रानीपुर विधानसभा में चुनावी बिगुल! मनोज धनगर ने परिवहन व्यवस्था को बनाया बड़ा मुद्दा, सिडकुल से बिहारीगढ़ तक रोडवेज बसें चलाने की उठाई मांग,, ऑल इंडिया धनगर समाज महासंघ के नेतृत्व में एडीएम के माध्यम से डीएम को सौंपा ज्ञापन; कहा— बढ़ती आबादी के बावजूद रानीपुर क्षेत्र परिवहन सुविधाओं से वंचित,, कांग्रेस नेता मनोज धनगर का भाजपा सरकार और स्थानीय विधायक पर निशाना— जनता महंगे किराए और निजी वाहनों पर निर्भर, क्षेत्र में तत्काल शुरू हो रोडवेज बस सेवा

रानीपुर विधानसभा में चुनावी बिगुल! मनोज धनगर ने परिवहन व्यवस्था को बनाया बड़ा मुद्दा, सिडकुल से बिहारीगढ़ तक रोडवेज बसें चलाने की उठाई मांग,,
ऑल इंडिया धनगर समाज महासंघ के नेतृत्व में एडीएम के माध्यम से डीएम को सौंपा ज्ञापन; कहा— बढ़ती आबादी के बावजूद रानीपुर क्षेत्र परिवहन सुविधाओं से वंचित,,
कांग्रेस नेता मनोज धनगर का भाजपा सरकार और स्थानीय विधायक पर निशाना— जनता महंगे किराए और निजी वाहनों पर निर्भर, क्षेत्र में तत्काल शुरू हो रोडवेज बस सेवा
हरिद्वार। रानीपुर विधानसभा में आगामी चुनावों की आहट के बीच स्थानीय मुद्दों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में ऑल इंडिया धनगर समाज महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता मनोज धनगर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आमजन की सुविधा और बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की मांग को लेकर एडीएम हरिद्वार के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में सिडकुल, रोशनाबाद, बिहारीगढ़ और बीएचईएल क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्गों पर उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों का नियमित संचालन शुरू कराने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि रानीपुर विधानसभा क्षेत्र की आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था आज भी लोगों की जरूरतों के अनुरूप विकसित नहीं हो सकी है। इसका खामियाजा आम नागरिकों, कर्मचारियों, छात्रों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
मनोज धनगर ने कहा कि सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में प्रतिदिन हजारों कर्मचारी काम करने आते-जाते हैं। इसके अलावा रोशनाबाद, बीएचईएल और बिहारीगढ़ क्षेत्र के बीच भी बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है, लेकिन परिवहन निगम की नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को महंगे निजी वाहनों, ऑटो और अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार होने और रानीपुर विधानसभा में लगातार बढ़ती जनसंख्या के बावजूद क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन किसी भी विकसित क्षेत्र की पहचान होता है, लेकिन दुर्भाग्य से रानीपुर विधानसभा के हजारों लोग आज भी बेहतर बस सेवा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

ज्ञापन के दौरान उन्होंने स्थानीय विधायक पर भी निशाना साधते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से परिवहन सुविधाओं की मांग कर रही है, लेकिन इस दिशा में कोई प्रभावी पहल दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है और यदि यह जिम्मेदारी पूरी नहीं होती तो जनता सवाल पूछने के लिए मजबूर होती है।
मनोज धनगर ने बताया कि ज्ञापन में केवल रोडवेज बस संचालन की मांग ही नहीं की गई, बल्कि क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा बाईपास मार्ग से संबंधित लंबित मामलों के समाधान की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। उनका कहना है कि क्षेत्र के विकास और लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने होंगे।
वहीं, ज्ञापन प्राप्त करने के बाद एडीएम हरिद्वार जितेंद्र कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिवहन व्यवस्था से संबंधित विषय को उत्तराखंड परिवहन निगम और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजा जाएगा। एडीएम ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपा गया ज्ञापन जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा तथा संबंधित विभागों को अवगत कराकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़े मामलों पर प्रशासन सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रानीपुर विधानसभा में परिवहन, सड़क, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दे आगामी चुनावों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में मनोज धनगर द्वारा परिवहन व्यवस्था को लेकर उठाया गया यह मुद्दा क्षेत्रीय राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और परिवहन निगम इस मांग पर कितना शीघ्र निर्णय लेते हैं और क्या रानीपुर विधानसभा के लोगों को सिडकुल से बिहारीगढ़ तक रोडवेज बस सेवा की सुविधा मिल पाती है या नहीं। फिलहाल जनता की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



