉर्म-7 के आवेदन 2 प्रतिशत से अधिक प्राप्त हुए हैं, वहां विशेष निगरानी रखते हुए फॉर्म्स का क्रॉस वेरिफिकेशन कराया जाए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए नए नाम जोड़ने, नाम हटाने अथवा संशोधन से संबंधित प्रत्येक प्रक्रिया निर्धारित नियमों और आयोग के मानकों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ की जानी चाहिए।
अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश
बैठक में CEO ने अधिकारियों से कहा कि SIR अभियान केवल कार्यालय स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि अधिकारी फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें। विशेष रूप से अधिक आवेदन वाले बूथों पर सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए, ताकि दावे और आपत्तियों के निस्तारण के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम छूटने या अपात्र नाम के बने रहने की संभावना को दूर किया जा सके। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।



