Daily Live Uttarakhand updateअतिक्रमणअपराधइन्वेस्टिगेशनउत्तर प्रदेशउत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरेंखुलासागबन

कलियर में वक्फ संपत्तियों पर ‘अवैध कब्जे का खेल’! दरगाह की जमीन और दुकानों को लेकर फिर उठे बड़े सवाल,, वक्फ बोर्ड की सख्ती के बीच संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जे, दुकानों और जमीन के इस्तेमाल को लेकर जांच की मांग तेज,, खटीमा मामले में FIR के बाद कलियर दरगाह वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और आर्थिक लेन-देन की जांच का मुद्दा फिर चर्चा

कलियर में वक्फ संपत्तियों पर ‘अवैध कब्जे का खेल’! दरगाह की जमीन और दुकानों को लेकर फिर उठे बड़े सवाल,,

वक्फ बोर्ड की सख्ती के बीच संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जे, दुकानों और जमीन के इस्तेमाल को लेकर जांच की मांग तेज,,

खटीमा मामले में FIR के बाद कलियर दरगाह वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और आर्थिक लेन-देन की जांच का मुद्दा फिर चर्चा

पिरान कलियर/हरिद्वार–  पिरान कलियर दरगाह की वक्फ संपत्तियां भी सवालों के घेरे में हैं। दरगाह से जुड़ी जमीन, दुकानों और अन्य संपत्तियों के कथित कब्जे तथा प्रबंधन को लेकर लंबे समय से विवाद सामने आते रहे हैं। हाल में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की ओर से प्रदेशभर में वक्फ संपत्तियों पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती की बात कही गई है।

करोड़ों की वक्फ संपत्ति, लेकिन मालिकाना हक और इस्तेमाल पर सवाल!

पिरान कलियर की दरगाह देशभर से आने वाले जायरीनों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में दरगाह से जुड़ी वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड, वास्तविक कब्जा, किराया, लीज और आय का हिसाब सबसे अहम सवाल बन गया है। वक्फ बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल पर भी पिरान कलियर दरगाह को बोर्ड से संबंधित प्रमुख स्थल के रूप में दर्ज किया गया है।

कौन कर रहा इस्तेमाल? किसके नाम है रिकॉर्ड?

दरगाह की संपत्तियों को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि—

  • कौन-कौन सी जमीन वक्फ रिकॉर्ड में दर्ज है?
  • किन संपत्तियों पर वर्तमान में कब्जा है?
  • दुकानों और व्यावसायिक संपत्तियों से कितना किराया आता है?
  • कितनी संपत्तियां वैध लीज या अनुमति पर दी गई हैं?
  • किन संपत्तियों पर बिना वैध अनुमति निर्माण या कब्जे के आरोप हैं?
  • वक्फ संपत्तियों की आय का पूरा हिसाब कहां है?

इन सवालों का जवाब दस्तावेजी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

पुराने विवाद भी खोल रहे हैं संपत्तियों की परतें

पिरान कलियर की वक्फ संपत्तियों को लेकर पहले भी अदालतों में विवाद सामने आ चुके हैं।  उत्तराखंड सरकार की ओर से दरगाह की संपत्ति पर कथित अवैध बिक्री और निर्माण रोकने तथा यथास्थिति बनाए रखने संबंधी निर्देशों का उल्लेख न्यायिक रिकॉर्ड में मिलता है।

वहीं 2021 के एक हाई कोर्ट मामले में दरगाह की संपत्ति और दुकानों/पार्किंग से संबंधित अधिकारों को लेकर विवाद की न्यायिक समीक्षा हुई थी। अदालत ने संबंधित संपत्ति के वक्फ होने की स्थिति में दरगाह के अधिकारों पर भी विचार किया।

वक्फ बोर्ड की सख्ती से बढ़ी हलचल

सितंबर 2026 में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने राज्यभर में वक्फ संपत्तियों और कब्रिस्तानों पर कथित अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार कई स्थानों पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं और संपत्तियों को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की जा रही है। यह उनका सार्वजनिक दावा है, जिसकी प्रत्येक संपत्ति के संबंध में स्वतंत्र दस्तावेजी पुष्टि अलग-अलग आवश्यक होगी।

अब कलियर की संपत्तियों का भी हो ‘जमीन से रिकॉर्ड तक’ सत्यापन

खटीमा मामले में FIR के बाद वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और आर्थिक लेन-देन की जांच का मुद्दा फिर चर्चा में है। ऐसे में कलियर की वक्फ संपत्तियों का भी राजस्व रिकॉर्ड, वक्फ रिकॉर्ड, लीज दस्तावेज, किराया रजिस्टर और मौके की स्थिति से मिलान कराने की मांग उठ सकती है।

सबसे बड़ा सवाल—वक्फ की जमीन, मकान कमरे खानकाहो पर किसका अवैध कब्जा?

दरगाह की संपत्तियों से जुड़े विवाद में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वक्फ रिकॉर्ड में दर्ज संपत्तियों का वास्तविक इस्तेमाल कौन कर रहा है और क्या हर कब्जा, निर्माण तथा व्यावसायिक गतिविधि वैध दस्तावेजों के आधार पर है?

फिलहाल किसी व्यक्ति या संस्था पर अवैध कब्जे का आरोप अंतिम रूप से सिद्ध नहीं माना जा सकता। संबंधित पक्षों का जवाब, राजस्व रिकॉर्ड, वक्फ दस्तावेज और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

Related Articles

Back to top button