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पहले सम्मान की बारिश, फिर सख्ती की बारी! SSP नवनीत सिंह ने 32 पुलिसकर्मियों को नवाजा,, अगस्त के ‘पुलिस मैन ऑफ द मंथ’ सम्मान के बाद अपराध समीक्षा में गरजे SSP—लंबित विवेचनाओं पर नजर, त्योहारों में चौकसी बढ़ाने के आदेश

एक तरफ 32 पुलिसकर्मियों के चेहरे पर सम्मान की चमक थी, तो दूसरी तरफ अपराध समीक्षा में अधिकारियों को जिम्मेदारी का आईना दिखाया गया। हरिद्वार पुलिस की इस बैठक ने साफ कर दिया कि बेहतर काम करने वालों को सम्मान मिलेगा, जबकि लंबित मामलों और ड्यूटी में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

पहले सम्मान की बारिश, फिर सख्ती की बारी! SSP नवनीत सिंह ने 32 पुलिसकर्मियों को नवाजा,,

अगस्त के ‘पुलिस मैन ऑफ द मंथ’ सम्मान के बाद अपराध समीक्षा में गरजे SSP—लंबित विवेचनाओं पर नजर, त्योहारों में चौकसी बढ़ाने के आदेश

हरिद्वार।
पुलिस कार्यालय रोशनाबाद में गुरुवार को माहौल कुछ ऐसा रहा, जैसे एक ही मंच पर मेहनत का इनाम और लापरवाही का हिसाब—दोनों तय हो रहे हों। पहले शानदार काम करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मान मिला और इसके बाद अपराध समीक्षा बैठक में लंबित मामलों को लेकर थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।

एसएसपी नवनीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित सैनिक सम्मेलन में अगस्त 2026 के “पुलिस मैन ऑफ द मंथ” के लिए चयनित 32 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। जटिल अपराधों के अनावरण और जनहित में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए इन पुलिसकर्मियों की सराहना की गई।

32 पुलिसकर्मियों के काम पर लगी मुहर

कलियर मेला सेल से हे0का0 जय प्रकाश, हे0का0 संजयराम, कांस्टेबल सचिन और होमगार्ड शेखर सैनी को सम्मानित किया गया।कोतवाली नगर से कांस्टेबल आशीष अधिकारी, श्यामपुर से अ0उ0नि0 रविन्द्र गौड, हे0का0 विकास भट्ट और कांस्टेबल सुशील चौहान, कनखल से अ0उ0नि0 मुन्ना नेगी, कांस्टेबल करम सिंह व नवीन क्षेत्री को सम्मान मिला।

ज्वालापुर से कांस्टेबल अर्जुन चौहान, बहादराबाद से कांस्टेबल पंकज बिष्ट, रानीपुर से महिला उपनिरीक्षक संदीपा भण्डारी और सिडकुल से हे0का0 संजय भी सम्मानित हुए।

गंगनहर से हे0का0 दिनेश गुप्ता, मंगलौर से उपनिरीक्षक जगमोहन रमोला व अ0उ0नि0 श्याम बाबू, कलियर से हे0का0 भादूराम वर्मा, लक्सर से व0उ0नि0 नितिन चौहान तथा सीआईयू रुड़की से कांस्टेबल राहुल नेगी को भी पुरस्कार मिला।

सीपीयू, यातायात, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन, जल पुलिस, फायर स्टेशन मायापुर, स्थानीय अभिसूचना इकाई, पुलिस दूरसंचार और पुलिस लाइन के चयनित पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया गया।

जन्माष्टमी की झांकियों ने भी जीते इनाम

जन्माष्टमी के दौरान थानों और शाखाओं में लगाई गई झांकियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रभारियों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

सम्मान खत्म होते ही शुरू हुआ ‘एक्शन मोड’! अपराध गोष्ठी में SSP ने कसी अफसरों की लगाम

सैनिक सम्मेलन के बाद पुलिस कार्यालय रोशनाबाद के सभागार में अगस्त माह की अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित हुई। एसपी क्राइम निशा यादव, एसपी देहात अभय सिंह, एसपी सिटी दीपक सिंह सहित सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना-शाखा प्रभारी बैठक में शामिल हुए।एसएसपी ने पिछले महीने के अपराध, उनके अनावरण, पुलिस अभियानों और लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की।

लंबित मामलों पर अब नहीं चलेगी ढिलाई

एसएसपी ने निर्देश दिए कि लंबित विवेचनाओं और शिकायतों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। क्षेत्राधिकारी नियमित रूप से थानों में ओआर लेकर लंबित मामलों की समीक्षा करें।

60 और 90 दिन की समयसीमा वाले मामलों में विशेष निगरानी रखने और समय से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एसपी सिटी और एसपी देहात को इसकी नियमित समीक्षा करने को कहा गया।मानवाधिकार आयोग की लंबित जांच और प्रारंभिक जांचों को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।

थाने में फरियादी को मिले सम्मान

थानों में आने वाले नागरिकों से मधुर व्यवहार करने के निर्देश दिए गए। महिला फरियादियों की समस्याएं सुनने के लिए महिला पुलिसकर्मी या महिला उपनिरीक्षक की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया।ऑनलाइन शिकायतों को भी गंभीरता से लेकर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

त्योहारों में बाजार से बैंक तक पुलिस की नजर

त्योहारी सीजन को देखते हुए बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैंक और सर्राफा प्रतिष्ठानों से संपर्क कर सुरक्षा गार्ड तथा सीसीटीवी व्यवस्था की जांच करने को कहा गया।रात्रि गश्त और पिकेट को प्रभावी बनाने के साथ ही शाम के समय थाना प्रभारियों को क्षेत्र में राउंड करने के निर्देश दिए गए।

अज्ञात शवों की पहचान के लिए बनेगा बेहतर नेटवर्क

अज्ञात शव मिलने पर सीमावर्ती जिलों और राज्यों से समन्वय कर पहचान संबंधी जानकारी जुटाने तथा डीसीआरबी को डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

वैज्ञानिक साक्ष्य के बिना जांच अधूरी

गंभीर मामलों में चार्जशीट या अंतिम रिपोर्ट भेजने से पहले वैज्ञानिक साक्ष्यों का ठीक से अध्ययन करने को कहा गया। पुराने माल के निस्तारण और ऑनलाइन शिकायतों की भी समीक्षा के निर्देश दिए गए।निर्माणाधीन थाना भवनों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मी नियुक्त करने को कहा गया।

एक तरफ 32 पुलिसकर्मियों के चेहरे पर सम्मान की चमक थी, तो दूसरी तरफ अपराध समीक्षा में अधिकारियों को जिम्मेदारी का आईना दिखाया गया। हरिद्वार पुलिस की इस बैठक ने साफ कर दिया कि बेहतर काम करने वालों को सम्मान मिलेगा, जबकि लंबित मामलों और ड्यूटी में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

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