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पीएम की अपील का असर: आवास से पैदल दफ्तर पहुंचे डीएम, दिया ईंधन बचाने का संदेश!,, “प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी मैदान में, डीएम ने कहा— छोटी पहल से देश को बड़ा लाभ” “आमजन से भी की अपील— अनावश्यक वाहन प्रयोग कम करें, ईंधन बचत से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था और पर्यावरण”

इन्तजार रजा हरिद्वार- पीएम की अपील का असर: आवास से पैदल दफ्तर पहुंचे डीएम, दिया ईंधन बचाने का संदेश!,,

“प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी मैदान में, डीएम ने कहा— छोटी पहल से देश को बड़ा लाभ”

“आमजन से भी की अपील— अनावश्यक वाहन प्रयोग कम करें, ईंधन बचत से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था और पर्यावरण”

प्रधानमंत्री के ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण संबंधी संदेश का असर अब प्रशासनिक अधिकारियों में भी साफ दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में जिले के जिलाधिकारी ने एक अनोखी पहल करते हुए अपने सरकारी आवास से पैदल चलकर कार्यालय पहुंचकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया।डीएम की यह पहल अब चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि लोग छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर देशहित में योगदान दें। अनावश्यक वाहन प्रयोग कम करें, कम दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का उपयोग करें, ताकि ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सके।

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण को लेकर की गई अपील के बाद प्रशासनिक अमला भी सक्रिय नजर आ रहा है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से डीएम ने खुद पैदल दफ्तर पहुंचकर एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया।दफ्तर पहुंचने के दौरान रास्ते में लोगों ने भी जिलाधिकारी का अभिवादन किया और उनकी इस पहल की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि जब बड़े अधिकारी स्वयं आगे आकर संदेश देंगे तो आम जनता पर उसका असर निश्चित रूप से पड़ेगा।

डीएम ने कहा कि वर्तमान समय में ईंधन की बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी है। पेट्रोल और डीजल की खपत कम होने से प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति रोजमर्रा की जिंदगी में थोड़ा बदलाव करे तो इसका बड़ा सकारात्मक परिणाम सामने आ सकता है।उन्होंने लोगों से कार पूलिंग अपनाने, छोटी दूरी के लिए पैदल चलने और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील भी की। डीएम का कहना है कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या में भी कमी आएगी।

सोशल मीडिया पर भी डीएम की यह पहल तेजी से वायरल हो रही है। लोग इसे एक प्रेरणादायक कदम बताते हुए प्रशासनिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का उदाहरण बता रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और युवाओं ने भी इस मुहिम से जुड़ने की बात कही है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकारी अधिकारी और जनप्रतिनिधि इसी तरह आगे बढ़कर जागरूकता अभियान चलाएं तो समाज में सकारात्मक बदलाव तेजी से देखने को मिल सकता है।

अब यह पहल केवल एक पैदल यात्रा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि लोगों के बीच ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर चर्चा का विषय बन चुकी है। आने वाले दिनों में इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।

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